कहने को तो यह एक बोध-कथा है। लेकिन गौर करें तो सम-बोधकथा सी लगेगी। ऐसी जो समान रूप से हमारी भावनाओं, संवेदनाओं को सम्बोधित करती…
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केल्हौरा की कहानी बताती है कि गाँव के भीतर से ही जल, जंगल, ज़मीन की सूरत बदल सकती है!
ये एक छोटे से गाँव की बड़ी कहानी है। देखी जा सकती है, सुनी जा सकती है और गुनी भी। यानि इस पर विचार किया…
View More केल्हौरा की कहानी बताती है कि गाँव के भीतर से ही जल, जंगल, ज़मीन की सूरत बदल सकती है!हम खुद मजबूत होंगे, तब ही किसी की मदद कर सकेंगे
अल-सुबह सबसे पहले उठना। देर रात सबसे बाद में सोना। परिवार के एक-एक सदस्य की छोटी से बड़ी, हर चीज का ख्याल रखना। घर के…
View More हम खुद मजबूत होंगे, तब ही किसी की मदद कर सकेंगेशरद शिव-स्तुति उत्सव
शरद पूर्णिमा पर भगवान कृष्ण को खीर का भोग लगाना। वृन्दावन की गोपियों के साथ उनके महारास को याद करना। उन्हें नौका विहार कराना। ये…
View More शरद शिव-स्तुति उत्सव‘ग्रामोदय से भारत उदय’ की अवधारणा नानाजी देशमुख की थी, हम उसी से फूटे अंकुर हैं!
मैं प्रमोद पांडे। वर्तमान में अमेरिका के कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय में व्याख्याता (Professor) हूँ। हालाँकि मैं मूल रूप से मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट से…
View More ‘ग्रामोदय से भारत उदय’ की अवधारणा नानाजी देशमुख की थी, हम उसी से फूटे अंकुर हैं!इस वीडियो से वह वज़ह जानते हैं कि नानाजी देशमुख शरदोत्सव के लिए तैयार क्यों हुए?
नानाजी देशमुख ने अगर अपने सहयोगी डॉक्टर भरत पाठक जी को शरदोत्सव के तौर पर अपनी जयन्ती मनाने की सहमति दी तो वह यूँ ही…
View More इस वीडियो से वह वज़ह जानते हैं कि नानाजी देशमुख शरदोत्सव के लिए तैयार क्यों हुए?विजयादशमी पर ‘शक्ति का नाद, शक्ति द्वारा, शक्ति के लिए’!
विजयादशमी, यानि विजय के उद्घोष का दिन। ये उद्घोष अगर ‘शक्ति का, शक्ति द्वारा और शक्ति के लिए’ हो तो? प्रश्न जितना ‘रोचक’ (Interesting) है,…
View More विजयादशमी पर ‘शक्ति का नाद, शक्ति द्वारा, शक्ति के लिए’!इस विज्ञापन से क्या हम कुछ सीख सकते हैं?
ये एक विज्ञापन है। लेकिन बेहद प्रासंगिक, संवेदनशील और सामाजिक सन्देश देने वाला। सामाजिक इसलिए क्योंकि मातृशक्ति रूप बेटियों की अहमियत हमेशा ही कम आँके…
View More इस विज्ञापन से क्या हम कुछ सीख सकते हैं?परिवेश कैसे बच्चों में संस्कार डालता है, इस वीडियो से समझ सकते हैं
बच्चों में पड़ने वाले हर संस्कारों में, वे अच्छे हों या बुरे, परिवेश की भूमिका अहम होती है। ये इस वीडियो को देखकर समझा जा…
View More परिवेश कैसे बच्चों में संस्कार डालता है, इस वीडियो से समझ सकते हैंनानाजी देशमुख, जिनका ‘ग्राम-स्वराज’ आज के ‘आत्मनिर्भर भारत’ की राह दिखाता है
भारत में छह लाख से अधिक गाँव हैं। देश की अधिकांश जनसंख्या इन्हीं गाँवों में रहती है। हालाँकि वर्तमान दौर में गाँवों की बड़ी आबादी रोजगार के लिए…
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