वह रोध था, दुख के कारण आधा पगलाया हुआ सा। अभी जो भी उसके पास आने की कोशिश करता, वह उसे बंदूक लहराकर डराने की…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : किसी लड़ाई का फैसला एक पल में नहीं होताAuthor: From Visitor
भारत के लोग बैठकों में समय पर नहीं आते, ये ‘आम धारणा’ सही है या ग़लत?
भारत के लोग आधिकारिक बैठकों में समय पर नहीं आते, यह एक ‘आम धारणा’ है। लेकिन क्या यह सही है? ज़वाब को दो उदाहरणों से…
View More भारत के लोग बैठकों में समय पर नहीं आते, ये ‘आम धारणा’ सही है या ग़लत?क्या वेद और यज्ञ-विज्ञान का अभाव ही वर्तमान में धर्म की सोचनीय दशा का कारण है?
सनातन धर्म के नाम पर आजकल अनगनित मनमुखी विचार प्रचलित और प्रचारित हो रहे हैं। इन्हें आधुनिक उदारता के नाम पर राजाश्रय मिला हुआ है।…
View More क्या वेद और यज्ञ-विज्ञान का अभाव ही वर्तमान में धर्म की सोचनीय दशा का कारण है?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मैडबुल दहाड़ा- बर्बर होरी घाटी में ‘सभ्यता’ घुसपैठ कर चुकी है
आकाश रक्तिम हो रहा था। स्तब्ध ग्रामीणों पर किसी दु:स्वप्न की तरह छाया हुआ था। साँकल के पीछे प्रोपेन गैस के टैंक रखे थे, जो…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मैडबुल दहाड़ा- बर्बर होरी घाटी में ‘सभ्यता’ घुसपैठ कर चुकी हैदेखिए, मीडिया कैसे पक्षपाती तौर पर काम करता है, मेरे अनुभव का किस्सा है!
मीडिया कैसे पक्षपाती तौर पर काम करता है, इसका मुझे कुछ महीनों पहले ख़ुद अनुभव हुआ। बात तब की है, जब एक कार्यक्रम के सिलसिले…
View More देखिए, मीडिया कैसे पक्षपाती तौर पर काम करता है, मेरे अनुभव का किस्सा है!choose wisely, whatever we are doing will help us in our future or not
The word youth refers to the age between childhood to adulthood. And if we talk about the power of the youth of our country we…
View More choose wisely, whatever we are doing will help us in our future or notनास्तिक मत आखिर कितने सनातनी?
पिछले भाग में हमने देखा सनातन वैदिक संस्कृति को बाँधने वाली शक्ति यज्ञ है। कुछ वैदिक यज्ञों में पशुवध भी होता रहा है, उसका वास्तविक…
View More नास्तिक मत आखिर कितने सनातनी?‘मायावी अम्बा और शैतान’: नकुल मर चुका है, वह मर चुका है अंबा!
भड़ाक्………… एक कर्णभेदी धमाका हुआ। उस आवाज ने उसकी सुनने, सोचने, समझने की ताकत को थोड़ी देर के लिए कुंद कर दिया। कराहने की आवाजें…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: नकुल मर चुका है, वह मर चुका है अंबा!‘मायावी अम्बा और शैतान’: डर गुस्से की तरह नहीं होता, यह अलग-अलग चरणों में आता है!
डर गुस्से की तरह नहीं होता। यह अलग-अलग चरणों में आता है, जिन्हें गिना नहीं जा सकता। डर को सन्दूक में बन्द नहीं कर सकते।…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: डर गुस्से की तरह नहीं होता, यह अलग-अलग चरणों में आता है!ज़िन्दगी में कुछ अनुभव हमें विनम्र बना जाते हैं, बताता हूँ कैसे…पढ़िएगा!
ज़िन्दगी में कुछ अनुभव हमें विनम्र बना जाते हैं, बताता हूँ कैसे…पढ़िएगा! मैं बस से बद्रीनाथ धाम से ऋषिकेश लौट रहा था। क़रीब 10 घंटे…
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