Gursaurabh Singh

अपनी स्वदेशी साइकिल… नहीं, बैटरी वाली स्वदेशी साइकिल

दिल्ली की एक नई-नवेली कम्पनी है, ‘ध्रुव विद्युत’। इसके संस्थापक गुरुसौरभ ने एक बढ़िया नवाचार किया है। उन्होंने हवाई जहाजों को बनाने में इस्तेमाल की…

View More अपनी स्वदेशी साइकिल… नहीं, बैटरी वाली स्वदेशी साइकिल

अयि गिरि नन्दिनि, नन्दितमेदिनि, विश्वविनोदिनि नंदिनुते

नव-वर्ष, नव-संवत्सर, माँ दुर्गा की आराधना के नव-दिवस और इस मौके पर भरत-नाट्यम नृत्य के साथ माँ महिषासुरमर्दिनी की स्तुति, आराधना। भोपाल, मध्य प्रदेश की…

View More अयि गिरि नन्दिनि, नन्दितमेदिनि, विश्वविनोदिनि नंदिनुते

हम सभी भारतीयता के रंग से सराबोर हों

होलीकोत्सव रंगों का उत्सव है। इसमें कोई भी रंग किसी से अलग नहीं बल्कि सभी मिलकर एक-रंग हो जाते हैं। हमारा देश अपनी विविधताओं से, विविध…

View More हम सभी भारतीयता के रंग से सराबोर हों

सोनम वांगचुक से समझें, कैसे सुधरेंगे हमारे सरकारी स्कूल

सोनम वांगचुक को देश ही नहीं, दुनिया के दूसरे देशों में भी लोग जानते हैं। शिक्षाविद्। हमेशा नवाचार में लगे रहने वाले। हर समय देश…

View More सोनम वांगचुक से समझें, कैसे सुधरेंगे हमारे सरकारी स्कूल

विजयादशमी, 24 राग…एक विजया-स्तुति!

विजया दशमी पर शक्ति की आराधना का इससे बेहतर तरीका शायद ही कोई दूसरा हो सकता है। इस वीडियो में दिख रहीं गायिका सावनी शेंडे…

View More विजयादशमी, 24 राग…एक विजया-स्तुति!

गुरु पूर्णिमा पर स्वरांजलि की ‘पियाली’

भारत की समृद्ध गुरु-शिष्य परम्परा अगर कहीं अब भी अपने श्रेष्ठ स्वरूप (कुछ अगर-मगर छोड़ दें, तो बहुतायत) में है तो वह या तो आध्यात्म…

View More गुरु पूर्णिमा पर स्वरांजलि की ‘पियाली’

मैं उन्हीं लाखों लाशों की तरफ़ से आप से माफ़ी माँगता हूँ

बीते दो-तीन दिनों राज्यसभा के सदस्य प्रोफेसर मनोज झा का सदन में दिया यह भाषण ख़बरिया ( Media) और सामाजिक माध्यमों (Social Media) पर चल…

View More मैं उन्हीं लाखों लाशों की तरफ़ से आप से माफ़ी माँगता हूँ

ऐसा हम नहीं, बड़े-बुज़ुर्ग कह गए हैं…

बड़ों की बातें हैं। इसी तरह की होती हैं। सालों पहले कही जाती हैं। सालों बाद तक सुनी जाती हैं। उनकी कीमत कहे जाते वक्त…

View More ऐसा हम नहीं, बड़े-बुज़ुर्ग कह गए हैं…

कबीर की वाणी, कोरोना की कहानी…साधो ये मुर्दों का गाँव…!

आज संत कबीरदास जी की जयन्ती है। ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा तिथि। सन् 1398 में कबीरदास जी का जन्म हुआ, ऐसा बताया जाता है। मतलब आज…

View More कबीर की वाणी, कोरोना की कहानी…साधो ये मुर्दों का गाँव…!

खुशी, कुछ सीखो अपनी बहन परेशानी से!

एक छोटी सी कविता। बड़ा सा विचार। ये बताता है कि ख़ुशी की तलाश में भटकते हम दरअसल उसे अपने नज़दीक देख नहीं पाते। महसूस…

View More खुशी, कुछ सीखो अपनी बहन परेशानी से!