अल-सुबह सबसे पहले उठना। देर रात सबसे बाद में सोना। परिवार के एक-एक सदस्य की छोटी से बड़ी, हर चीज का ख्याल रखना। घर के…
View More हम खुद मजबूत होंगे, तब ही किसी की मदद कर सकेंगेTag: अपना पन्ना
‘ग्रामोदय से भारत उदय’ की अवधारणा नानाजी देशमुख की थी, हम उसी से फूटे अंकुर हैं!
मैं प्रमोद पांडे। वर्तमान में अमेरिका के कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय में व्याख्याता (Professor) हूँ। हालाँकि मैं मूल रूप से मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट से…
View More ‘ग्रामोदय से भारत उदय’ की अवधारणा नानाजी देशमुख की थी, हम उसी से फूटे अंकुर हैं!इस वीडियो से वह वज़ह जानते हैं कि नानाजी देशमुख शरदोत्सव के लिए तैयार क्यों हुए?
नानाजी देशमुख ने अगर अपने सहयोगी डॉक्टर भरत पाठक जी को शरदोत्सव के तौर पर अपनी जयन्ती मनाने की सहमति दी तो वह यूँ ही…
View More इस वीडियो से वह वज़ह जानते हैं कि नानाजी देशमुख शरदोत्सव के लिए तैयार क्यों हुए?नानाजी देशमुख शरदोत्सव के रूप में अपना जन्मदिन मनाने को तैयार कैसे हुए?
महाराष्ट्र के कडोली गाँव (हिंगोली जिला) में 11 अक्टूबर 1916 को जब नानाजी देशमुख का जन्म हुआ, उस दिन शरद पूर्णिमा थी। कहा जाता है, शरद पूर्णिमा…
View More नानाजी देशमुख शरदोत्सव के रूप में अपना जन्मदिन मनाने को तैयार कैसे हुए?क्यों हमें ‘कुमारी’ अबू बाकेर और इस्लामिक कीर्तन परम्परा के बारे में जानना चाहिए?
अभी कुछ रोज पहले तक कर्नाटक (दक्षिण भारतीय) संगीत के एक बड़े गायक हुआ करते थे। नाम था, ‘कुमारी’ अबुबाकेर। जैसा नाम दिलचस्प, वैसा ही…
View More क्यों हमें ‘कुमारी’ अबू बाकेर और इस्लामिक कीर्तन परम्परा के बारे में जानना चाहिए?नानाजी देशमुख, जिनका ‘ग्राम-स्वराज’ आज के ‘आत्मनिर्भर भारत’ की राह दिखाता है
भारत में छह लाख से अधिक गाँव हैं। देश की अधिकांश जनसंख्या इन्हीं गाँवों में रहती है। हालाँकि वर्तमान दौर में गाँवों की बड़ी आबादी रोजगार के लिए…
View More नानाजी देशमुख, जिनका ‘ग्राम-स्वराज’ आज के ‘आत्मनिर्भर भारत’ की राह दिखाता हैआज का दिन वायरस यानि विषाणुओं की तारीफ़ का, जानते हैं क्यों?
विषाणु (Virus) हमारे जीवन में सिर्फ़ विष यानि नकारात्मकता नहीं लाते। वे हमें काफी कुछ सकारात्मक भी देते हैं। बल्कि कुछ विषाणु तो अच्छे ही माने…
View More आज का दिन वायरस यानि विषाणुओं की तारीफ़ का, जानते हैं क्यों?हेमा से लता और फिर ‘भारत रत्न’ लता मंगेशकर: ये संघर्ष, साधना, सादगी के सफर का नाम है!
लता मंगेशकर की ज़िन्दगी का शायद ही कोई पहलू ऐसा होगा, जिसे छुआ न गया हो। जिसके बारे में लिखा या पढ़ा न गया हो। फिर…
View More हेमा से लता और फिर ‘भारत रत्न’ लता मंगेशकर: ये संघर्ष, साधना, सादगी के सफर का नाम है!यूरोपीय भाषा दिवस, जिसमें हिन्दी से जुड़े विवादों का समाधान भी छिपा है!
अभी इसी महीने की 14 तारीख को ‘हिन्दी दिवस’ मनाया गया। हर साल मनाया जाता है। लेकिन हर बार हिन्दी के प्रसार के लिए होने वाले…
View More यूरोपीय भाषा दिवस, जिसमें हिन्दी से जुड़े विवादों का समाधान भी छिपा है!मेरे 18,424 रुपए कहाँ गए? जमीन खा गई या आसमान निगल गया?
मैंने 17 अगस्त 2020 को फ्लिपकार्ट से एक मोबाइल फ़ोन मँगवाया। सामान बताए गए पते पर पहुँचने के बाद भुगतान करने (कैश ऑन डिलीवरी) का वहाँ कोई विकल्प नहीं था। इसलिए…
View More मेरे 18,424 रुपए कहाँ गए? जमीन खा गई या आसमान निगल गया?