वैश्विक राजनीति में एक महीने का समय काफी लम्बा होता है। अभी कल तक ट्रम्प (अमेरिकी राष्ट्रपति) छुरी और बन्दूक लेकर मोदी जी के पीछे पड़े…
View More एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब भारत मोदी जी के नेतृत्त्व का शुक्रिया अदा करेगाAuthor: From Visitor
पीढ़ियाँ बदलना स्वाभाविक है, लेकिन हर पीढ़ी की ताकत और सीख को समझना जरूरी है
भारत में गाँव और शहर में अनुभव अलग हैं। पीढ़ियों का असर और भी विविध है। गाँव के बच्चे आज भी पारम्परिक खेलों और सामाजिक…
View More पीढ़ियाँ बदलना स्वाभाविक है, लेकिन हर पीढ़ी की ताकत और सीख को समझना जरूरी है‘जेन-अल्फा’ वाले बच्चों को अनुरूप तरीके से कैसे पालें? ये कुछ सुझाव हैं
‘जेन-अल्फा’ यानि जेनरेशन-अल्फा मतलब साल 2010 के बाद पैदा हुए बच्चे। ये एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जो इससे पहले की किसी…
View More ‘जेन-अल्फा’ वाले बच्चों को अनुरूप तरीके से कैसे पालें? ये कुछ सुझाव हैंहिन्दी दिवस याद दिलाता है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि…!
भारत में भाषाओं और बोलियों की बहुत विविधता है। भाषा केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि यह हमारी पहचान, संस्कृति और समाज से जुड़ने का…
View More हिन्दी दिवस याद दिलाता है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि…!हिन्दी और भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की राह में यही ‘खण्डित मानसिकता’ बड़ी रुकावट है!
पिछले सप्ताह बहुत से सरकारी संस्थान, जिनमें कई केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भी शामिल रहे, ‘संस्कृत महोत्सव’ मना रहे थे। जबकि कल 14 सितम्बर है, और…
View More हिन्दी और भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की राह में यही ‘खण्डित मानसिकता’ बड़ी रुकावट है!कविता : प्रकृति की सीमा को, बाँध सका है कौन?
प्रकृति की सीमा को, बाँध सका है कौन?मानव यत्न तो छोटा वामन, बन गया है देखो गौण।नदी प्रवाह ले डूबा जलमग्न हो गए वे घर।जिनकी…
View More कविता : प्रकृति की सीमा को, बाँध सका है कौन?डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं, लेकिन उन्होंने ‘देहावसान’ को सहज स्वीकार किया है!
मुम्बई के केईएम (किंग एडवर्ड्स मेमोरियल) अस्पताल में शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) विभाग की प्रमुख रहीं डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं। पहले ही वाक्य में…
View More डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं, लेकिन उन्होंने ‘देहावसान’ को सहज स्वीकार किया है!बंगाल फाइल्स : मेरे लिए भारतीय इतिहास की किताब का एक और अनछुआ पन्ना!
मैं अपने ही देश के इतिहास के बारे में फिल्मों से जान रहा हूँ। सच कहता हूँ! मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि (इतिहास…
View More बंगाल फाइल्स : मेरे लिए भारतीय इतिहास की किताब का एक और अनछुआ पन्ना!संकीर्णता और पूर्वाग्रहों से ग्रसित होकर इतिहास लेखन की प्रवृत्ति रुकनी चाहिए अब!
इतिहास की प्रकृति पूर्णतया निर्मम और निर्मोही होती है। लेकिन यह हम मनुष्यों के अधिकार में तो होता ही है कि इतिहास का तथ्य, उसका…
View More संकीर्णता और पूर्वाग्रहों से ग्रसित होकर इतिहास लेखन की प्रवृत्ति रुकनी चाहिए अब!आरएसएस के 100 वर्ष : देखिए, हेडगेवार का कथन अक्षरशः: सत्य भी सिद्ध हुआ!
कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन 1920 में नागपुर में हुआ था। इस दौरान का घटनाक्रम यह दर्शाता हैं कि यह अधिवेशन महात्मा गाँधी से पूर्णतया प्रभावित…
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