कभी-कभी व्यक्ति का सिर्फ़ नज़रिया देखकर भी उससे काम ले लेना चाहिए! यह मैं अपने जीवन के सच्चे अनुभव से कह रहा हूँ। मैंने कुछ…
View More कभी-कभी व्यक्ति का सिर्फ़ नज़रिया देखकर भी उससे काम ले लेना चाहिए!Tag: रोचक-सोचक
दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाले हैं हम, असम्भव लगने वाले सपने भी सच होते हैं!
जाने-माने कारोबारी आनन्द महिन्द्रा ने अभी हाल में अपनी एक प्रतिक्रिया सार्वजनिक की। वह हमेशा ही विभिन्न मसलों पर अपनी प्रतिक्रियाएँ सार्वजनिक करते रहते हैं।…
View More दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने वाले हैं हम, असम्भव लगने वाले सपने भी सच होते हैं!शुभमन से सुनिए- ‘ज़िम्मेदारियाँ कितनी भी हों, एक समय में एक पर ध्यान देंगे तभी सफल होंगे’
भारत की टैस्ट क्रिकेट टीम का कप्तान बनने के बाद शुभमन गिल ने पहली बार अपने मन की बात साझा की है। भारतीय क्रिकेट कन्ट्रोल…
View More शुभमन से सुनिए- ‘ज़िम्मेदारियाँ कितनी भी हों, एक समय में एक पर ध्यान देंगे तभी सफल होंगे’‘मैसूर पाक’ का नाम ‘मैसूर श्री’ कर भी दिया तो क्या इससे उसकी मिठास कम हो गई?
जयपुर, राजस्थान की कुछ मिठाई की दुकानों के मालिक इन दिनों चर्चा में हैं। उन्होंने हर उस मिठाई का नाम बदल दिया है, जिनके साथ…
View More ‘मैसूर पाक’ का नाम ‘मैसूर श्री’ कर भी दिया तो क्या इससे उसकी मिठास कम हो गई?क्यों भारत को अब अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लाना ही होगा?
उम्मीद करता हूँ कि भारत को जल्दी ही यह एहसास हो जाए कि हमें अब अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ज़रूरत है? ख़ासकर इस तथ्य…
View More क्यों भारत को अब अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लाना ही होगा?पराजित सेनापति को तरक़्क़ी देने वाला ‘विचित्र’ देश पाकिस्तान, पर इसका मतलब पता है?
पाकिस्तान विचित्र सा मुल्क़ है। यह बात फिर साबित हो गई है। अभी एक दिन पहले ही वहाँ की शाहबाज़ शरीफ़ सरकार ने अपने सेना…
View More पराजित सेनापति को तरक़्क़ी देने वाला ‘विचित्र’ देश पाकिस्तान, पर इसका मतलब पता है?मेरे प्यारे गाँव! मैं अपनी चिता भस्म से तुम्हारी बूढ़ी काया का श्रृंगार करूँगा
मेरे प्यारे गाँव तुम्हारी सौंधी मिट्टी की सुगन्ध से गुँथा हुआ तुम्हारा पत्र मिला। तुम्हारा हर शब्द मेरी आत्मा के चिथड़ जाने का गवाह है।…
View More मेरे प्यारे गाँव! मैं अपनी चिता भस्म से तुम्हारी बूढ़ी काया का श्रृंगार करूँगाकोशिश तो खूब कर रहे हैं, मगर अमेरिका को ‘ग्रेट’ कितना बना पा रहे हैं ट्रम्प?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लगभग वह सब कर रहे हैं, जो उनसे अपेक्षित था। लेकिन वे वहीं तक रुक नहीं रहे। वह सबसे खराब…
View More कोशिश तो खूब कर रहे हैं, मगर अमेरिका को ‘ग्रेट’ कितना बना पा रहे हैं ट्रम्प?समाचार चैनलों को सर्कस-नौटंकी का मंच बनाएँगे तो दर्शक दूर होंगे ही!
आज रविवार, 18 मई के एक प्रमुख अख़बार में ‘रोचक-सोचक’ सा समाचार प्रकाशित हुआ। इसमें बताया गया कि अभी 7 से 10 मई के दौरान…
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मेरे प्यारे बाशिन्दे, मैं तुम्हें यह पत्र लिखते हुए थोड़ा सा भी खुश नहीं हो पा रहा हूँ कि इस बार मेरी अमराई (आम का…
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