हर पहलू से रोचक-सोचक है, ये दास्तां। दास्तां, एक मजदूर की। दास्तां, उस मजदूर के सबसे सम्मानित शख़्सियतों में शुमार होने की। दास्तां, कंकर के शंकर हो…
View More 13 फरवरी 2021 : तारीख, कंकर के शंकर हो जाने की!Category: चुनिन्दा पन्ने
‘कमाल की पाकीज़ा’ का 50वाँ साल
कमाल यूँ ही नहीं होते। सालों-साल लगते हैं, उनके होने में। गढ़ने में, बढ़ने में। लेकिन जब होते हैं, तो यक़ीनी तौर पर सालों-साल ही…
View More ‘कमाल की पाकीज़ा’ का 50वाँ सालक्रिकेट मैच ही नहीं, जीवन-संघर्ष में टिके रहने के गुर सिखाता है ‘ब्लॉकेथॉन’
क्रिकेट से तो हम में से तमाम लोग वाकिफ़ हैं, लेकिन क्या ‘ब्लॉकेथॉन’ (Blockathon) को जानते-समझते हैं? सम्भव है, क्रिकेट से ताल्लुक रखने वाले कई…
View More क्रिकेट मैच ही नहीं, जीवन-संघर्ष में टिके रहने के गुर सिखाता है ‘ब्लॉकेथॉन’धार्मिक समाज को इतने अत्याचार क्यों सहना पड़ रहा है?
परसों शाम अस्पताल से लौटते वक्त मन कुछ अंतर्मुखी हो रहा था। जीवन की सभी परिक्षाओं को लेकर मन में उहापोह हो रही थी और दो…
View More धार्मिक समाज को इतने अत्याचार क्यों सहना पड़ रहा है?A portrait of MissC
This story was narrated to me by my uncle from the maternal side when I visited him in 2004. After retirement, he chose to stay…
View More A portrait of MissCकेल्हौरा की कहानी बताती है कि गाँव के भीतर से ही जल, जंगल, ज़मीन की सूरत बदल सकती है!
ये एक छोटे से गाँव की बड़ी कहानी है। देखी जा सकती है, सुनी जा सकती है और गुनी भी। यानि इस पर विचार किया…
View More केल्हौरा की कहानी बताती है कि गाँव के भीतर से ही जल, जंगल, ज़मीन की सूरत बदल सकती है!‘ग्रामोदय से भारत उदय’ की अवधारणा नानाजी देशमुख की थी, हम उसी से फूटे अंकुर हैं!
मैं प्रमोद पांडे। वर्तमान में अमेरिका के कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय में व्याख्याता (Professor) हूँ। हालाँकि मैं मूल रूप से मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट से…
View More ‘ग्रामोदय से भारत उदय’ की अवधारणा नानाजी देशमुख की थी, हम उसी से फूटे अंकुर हैं!इस विज्ञापन से क्या हम कुछ सीख सकते हैं?
ये एक विज्ञापन है। लेकिन बेहद प्रासंगिक, संवेदनशील और सामाजिक सन्देश देने वाला। सामाजिक इसलिए क्योंकि मातृशक्ति रूप बेटियों की अहमियत हमेशा ही कम आँके…
View More इस विज्ञापन से क्या हम कुछ सीख सकते हैं?क्यों हमें ‘कुमारी’ अबू बाकेर और इस्लामिक कीर्तन परम्परा के बारे में जानना चाहिए?
अभी कुछ रोज पहले तक कर्नाटक (दक्षिण भारतीय) संगीत के एक बड़े गायक हुआ करते थे। नाम था, ‘कुमारी’ अबुबाकेर। जैसा नाम दिलचस्प, वैसा ही…
View More क्यों हमें ‘कुमारी’ अबू बाकेर और इस्लामिक कीर्तन परम्परा के बारे में जानना चाहिए?परिवेश कैसे बच्चों में संस्कार डालता है, इस वीडियो से समझ सकते हैं
बच्चों में पड़ने वाले हर संस्कारों में, वे अच्छे हों या बुरे, परिवेश की भूमिका अहम होती है। ये इस वीडियो को देखकर समझा जा…
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