टीम डायरी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर शुभकामनाओं और बधाईयों के साथ ज्ञान तो पर्याप्त लिया-दिया जा रहा है। मीडिया और सोशल मीडिया दोनों अपनी भूमिका निभा रहे हैं, लोगों को यह बताने में कि श्रीकृष्ण के जीवन से क्या ले सकते हैं। क्या सीख सकते हैं। कर्म, धर्म, नीति, कूटनीति, प्रबन्धन और पता नहीं क्या-क्या। यद्यपि यह बताने वाले लोग न के बराबर ही हैं कि हम परमेश्वर श्रीकृष्ण को क्या दे सकते हैं! वह ईश्वर हैं तो क्या हुआ, उनकी भी हमसे कुछ अपेक्षाएँ होती होगी आखिर। वह क्या हैं? उत्तर नीचे दिए इस वीडियो में है।
ईश्वर को हम शुभेच्छाएँ दे सकते हैं। उन्हें अपना निकटतम, अनन्य मानकर, अपनी भावना, अपना भाव, अपनी सेवा, अपनी भक्ति दे सकते हैं। बस, इतनी ही तो अपेक्षा होती है ईश्वर की हमसे। इस वीडियो में गाए जा रहे भक्तिभाव के गीत का यही सार है… जुग-जुग जीवै री यशोदा मैया तेरो ललना। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर प्रासंगिकता देखते हुए इसे ‘भक्तिपथ’ यू-ट्यूब चैनल से लिया गया है, साभार।
