Nikesh-WFH

हम ईंधन बचाते हैं और अपना समय भी, क्योंकि हमें अमेरिकी महँगाई भारत नहीं लानी!

निकेश जैन, इंदौर मध्य प्रदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तमाम कामकाजी लोगों को (मौजूदा ऊर्जा संकट को देखते हुए) सुझाव दिया है कि वे दफ्तर जाने के बजाय घर से काम करें। 

अलबत्ता, हम तो अपनी कम्पनी की शुरुआत से ही घर से काम कर रहे हैं। इस तरह देश के लिए लगातार ईंधन बचा रहे हैं। गौर करने की बात है कि घर से काम करते हुए हमारी उत्पादकता में भी कोई कमी नहीं आई है, बल्कि वह बढ़ी ही है। हमने इस दौरान विश्वस्तरीय प्लेटफॉर्म (सूचना-तकनीक क्षेत्र में सेवाओं से जुड़ा मंच) बनाया है। भारत की कई कम्पनियों के लिए हमारा यह प्लेटफॉर्म मददगार साबित हो रहा है। 

मतलब घर से काम करना कारगर साबित हुआ है। कम से कम हमारे लिए तो हाँ। हमारा मानना है कि अगर हम सही कार्य-संस्कृति का निर्माण करें, सभी चीजों पर कायदे से नियंत्रण रखें, तो घर से काम करते हुए भी हमारे साथी शानदार नतीजे दे सकते हैं। हमारी कम्पनी में सभी लोग उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं। 

यही नहीं, मेरे महीने भर के पेट्रोल का बिल भी 10,000 रुपए से घटकर 2,000 रुपए रह गया है। यानि हर महीने सिर्फ एक व्यक्ति से 8,000 रुपए के पेट्रोल की बचत! सिर्फ एक व्यक्ति से! सोचिए, अगर लाखों लोग सप्ताह में महज तीन दिन ही घर से काम करने लगें, तो कितने ईंधन की बचत हो जाएगी!! इसीलिए मैं उम्मीद करता हूँ, बल्कि भराेसा करता हूँ कि अधिक से अधिक कम्पनियाँ प्रधानमंत्री की सलाह मानेंगीं। 

यही नहीं, घर से काम करते हुए मुझे दिन में करीब पाँच बार कॉफी पीने की जरूरत पड़ती है, तो वह भी मैं एलपीजी (द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस) के बिना ही बनाता हूँ, बिजली से चलने वाले स्टोव की मदद से। इस तरह, दफ्तर न जाकर तो  ईंधन बचाता ही हूँ, एलपीजी का उपयोग कम कर के भी यही काम करता हूँ। इतना ही नहीं, मैंने बीते 20 साल से सोना नहीं खरीदा है और अगले 20 साल तक खरीदने की योजना भी नहीं है। 

इस तरह, मैं अपनी ओर से देश की प्रगति में जो योगदान दे सकता हूँ, वह लगातार दे रहा हूँ। जानते हैं क्यों? क्योंकि मैं अमेरिकी महँगाई को भारत नहीं लाना चाहता!!! (मेरी यह आखिरी बात जिन लोगों को भी समझ न आई हो, वह थोड़ा अर्थशास्त्र का अध्ययन करें, सब समझ में आ जाएगा।) 

क्या ख्याल है?

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निकेश का मूल लेख

PM Modi suggested to WFH to save fuel…

We have been working from home since our inception and saving fuel for the country!! Our productivity is high! We have developed a world class platform! Which is helping many organisations in India!

By working from home! This approach works…If you build the right culture, Put right controls; Your team can produce amazing things; Even if they WFH.

My petrol bill has come down to ₹2000 from ₹10,000 per month! That’s how much fuel is saved every month – just by one person!!

Just imagine if lakhs of people WFH even 3 days in a week How much fuel will get saved!! Hope more companies will follow PM Modi’s advice.

I make my tea daily – using an electric stove. As I WFH, I make tea around 5 times a day!! But without using LPG…

No office commute to save imported fuel and reduced imported LPG usage. I have not bought gold in the last 20 years and have no plans to buy in the next 20 years 🙂

I am doing my bit. Why? Because I don’t want to import US inflation to India!!!

(if you don’t understand my last statement, please go deep in economics)

Thoughts? 

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(निकेश जैन, मूल रूप से इंदौर के रहने वाले हैं। व्यावसायिक सुविधा के लिहाज से बेंगलुरू में भी उनका निवास है। वह सूचना-तकनीक क्षेत्र की कंपनी- एड्यूरिगो टेक्नोलॉजी के सह-संस्थापक हैं। उनकी अनुमति से उनका यह लेख अपेक्षित संशोधनों और भाषायी बदलावों के साथ #अपनीडिजिटलडायरी पर लिया गया है। मूल रूप से अंग्रेजी में उन्होंने इसे लिंक्डइन पर लिखा है।)

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82 – पुणे और बेंगलुरू के यातायात के लिए आज अगर कोई उम्मीद है, तो वह मेट्रो!
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