पिछले हफ़्ते मैं बहुत थका हुआ महसूस कर रहा था। थोड़े फ़ुर्सत के पल बिताना चाहता था। लिहाज़ा, मैंने फ़ैसला किया कि मैं शनिवार को…
View More क्रिकेट से दूर रहने के इतने सालों बाद भी मैं बल्लेबाज़ी करना भूला कैसे नहीं?Author: From Visitor
‘प्लवक’ हमें साँसें देते हैं, उनकी साँसों को ख़तरे में डालकर हमने अपने गले में फ़न्दा डाला!
कक्षा 12वीं की अंग्रेजी की किताब का एक चैप्टर है, ‘द एंड ऑफ द अर्थ’। यह हमें बताता है कि किस प्रकार मनुष्य की गतिविधियाँ…
View More ‘प्लवक’ हमें साँसें देते हैं, उनकी साँसों को ख़तरे में डालकर हमने अपने गले में फ़न्दा डाला!…फिर आदेश आता है कि शैक्षणिक कार्यो को प्राथमिकता पर रखें, कैसे रखें?
कभी आदेश होता है, “बच्चों को हीट-स्ट्रोक से बचने के उपाय बताएँ। उन्हें जागरूक करें। उनका ख्याल रखें।” हालाँकि मैं ऐसे आदेश के बिना भी…
View More …फिर आदेश आता है कि शैक्षणिक कार्यो को प्राथमिकता पर रखें, कैसे रखें?सिर्फ़ 72 घंटे में पीएफ की रकम का भुगतान, ये नया भारत है!
मैंने लगभग 20 साल तक अपने भविष्य निधि (पीएफ) ख़ाते में योगदान दिया। पैसा जमा कराया। लेकिन बीते तीन साल से पैसे जमा करने बंद…
View More सिर्फ़ 72 घंटे में पीएफ की रकम का भुगतान, ये नया भारत है!‘संस्कृत की संस्कृति’ : व्यक्ति अपने प्रयास से वर्ण-परिवर्तन करता रहा है, इसके उदाहरण हैं
हमने इस श्रृंखला की पिछली कड़ियों में आचार्य के ‘निरुक्त’ में आए बहुत से विषय देखे। उसी प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए आज ‘समुद्र’ शब्द…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : व्यक्ति अपने प्रयास से वर्ण-परिवर्तन करता रहा है, इसके उदाहरण हैं‘मायावी अम्बा और शैतान’ : “मुझे डायन कहना बंद करो”, अंबा फट पड़ना चाहती थी
अंबा नहीं जानती थी कि वह इस पर कैसे प्रतिक्रिया दे। कोई उसके बारे में बड़ी आसानी से इतनी अधिक जानकारी कैसे रख सकता है?…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : “मुझे डायन कहना बंद करो”, अंबा फट पड़ना चाहती थीक्या उदारवाद के स्वयंभू ठेकेदार अब खुद अपने ही जाल में फँस रहे हैं?
आईवी लीग यूनिवर्सिंटीज (अमेरिका के आठ निजी विश्वविद्यालयों का समूह) से शुरू हुए यहूदी विरोध और फलिस्तीन समर्थकों के प्रदर्शन ने अब अमेरिका के शिक्षा…
View More क्या उदारवाद के स्वयंभू ठेकेदार अब खुद अपने ही जाल में फँस रहे हैं?‘मानवरूपी दानव’ विकराल हो गया है, इसका विनाश होना ही चाहिए
हम लिखते हैं। किसलिए? क्या होगा लिखने से? लिखने-लिखाने से जो सूचनाएँ प्रसारित होती हैं, उन्हें देख-पढ़कर लोग भूल जाते हैं। कुछ तो पढ़ते ही…
View More ‘मानवरूपी दानव’ विकराल हो गया है, इसका विनाश होना ही चाहिएभारत के राष्ट्रीय राजमार्ग अब अमेरिका से भी बेहतर हैं, कैसे?
भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग = अमेरिका की सड़कें + भारतीय खाना। जी हाँ, भारत और अमेरिका के राजमार्गों में अगर आज के लिहाज से कोई…
View More भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग अब अमेरिका से भी बेहतर हैं, कैसे?विश्व पृथ्वी दिवस : प्लास्टिकयुक्त होकर प्लास्टिकमुक्त कैसे होगा हमारा प्लेनेट?
“सर प्लास्टिकमुक्त अभियान का क्या मतलब है? क्या कल से हम कोई प्लास्टिक की चीजें इस्तेमाल नहीं करेंगे?”, कक्षा में एक बच्चे ने अपने शिक्षक…
View More विश्व पृथ्वी दिवस : प्लास्टिकयुक्त होकर प्लास्टिकमुक्त कैसे होगा हमारा प्लेनेट?