टीम डायरी
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू के वृहद् बेंगलुरू प्राधिकरण (ग्रेटर बेंगलुरू अथॉरिटी- जीबीए) ने एक अनोखी पहल की है। यह पहल पूरे देश के शहरों, कस्बों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिहाज से कारगर हो सकती है। बशर्ते, इसे ठीक तरह से लागू किया जाए।
सूचना के अनुसार जीबीए ने उन लोगों को नगद इनाम देने की घोषणा की है, जाे गन्दगी फैलाने वालों का सबूत देंगे। इसके लिए प्राधिकरण ने एक अन्य सरकारी निकाय- बेंगलुरू ठोस कचरा प्रबन्धन लिमिटेड (बीएसडब्ल्यूएमएल) से हाथ मिलाया है। दोनों निकाय मिलकर एक समर्पित व्हाट्सएप नम्बर जारी करने वाले हैं। सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर भी समर्पित खाते (हैण्डल) होंगे। इसके अलावा एक एप्लीकेशन (एप) भी बनाई जा रही है। सभी बन्दोबस्त एक सप्ताह के भीतर हो जाएँगे।
इसके बाद आम नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने मोबाइल से सड़कों पर गन्दगी फैलाने वालों के वीडियो बनाएँ, तस्वीर खीचें और उन्हें समर्पित माध्यमों (जिनका ऊपर जिक्र किया गया है) पर साझा करें। वीडियो, तस्वीरें आदि ऐसी हों, जिनसे गन्दगी फैलाने वालों की पहचान उजागर हो। ऐसा करने वालों को जीबीए की ओर से हर बार 250 रुपए का नगद इनाम मिलेगा।
यही नहीं, जीबीए की ओर से पिछले सप्ताह एक और पहल की गई है। इसे ‘कचरा उतार महोत्सव’ (गार्बेज डम्पिंग फेस्टिवल) नाम दिया गया है। इसके तहत जो लोग सड़कों या सार्वजनिक स्थलों पर गन्दगी फैलाते हुए देखे जाते हैं, उनका फेंका गया कचरा उन्हीं के घर के दरवाजे पर ले जाकर डाल दिया जाता है। इसे ‘प्रतीकात्मक उपहार’ बताया जाता है। ऐसा, जिससे गन्दगी फैलाने वालों को शर्मिन्दगी महसूस हो और वे अगली बार इसी तरह का काम करने से पहले दो-चार बार सोचें जरूर।
हैं न अच्छी पहलें? इनका समर्थन किया जाना चाहिए और दूसरे शहरों, कस्बों के निकायों द्वारा भी इसी तरह के प्रयास किए जाने चाहिए।
