टीम डायरी
यह सूचना भी है और जागरुकता प्रसार का प्रयास भी। पहले सूचना, जिसके मुताबिक भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) छोटे बच्चों के आधार अपडेट कराने के लिए नागरिकों को एक विशेष सुविधा देने जा रहा है। जानकारी है कि यूआईडीएआई बच्चों के आधार में बायोमैट्रिक जानकारी अपडेट कराने का इंतिजाम स्कूलों में करने वाला है।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भुवनेश कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में बच्चों के आधार अपडेट कराने की सुविधा चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी। अभी इस सुविधा का परीक्षण चल रहा है, जो 45-60 दिनों के भीतर पूरा हो जाएगा। इसके बाद स्कूलों में माता-पिता की अनुमति से बच्चों का आधार अपडेट कराया जा सकेगा।
उन्हाेंने बताया कि देश में लगभग सात करोड़ बच्चों ने अब तक आधार अपडेट नहीं कराया है। जबकि पाँच और 15 साल की उम्र पूरी करते ही आधार में बायोमैट्रिक जानकारियाँ अपडेट कराना अनिवार्य है। इसमें अगर पाँच से सात साल के बच्चों की बायोमैट्रिक जानकारी अपडेट कराई जाती है, तो वह निशुल्क होती है। यानि उसका पैसा नहीं लगता। जबकि इससे ऊपर की उम्र के नागरिकों से हर अपडेशन के लिए निश्चित शुल्क लिया जाता है। शुल्क यूआईडीएआई ने निर्धारित किया हे।
अब इसी बाबत एक जानकारी। सोमवार, 21 जुलाई को ही भोपाल के एक स्थानीय अखबार में प्रकाशित किया है कि आधार सेवा केन्द्रों पर सभी लोगों से हर अपडेशन के दोगुने पैसे वसूल किए जा रहे हैं। जैसे- अगर आधार में मोबाइल नम्बर अपडेट कराना है, तो उसके लिए 50 रुपए की फीस निर्धारित है। लेकिन सेवा केन्द्र वाले 100 रुपए शुल्क लेते हैं। अपडेशन के बाद अगर कोई बाकी पैसे वापस माँगता है, तो वह लौटाने में आना-कानी करते हैं। कई बार तो झगड़े की भी नौबत आ जाती है।
लिहाजा, बेहतर है कि बच्चों को ऐसे झंझटों से बचाया जाए। जब यूआईडीएआई सुविधा दे रहा है, तो उसका इस्तेमाल किया जाए। सो, जैसे ही स्कूलों में बच्चों का आधार अपडेशन शुरू हो, करा लीजिएगा।
