अंग्रेजी की कहावत है, “फर्स्ट इमप्रेशन इज़ द लास्ट इम्प्रेशन।” अक्सर हम सुनते रहते हैंl और इस कहावत का मतलब अक्सर किसी के कपड़ों से…
View More अपने मुल्क के तौर-तरीक़ों और पहनावे से लगाव रखना भी देशभक्ति हैCategory: चुनिन्दा पन्ने
ओरछा : उद्दंड आधुनिकता से ‘मूल हुआ निर्मूल’, कैसे? देखिए इस वीडियो में!
यह वीडियाे देवांशु झा ने बनाया है। देवांशु झारखंड के देवघर से ताल्लुक़ रखते हैं। दिल्ली में लगभग 20 वर्ष तक टीवी पत्रकारिता कर चुके…
View More ओरछा : उद्दंड आधुनिकता से ‘मूल हुआ निर्मूल’, कैसे? देखिए इस वीडियो में!क्या रेस्टोरेंट्स और होटल भी अब ‘हनी ट्रैप’ के जरिए ग्राहक फँसाने लगे हैं?
हमारा समाज ऐसा है, जिसमें हर कोई ख़ुद को सम्पूर्ण ज्ञानी मानता है। और अपनी या अपने फैसले की तुलना में दूसरे को कमतर या…
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वर्षा की ऋतु निकल चुकी है। लेकिन बारिश इन दिनों कभी भी हो जाया करती है। आज भी हो रही है। उसे देखकर मन में…
View More इस मौसम में बारिश! हम प्रकृति का तारतम्य बिगाड़ क्यों रहे हैं?हमास के हमले पर इजराइली प्रतिकार से भारतीय जनमानस क्यों अभिभूत है?
जब इजराइल में युवाओं, बच्चों, वृद्धों और स्त्रियों पर खूनी हमले हुए और उन्हें मध्ययुगीन गुलामों के मानिन्द बंधक बनाकर हमास के हमलावर ले जाते…
View More हमास के हमले पर इजराइली प्रतिकार से भारतीय जनमानस क्यों अभिभूत है?घर में बच्चों को ‘लैंगिक समानता’ के बारे में भी बताएँ, ताकि वे आगे कोई भेद न करें
वैसे तो हम सब इस विषय से भली-भाँति परिचित हैं, लेकिन मैं आपको फिर से याद दिला दूँ। ‘लैंगिक समानता’ का मतलब पुरुषों, महिलाओं सहित…
View More घर में बच्चों को ‘लैंगिक समानता’ के बारे में भी बताएँ, ताकि वे आगे कोई भेद न करें‘संस्कृत की संस्कृति’ : भाषा और व्याकरण का स्रोत क्या है?
मानव अपनी माता के गर्भ से ही भाषा से परिचित होना शुरू कर देता है। कोई ऐसा नहीं जो अपने विचारों को व्यक्त नहीं करता…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : भाषा और व्याकरण का स्रोत क्या है?देश में अदालतें क्या एक बन्द प्रणाली की तरह काम कर रही हैं?
हमारे देश की न्यायिक व्यवस्था में ऐसी ढाँचागत त्रुटियाँ हैं, जिसके चलते वह समाज को नैतिक और सदाचारपरक मूल्य आधारित समर्थन प्रणाली देने में अक्षम…
View More देश में अदालतें क्या एक बन्द प्रणाली की तरह काम कर रही हैं?‘मायावी अंबा और शैतान’ : वह पैर; काश! वह उस पैर को काटकर अलग कर पाती
“डर के साए में, और मैं? साली, हरामजादी, मैं इस पूरे इलाके का बादशाह हूँ, बादशाह…, समझी तू!”“अभी वक्त है, सँभल जा। हम सिर्फ इतना…
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सोशल मीडिया और मीडिया किस तरह किसी की सामग्री के साथ व्यवहार करता है, यह लोकप्रिय कविता इसका ताज़ा उदाहरण है। चीरहरण के कुअवसर पर…
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