अमेरिका ने भारत से निर्यात होने वाली कई वस्तुओं पर 50% सीमा शुल्क (टैरिफ) लगाने की घोषणा की है। इसे लेकर कई लोग चिन्ता जता…
View More अमेरिका 50% शुल्क से ज्यादा नुकसान तो हमारा पहले से कर रहा है, तो अब क्या फर्क?Tag: अपना पन्ना
अधिक आवाजाही वाले बैंक जैसे प्रतिष्ठानों के सामने पार्किंग व्यवस्था क्यों नहीं होती?
मैं बात मुलताई नगर की कर रहा हूँ, जो मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में आता है। इसलिए कि मैं मुलताई का ही रहने वाला…
View More अधिक आवाजाही वाले बैंक जैसे प्रतिष्ठानों के सामने पार्किंग व्यवस्था क्यों नहीं होती?क्या अमित शाह जल्द ही भारत के प्रधानमंत्री बन सकते हैं?
राजनीति में बहुत सी सम्भावनाएँ संकेतों से पकड़नी पडृती हैं। हालाँकि, इस तरह से पकड़ में आने वाली सम्भावनाओं में से कुछ सही हो जाती…
View More क्या अमित शाह जल्द ही भारत के प्रधानमंत्री बन सकते हैं?धर्म-परम्परा में हाथियों के इस्तेमाल से ‘पेटा’ के पेट में दर्द, रोज कटते पशुओं पर चुप्पी क्यों?
‘पेटा’, मतलब पीपुल्स फॉर एथिकल ट्रीटमेन्ट ऑफ एनीमल्स। इस संगठन की कहानी विचित्र है। देशभर यह संगठन इस बात के लिए अभियान चलाता है कि…
View More धर्म-परम्परा में हाथियों के इस्तेमाल से ‘पेटा’ के पेट में दर्द, रोज कटते पशुओं पर चुप्पी क्यों?ऑस्ट्रेलिया ने ताे बच्चों के लिए यूट्यूब भी प्रतिबन्धित कर दिया, भारत में यह कब होगा?
बचपन मानव जीवन की नींव होता है। लेकिन ये नींव अब दरक रही है क्योंकि बचपन किताबों से चमकता नहीं, बल्कि मोबाइल स्क्रीन की चमक…
View More ऑस्ट्रेलिया ने ताे बच्चों के लिए यूट्यूब भी प्रतिबन्धित कर दिया, भारत में यह कब होगा?मैं खुश हूँ कि भारत ने बन्दूक की नोंक पर अमेरिका से व्यापार समझौता नहीं किया!
“वे मिलकर अपनी मरी हुई अर्थव्यवस्थाओं को गर्त में ले जा सकते हैं।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और रूस पर यह टिप्पणी की…
View More मैं खुश हूँ कि भारत ने बन्दूक की नोंक पर अमेरिका से व्यापार समझौता नहीं किया!बच्चों की आत्महत्या का मसला सिर्फ ‘शोक जताने’ या ‘नियम बनाने” से नहीं सुलझेगा!
अहमदाबाद में महज 15 साल की एक
View More बच्चों की आत्महत्या का मसला सिर्फ ‘शोक जताने’ या ‘नियम बनाने” से नहीं सुलझेगा!अतिथि देवो भव: – तो क्या उनके सामने हम ऐसे नाचने लगेंगे, वह भी दफ्तर में?
‘अतिथि देवो भव:’ अर्थात् मेहमान देवता समान होता है। यह भारतीय संस्कृति में निहित एक मूल्य है। लेकिन लगता है, हमारे भारतीय दफ्तर इस अवधारणा…
View More अतिथि देवो भव: – तो क्या उनके सामने हम ऐसे नाचने लगेंगे, वह भी दफ्तर में?बेटी के नाम 11वीं पाती : तुम्हारे साथ जिया वक्त ही इस समय का असल हासिल है
प्रिय मुनिया मेरी लाडो, मैं तुम्हें यह पत्र तब लिख रहा हूँ, जब हमने हाल ही में अपनी पहली सुखद हवाई यात्रा सम्पन्न की है।…
View More बेटी के नाम 11वीं पाती : तुम्हारे साथ जिया वक्त ही इस समय का असल हासिल हैविवाह के योग्य न रह जाना भारतीय समाज में आज आम प्रचलित बात कैसे हो गई?
अविवाह्य हो जाना अर्थात् विवाह के योग्य न रह जाना आज के समाज में एक आम प्रचलित बात हो गई है। कैसे? दरअसल, इस घटना…
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