कलि युग में भक्ति मार्ग पाखण्ड से घिरा रहता है, इसलिए भगवान के भजन-पूजन, नाम जप, आदि की सुविधा उसके सरलतम रूप में होने पर…
View More ‘सरल भक्तमाल’- 11..: तर्क कोई कितने भी दे, वैष्णव भक्ति के मूल सम्प्रदाय तो चार ही हैं!Tag: प्रेरक
जिन्हें सच्ची खुशी की तलाश, वे आईआईटी प्रवेश परीक्षा में जानबूझकर फेल भी हो जाते हैं!
जिन्दगी अपनी है, चुनाव भी अपने ही होते हैं। ऐसा अक्सर कहा जाता है। लेकिन सही मायने में ऐसा होता नहीं है। ज्यादातर मामलों में…
View More जिन्हें सच्ची खुशी की तलाश, वे आईआईटी प्रवेश परीक्षा में जानबूझकर फेल भी हो जाते हैं!‘सरल भक्तमाल’- 10..: अब हम सीधे कलियुग में हुए भगवान के भक्तों के चरित्र क्यों कहेंगे?
‘श्री भक्तमाल’ के करीब-करीब सभी संस्करणों में कथा का क्रम सत युग में हुए भगवान के भक्तों जीवन प्रसंगों से शुरू होता है। फिर त्रेता…
View More ‘सरल भक्तमाल’- 10..: अब हम सीधे कलियुग में हुए भगवान के भक्तों के चरित्र क्यों कहेंगे?न बँगला-गाड़ी चाहिए, न पूरा वेतन! ‘प्रेरक मिसाल’ है न्यायाधीश अक्षय द्विवेदी का संकल्प!!
मध्य प्रदेश के एक न्यायाधीश इन दिनों देश के मीडिया-सोशल मीडिया की सुर्खियों में छाए हुए हैं। क्यों? क्योंकि उन्होंने न्यायाधीश जैसे बड़े ‘रसूखदार’ पद…
View More न बँगला-गाड़ी चाहिए, न पूरा वेतन! ‘प्रेरक मिसाल’ है न्यायाधीश अक्षय द्विवेदी का संकल्प!!युवक ने जर्मनी छोड़ा, ‘दादी’ ने अमेरिकी नागरिकता, देश के लिए भावना हो तो ऐसी!
करीब तीन साल पहले ओईसीडी (आर्थिक सहयोग और विकास संगठन) देशों (अमेरिका और यूरोप के 38 देश) की एक रिपोर्ट आई थी। इसमें बताया गया…
View More युवक ने जर्मनी छोड़ा, ‘दादी’ ने अमेरिकी नागरिकता, देश के लिए भावना हो तो ऐसी!‘सरल भक्तमाल’- 9…: प्रियादास कौन थे, उन्होंने भक्तमाल-टीका 90 साल बाद कैसे लिखी?
‘श्री भक्तमाल’ के बारे में दिलचस्प बात यह है कि वर्तमान में, इस महान् ग्रंथ की पूर्णता ‘श्री भक्ति रस बोधिनी’ के बिना होती नहीं…
View More ‘सरल भक्तमाल’- 9…: प्रियादास कौन थे, उन्होंने भक्तमाल-टीका 90 साल बाद कैसे लिखी?‘सरल भक्तमाल’- 8…: श्री नाभादास जी का यह नाम कैसे पड़ा, और इसका मतलब क्या है?
श्री भक्तमाल जैसे सुन्दर, महान् ग्रंथ की रचना करने वाले गोस्वामी श्री नाभादास जी का असली नाम यह नहीं था। उनके माता-पिता ने उनका क्या…
View More ‘सरल भक्तमाल’- 8…: श्री नाभादास जी का यह नाम कैसे पड़ा, और इसका मतलब क्या है?‘सरल भक्तमाल’-7…: हनुमान जी हैं बाल-ब्रह्मचारी, तो नाभादास जी ‘हनुमानवंश’ के कैसे?
‘श्री भक्तमाल’ के मुख्य रचनाकार गोस्वामी श्री नाभादास जी के जन्म और वंश के बारे में दो-तीन कहानियाँ कही-सुनी जाती हैं। एक कहानी में उन्हें…
View More ‘सरल भक्तमाल’-7…: हनुमान जी हैं बाल-ब्रह्मचारी, तो नाभादास जी ‘हनुमानवंश’ के कैसे?‘सरल भक्तमाल’-6…: श्री नाभादास जी के हाथों ‘भक्तदाम’ ग्रंथ प्रकट कैसे हुआ?
गोस्वामी श्री नाभादास जी के हाथों जब ‘श्री भक्तमाल’ प्रकट हुआ, जब उन्होंने पहली बार इसे लिखा, तो इसका नाम उन्होंने ‘भक्तदाम’ रखा था। यह…
View More ‘सरल भक्तमाल’-6…: श्री नाभादास जी के हाथों ‘भक्तदाम’ ग्रंथ प्रकट कैसे हुआ?इस लड़की ने दो लाख की नौकरी छोड़कर 60 हजार रुपए महीने में खुशी खरीदी है!
खुशी पाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। ज्यादातर लोग अमूमन बड़ी से बड़ी नौकरी करने की कोशिश करते हैं। मोटी तनख्वाह, ऊपर की कमाई…
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