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अपना पन्ना
चुनिन्दा पन्ने
बुद्ध कुछ प्रश्नों पर मौन हो जाते हैं, मुस्कुरा उठते हैं, क्यों?
4 years ago
चहेते पन्ने
पूर्णता ही ख़ोख़लेपन का सर्वोच्च और अनन्तिम सत्य है!
4 years ago
चुनिन्दा पन्ने
महात्मा बुद्ध आत्मा को क्यों नकार देते हैं?
4 years ago
चुनिन्दा पन्ने
अधूरापन जीवन है और पूर्णता एक कल्पना!
5 years ago
चुनिन्दा पन्ने
कृष्ण और बुद्ध के बीच मौलिक अन्तर क्या हैं?
5 years ago
चहेते पन्ने
…पर हे कृष्ण! मैं हूँ तुम्हारे साथ, जीने और संग मरने के लिए भी!
5 years ago
चुनिन्दा पन्ने
हम जितने वाचाल, बहिर्मुखी होते हैं, अन्दर से उतने एकाकी, दुखी भी
5 years ago
चुनिन्दा पन्ने
बुद्ध की बताई ‘सम्यक समाधि’, ‘गुरुओं’ की तरह, अर्जुन के जैसी
5 years ago
चुनिन्दा पन्ने
अपने पिंजरे हमें ख़ुद ही तोड़ने होंगे
5 years ago
चहेते पन्ने
सम्यक स्मृति; कि हम मोक्ष के पथ पर बढ़ें, तालिबान नहीं, कृष्ण हो सकें
5 years ago
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