अंग्रेजों के आने से पहले हिंदुस्तान में कानून की अपनी व्यवस्था थी। हिंदु और मुसलमानों की अपनी विधायी संस्थाएँ थीं। लेकिन मुग़लिया सल्तनत के ढहने…
View More अंग्रेज हिंदु धार्मिक कानून के बारे में क्या सोचते थे?Author: Apni Digital Diary
रेलवे, डाक, तार जैसी सेवाओं के लिए अखिल भारतीय विभाग किसने बनाए?
यद्यपि मैकॉले सही थे। इसके बावज़ूद ध्यान रखने की बात है कि भारत की पत्रकारिता उस वक़्त लगभग पूरी तरह यूरोपीय समाचार जगत के हाथ में थी।…
View More रेलवे, डाक, तार जैसी सेवाओं के लिए अखिल भारतीय विभाग किसने बनाए?अधूरापन जीवन है और पूर्णता एक कल्पना!
हम सब अधूरे हैं। आधे-अधूरे काम करते हैं। अधूरेपन में जीते हैं। अधूरे रहकर ही जीवन समाप्त करते हैं। अपने अधूरेपन के कारण ही जीवन…
View More अधूरापन जीवन है और पूर्णता एक कल्पना!आप शहरियों को हम न बरसें तो परेशानी, बरसें तब भी
ये बादल भी न, कभी बरसते हैं, कभी नहीं। कहीं ख़ूब बरसते हैं। कहीं बिल्कुल नहीं या बहुत कम। बादलों की इस मनमानी और इससे…
View More आप शहरियों को हम न बरसें तो परेशानी, बरसें तब भीहिन्दुस्तान में ‘भारत सरकार’ ने काम करना कब से शुरू किया?
बेंटिंक ने जब प्रशासनिक सुधार शुरू किए तो सभी प्रमुख विचारों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की। उन्होंने कार्यपालिक और न्यायिक शक्तियों को मिलाने पर जोर नहीं दिया।…
View More हिन्दुस्तान में ‘भारत सरकार’ ने काम करना कब से शुरू किया?अंग्रेजों को ‘लगान का सिद्धान्त’ किसने दिया था?
भारत के बारे में जेम्स मिल जैसे उपयोगितावादी विचारकों का ध्यान भी मुख्य रूप से भू-राजस्व के मसले पर ही था। मिल इस भारतीय विचार को मान्यता देते थे कि ज़मीन की असल मालिक सरकार…
View More अंग्रेजों को ‘लगान का सिद्धान्त’ किसने दिया था?भारतीयों को सिर्फ़ ‘सक्षम और सुलभ’ सरकार चाहिए, यह कौन मानता था?
ईसाई पंथ के कट्टर समर्थकों को पहली बड़ी सफलता 1813 में मिली। उस साल के अधिकार पत्र अधिनियम के जरिए ब्रिटेन की सरकार ने भारत…
View More भारतीयों को सिर्फ़ ‘सक्षम और सुलभ’ सरकार चाहिए, यह कौन मानता था?कृष्ण और बुद्ध के बीच मौलिक अन्तर क्या हैं?
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर कृष्ण के विविध रूपों की लोगों ने अपने-अपने मतानुसार आराधना की। प्राय: श्रीक़ष्ण का बाल रूप और उनके उस स्वरूप की लीलाएँ हर व्यक्ति…
View More कृष्ण और बुद्ध के बीच मौलिक अन्तर क्या हैं?…पर हे कृष्ण! मैं हूँ तुम्हारे साथ, जीने और संग मरने के लिए भी!
कृष्ण एक अभिशप्त मानव, निर्वासित देवता…। सुनने में अटपटा लगा न, अस्वीकार्य भी? ऐसा ही होता है। सच अक़्सर अस्वीकार्य और कड़वा सा लगता है। इसीलिए उस पर महिमामंडन…
View More …पर हे कृष्ण! मैं हूँ तुम्हारे साथ, जीने और संग मरने के लिए भी!सरकारी आलोचकों ने अंग्रेजी-सरकार को ‘भगवान विष्णु की आया’ क्यों कहा था?
ब्रिटिश शासन में कई प्रशासक-विचारक इस पक्ष में थे कि भारतीय राजाओं और उनके राज्यों को संरक्षण देना चाहिए। इससे भारतीय संस्कृति को नैसर्गिक रूप…
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