संघर्ष और साधना की ये कहानी सिर्फ़ सिद्धू की नहीं, शख़्सियत बने हर शख़्स की ह्रै

ज्योति प्रकाश त्यागी, भोपाल, मध्य प्रदेश से, 28/5/2021

नवजोत सिंह सिद्धू। भारतीय क्रिकेट की दुनिया में धाकड़ बल्लेबाज के तौर पर जाना-पहचाना नाम। फिर जब क्रिकेट की दुनिया छोड़ी तो वक्तृत्व कला (Art of Oratory) के क्षेत्र में उससे भी बड़ा नाम। राजनीति में आए तो उसमें भी पीछे की बेंच पर नहीं ही दिखे।

लोग अक्सर उनके ये कारनामे देख चौंकते हैं। पूछते हैं- कैसे कर पाए इतना कुछ? हर किसी के वश में तो नहीं होता? कोई एक जन्म में किसी एक क्षेत्र विशेष को ही अच्छी तरह साध ले, वही बड़ी बात है?

तो इन सवालों के ज़वाब सिद्धू ख़ुद देते हैं। इस वीडियो में वे क्रिकेटर बनने के अपने संघर्ष और साधना का छोटा सा (निश्चित तौर पर पूरा नहीं है ये) किस्सा साझा कर रहे हैं। लेकिन वे जो सूत्र बता रहे हैं, वह लागू हर जगह होता है।

दुनिया के किसी भी कामयाब शख़्स के शख़्सियत बन जाने के सफ़र पर गौर कर लें। कमोबेश सभी की साधना, संघर्ष की कहानियाँ एक सी निकलेंगी। ये हमें बार-बार बताती रहेंगी, याद दिलाएँगी कि सफलता का कोई छोटा रास्ता (Short Cut) नहीं होता।

इस वीडियो के इसी बेशकीमती तत्व की वज़ह से मैंने अपनी क्रिकेट अकादमी के हर सदस्य के साथ इसे साझा किया है। ताकि हमारे उदीयमान खिलाड़ी इस अनुशासन, ऐसी साधना और इस तरह के संघर्ष की अहमियत समझ सकें। 

 #अपनीडिजिटलडायरी को भी यह वीडियो भेजने का मक़सद बस इतना ही है। इस मंच के जरिए जो भी इस वीडियो से बावस्ता हो, वह जीवन में कुछ कर गुजर जाने की अनिवार्य शर्तों को पहचान सके। उन्हें ध्यान रखकर आगे बढ़े।  

—–

(ज्योति प्रकाश त्यागी, भोपाल की अंकुर क्रिकेट अकादमी के संचालक हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षक हैं। खेलों, खासकर क्रिकेट, के विषय पर अच्छी पकड़ रखते हैं। यह वीडियो उन्होंने वॉट्सएप के जरिए #अपनीडिजिटलडायरी को भेजा है।)

सोशल मीडिया पर शेयर करें
Apni Digital Diary

Share
Published by
Apni Digital Diary

Recent Posts

जनगणना हो रही है, जनसंख्या बढ़ रही है और आंध्र में आबादी बढ़ाने वालों को ‘इनाम’!

देश में जनगणना होने वाली है। मतलब जनसंख्या कितनी है और उसका स्वरूप कैसा है,… Read More

15 hours ago

एक यात्रा, दो मुस्लिम ड्राइवर और दोनों की सोच….सूरत-ए-हाल गौरतलब!

अभी एक तारीख को किसी जरूरी काम से भोपाल से पन्ना जाना हुआ। वहाँ ट्रेन… Read More

3 days ago

सेवा-तीर्थ में ‘भारतीय भाषाओं’ की सेवा नहीं हुई, आगे शायद ही हो!! वीडियो से समझिए!

भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर का उद्घाटन 13 फरवरी 2026 को हुआ। इसे… Read More

6 days ago

भ्रष्ट-आचार अब एक शिष्ट-विचार, इसे खत्म करना मुश्किल, दो उदाहरणों से समझिए कैसे?

‘भ्रष्ट’ का अर्थ है- जब कोई अपने धर्म (कर्तव्य-पथ) से दूर हट जाए और ‘आचार’… Read More

7 days ago

ईस्ट इण्डिया कम्पनी फिर ‘दफन’, और ‘गुलाम-सोच’ लिखती है- “सूरज डूब गया”!

ऐसी सूचना है कि अंग्रेजों की ईस्ट इण्डिया कम्पनी फिर दिवालिया हो गई और उसका… Read More

1 week ago