INS Kaundinya

बिना इंजन वाला भारतीय जहाज ‘कौण्डिन्य’ मस्कट पहुँच गया, तो इससे क्या हासिल हुआ?

इतिहास दोबारा लिख दिया गया। आइएनएसवी कौण्डिन्य मस्कट पहुँच गया! सवाल हो सकता है कि आखिर इसमें ऐसी क्या खास बात है? तो जवाब है…

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Trump-Nobel

नोबेल की लूट है, लूटत बने तो लूट…, और डोनाल्ड ट्रम्प नोबेल लूट ले गए!

कबीर दास जी कह गए थे, “राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट। पाछे फिर पछताएगा, प्राण जाहि जब छूट।।” लगता है अमेरिकी…

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hindutva

क्या नव-हिन्दुत्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए अस्तित्त्व की चुनौती है?

सन 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के साथ हिंदुत्व ने नए चरण में प्रवेश किया है। यह अपने पूर्ववर्ती और आरंभिक रूप अलग…

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Village

कविता : मैं मरते ही ‘शब्द’ हो जाऊँगा, और गाँव की हर किताब के पन्नों पर मिलूँगा…!

मुझे जहान की गर्द में मत ढूँढना प्यारे।मैं जब नहीं रहूँगा, तो गाँव की उसी ‘सुनहरी-भस्म’ के साथ उड़ता मिलूँगा, जिसे तुम धूल कहते हो।…

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Indore-Bhagirathpura

इन्दौर : आपने हमें विफल कर दिया, साफ शहर में गन्दे पानी से मौतें, शर्मनाक!

इन्दौर, आपने हमें विफल कर दिया! शर्म की बात है कि देश का सबसे साफ शहर अपने लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक…

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RedTapism

लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच की ‘दीवार’ का नाम- ‘संवेदनहीन नौकरशाही’

एक छोटी-सी समस्या के समाधान के लिए व्यक्ति फ़ाइलों के जंगल में भटकता है। फोन उठाने से लेकर जवाब देने तक हर कदम पर दीवार…

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Indian Knowledge System

ध्यान रखिए, भविष्य में दुनिया अगर बचेगी तो भारत के यथार्थ ज्ञानतंत्र से ही!

जब हमारा नजरिया संकीर्ण होता है, तो हम सामने हाजिर मजमून को ही बेजा अहमियत दे देते हैं। यह भूल स्वाभाविक है। हाल के दिनों…

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Aravali

अरावली बंजर भूमि नहीं जीवित अवसंरचना है, इसे सिर्फ ऊँचाई से मत नापिए

अरावली पर्वतमाला विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है। यह पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी के रूप में सदियों से…

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Dhurandhar

धुरंधर : तमाम अस्वीकरण के बावजूद साफगोई से अपनी बात कहने वाली फिल्म!

फिल्में कालखण्ड का प्रतिनिधित्त्व करती हैं। वे अपने समय के भाषा-विचार, बिम्ब-पूर्वाग्रह-तकनीक और मूल्यों का चित्रण करती हैं। लेकिन कुछ फिल्में प्रवाहमान काल के बदलावों…

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indigo

इण्डिगो संकट : क्या भारत सरकार अब वन्दे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के बारे में सोचेगी?

देश में अभी हाल ही में उपजे ‘इण्डिगो संकट’ ने लोगों को ट्रेनों, बसों और निजी कारों की तरफ मुड़ने के लिए मजबूर कर दिया…

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