गुरु पूर्णिमा पर स्वरांजलि की ‘पियाली’

भारत की समृद्ध गुरु-शिष्य परम्परा अगर कहीं अब भी अपने श्रेष्ठ स्वरूप (कुछ अगर-मगर छोड़ दें, तो बहुतायत) में है तो वह या तो आध्यात्म…

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मैं उन्हीं लाखों लाशों की तरफ़ से आप से माफ़ी माँगता हूँ

बीते दो-तीन दिनों राज्यसभा के सदस्य प्रोफेसर मनोज झा का सदन में दिया यह भाषण ख़बरिया ( Media) और सामाजिक माध्यमों (Social Media) पर चल…

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ऐसा हम नहीं, बड़े-बुज़ुर्ग कह गए हैं…

बड़ों की बातें हैं। इसी तरह की होती हैं। सालों पहले कही जाती हैं। सालों बाद तक सुनी जाती हैं। उनकी कीमत कहे जाते वक्त…

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कबीर की वाणी, कोरोना की कहानी…साधो ये मुर्दों का गाँव…!

आज संत कबीरदास जी की जयन्ती है। ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा तिथि। सन् 1398 में कबीरदास जी का जन्म हुआ, ऐसा बताया जाता है। मतलब आज…

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खुशी, कुछ सीखो अपनी बहन परेशानी से!

एक छोटी सी कविता। बड़ा सा विचार। ये बताता है कि ख़ुशी की तलाश में भटकते हम दरअसल उसे अपने नज़दीक देख नहीं पाते। महसूस…

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संघर्ष और साधना की ये कहानी सिर्फ़ सिद्धू की नहीं, शख़्सियत बने हर शख़्स की ह्रै

नवजोत सिंह सिद्धू। भारतीय क्रिकेट की दुनिया में धाकड़ बल्लेबाज के तौर पर जाना-पहचाना नाम। फिर जब क्रिकेट की दुनिया छोड़ी तो वक्तृत्व कला (Art…

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चरित्र जब पवित्र है, तो क्यूँ है ये दशा तेरी?

साल 2016 में एक फिल्म आई थी, ‘पिंक’। समाज में महिलाओं की व्यथा, उनकी पीड़ा, उनके संघर्ष को दिखाती एक कहानी। इसी फिल्म में एक…

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‘आयुष्मान् भव’ या ‘आयुष् मा भव’ यानि ‘चिरायु हों’ अथवा ‘चिरायु न हों’?

ये पहला वीडियो मध्य प्रदेश के भोपाल शहर के ‘आम शख़्स’ योगेश बलवानी का है। और दूसरा शहर के बड़े ‘ख़ास अस्पताल’ चिरायु के प्रबन्धक…

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हिन्दी, हिंग्लिश, तमिलिश

देश के जाने-माने चित्रकार, कहानीकार, संपादक, आकाशवाणी अधिकारी और टेलीफिल्म निर्माता प्रभु जोशी जी ने इसी चार मई को हमेशा के लिए आँखें बन्द कर…

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एक कहानी ; उम्मीद के दीए की…

  वक़्त मुश्किल है। एक अदृश्य दुश्मन (कोरोना) है, जिसने मानवता के ख़िलाफ़ जंग छेड़ रखी है। हमारे घरों में घुसकर हमारे अपनों को वह…

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