क्या कभी किसी ने हमें-आपको बताया कि सिकन्दर को भारत की सीमा के भीतर अपने आधिपत्य का विस्तार करने से वास्तव में चाणक्य ने रोका…
View More करीब 2,500 साल पुरानी चाणक्य की सोच और सबक आज भी प्रासंगिक कैसे है?Author: From Visitor
सांसद मेधाताई कुलकर्णी, जिनके पास सच कहने का साहस है और सलीका भी!
राजनेताओं को मैं आमतौर पर बहुत पसन्द नहीं करता, लेकिन आज मैं यहाँ एक ‘छोटी’ राजनेता की प्रशंसा में लिख रहा हूँ। पिछले 75 वर्षों…
View More सांसद मेधाताई कुलकर्णी, जिनके पास सच कहने का साहस है और सलीका भी!जहाँ के पत्थर भी ‘हीरा’, वह बुन्देलखण्ड अपनी अलग पहचान कब पाएगा और कैसे?
‘हीरे’ का आशय सिर्फ हीरे से मत निकालिए, बल्कि उन बहुमूल्य खनिजों से इसका अर्थ जोड़िए जो हर कहीं उपलब्ध नहीं होते। हालाँकि बुन्देलखण्ड के…
View More जहाँ के पत्थर भी ‘हीरा’, वह बुन्देलखण्ड अपनी अलग पहचान कब पाएगा और कैसे?“इस वैश्विक स्थिति में स्वावलम्बी भारत ही अपनी शर्तों पर स्वाभिमान के साथ खड़ा रहेगा”
डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जी ने आज से 100 वर्ष पूर्व जिस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का बीजारोपण किया था, वह आज शतायु होकर एक…
View More “इस वैश्विक स्थिति में स्वावलम्बी भारत ही अपनी शर्तों पर स्वाभिमान के साथ खड़ा रहेगा”जीएसटी ‘भूल-सुधार उत्सव’ : श्रेय किसको, राहुल गाँधी या बिहार चुनाव?
केन्द्र सरकार के आर्थिक सलाहकारों को आखिरकार समझदारी का परिचय देते हुए जनता की आवाज सुनने पर मजबूर होना पड़ा है। इसी के तहत, उन्होंने…
View More जीएसटी ‘भूल-सुधार उत्सव’ : श्रेय किसको, राहुल गाँधी या बिहार चुनाव?आरएसएस के 100 वर्ष : अगर वाकई महात्मा गाँधी की हत्या में संघ का हाथ होता तो….!
आज, विजयादशमी से 100 वर्ष पूर्व डॉक्टर केशव बलीराम हेडगेवार जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना की थी। आज संघ 101वें वर्ष में…
View More आरएसएस के 100 वर्ष : अगर वाकई महात्मा गाँधी की हत्या में संघ का हाथ होता तो….!पुतलों का दहन नहीं, मन और समाज की बुराइयों का संहार दशहरे का असली सन्देश!
दशहरा सच्चे अर्थ में विजयादशमी तब बनेगा, जब हम अपने भीतर के अहंकार, वासना और लोभ को परास्त करेंगे। जब हम यह समझेंगे कि पुतलों…
View More पुतलों का दहन नहीं, मन और समाज की बुराइयों का संहार दशहरे का असली सन्देश!गरबा-डांडिया रात के समय और फिल्मी धुनों पर ही क्यों, जबकि…?
दिल्ली, मुम्बई, भोपाल, इन्दौर जैसे शहरों और गुजरात जैसे राज्यों में आजकल ‘डांडिया-नाइट’ और ‘गरबा-नाइट’ का चलन जोरों पर है। इस तरह के कार्यक्रमों में…
View More गरबा-डांडिया रात के समय और फिल्मी धुनों पर ही क्यों, जबकि…?भांजी के नाम पत्र : जीवन की निर्ममता से पार पाने के लिए अपनी हँसी को बनाए रखना होगा
प्रिय गुल्लू मैं तुम्हें यह पत्र तब लिख रहा हूँ, जब तुम समय के रथ पर सवार होकर जीवन के 21 वर्ष पूरे कर चुकी…
View More भांजी के नाम पत्र : जीवन की निर्ममता से पार पाने के लिए अपनी हँसी को बनाए रखना होगाजन्म तिथि : एक विचारधारा हैं ‘शहीद’ भगत सिंह, आइए , उनकी ‘धारा को आगे बढ़ाएँ
भारत के यशस्वी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और क्रान्तिकारी शहीद भगत सिंह की आज, 28 सितम्बर को जन्म तिथि है। कुछ जगहों पर
View More जन्म तिथि : एक विचारधारा हैं ‘शहीद’ भगत सिंह, आइए , उनकी ‘धारा को आगे बढ़ाएँ