Shriniwas Ramanujan

“अगर मैं एक शब्द में श्रीनिवास रामानुजन को समाना चाहूँ तो कहूँगा, ‘भारतीयता’।”

यह बड़ी अजीब सी बात है कि साहित्यिक होते हुए भी मैं किसी कवि या लेखक की जीवनगाथा पढ़कर उतना द्रवित कभी न हो सका,…

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Healing

सुनिए…आप उनको “सुन-भर” लेंगे, तो वे “जी-भर जी” लेंगे

“सर क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं?” ऐसा सुनने के बाद मेरे लिए “हाँ” कहना बड़ा ही कठिन होता। फिर भी बहुत आत्मविश्वास से…

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Keet-Patanga

अद्भुत : देख, समझकर मुँह से यही निकलेगा!

संवेदनाएँ, भावनाएँ, रिश्ते, नाते, रिवाज़, ‘संस्कार (अंतिम भी)… ये सिर्फ़ इंसानों के दायरे में ही आने वाली चीज़ें नहीं हैं। बल्कि इन लफ़्ज़ों के अपने…

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Zakir Hussain

सुर, लय, ताल नहीं बिगड़नी चाहिए… चाहे कुछ भी हो जाए!

हिन्दुस्तान के मशहूर तबला-वादक उस्ताद ज़ाकिर हुसैन के किसी कार्यक्रम का यह छोटा-सा वीडियो ज़िन्दगी का बड़ा सबक है। ग़ौर कीजिए, एक मुश्किल, एक बाधा…

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mrachkatikam-12

मृच्छकटिकम्-12 : संसार में पुरुष को मित्र और स्त्री ये दो ही सबसे प्रिय होते हैं

वसंतसेना से मुक्त होने के बाद मदनिका अब शर्विलक से साथ गाड़ी में बैठकर चलने को तैयार है। तभी घोषणा सुनाई देती है कि किसी…

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Vaishnawi Dance

नृत्य की आधुनिकता में परम्परा का मेल!

आम तौर पर लोग परम्पराओं में आधुनिकता का घाल-मेल किया करते हैं। लेकिन भोपाल की भरतनाट्यम-प्रशिक्षु वैष्णवी द्विवेदी ने स्व-प्रेरणा से ही आधुनिक कंपोजीशन ‘स्वल्ला’ में…

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mrachkatikam-11

मृच्छकटिकम्-11 : गुणवान निर्धन गुणहीन अमीर से ज्यादा बेहतर होता है

ये आभूषण चारुदत्त के घर से चुराए गए हैं, ऐसा पता चलते ही वसंतसेना और मदनिका बेहोश हो जाती हैं। शर्विलक मदनिका को सचेत करने…

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mrachkatikam-8

मृच्छकटिकम्-9 : पति की धन से सहायता करने वाली स्त्री, पुरुष-तुल्य हो जाती है

सोए हुए ‘मैत्रेय’ द्वारा कसम देने से ‘शर्विलक’ आभूषणों की पेटी ले लेता है। तभी वहाँ ‘रदनिका’ के आने की आहट सुनाई देती है। इससे…

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mrachkatikam-8

मृच्छकटिकम्-8 : चोरी वीरता नहीं…

‘वसंतसेना’ से ‘कर्णपूरक’ फिर कहता है, “आप इस दुपट्टे को ओढ़कर बहुत अच्छी लग रही हैं।” लेकिन इस बात पर ध्यान दिए बगैर ‘वसंतसेना’ पूछती…

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mrachkatikam-7

मृच्छकटिकम्-7 : दूसरों का उपकार करना ही सज्जनों का धन है

“आर्य चारुदत्त का नाम लेने से मेरी इतनी सेवा हो रही है। धन्य हो आर्य चारुदत्त, धरती पर मात्र आप जीवित हैं। बाकी तो बस…

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