Ved

भारतीय दर्शन की उत्पत्ति कैसे हुई होगी?

भारतीय संस्कृति में समस्त विद्याओं का स्रोत यानि पैदा होने का स्थान वेद को माना जाता है। इसीलिए यह निश्चित है भारतीय दर्शन का मूल…

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महिला जब इरादा ठान लेती है, तो सबको उसके साथ कदमताल करनी पड़ती है!

महान् गुणों से ओत-प्रोत महिलाएँ समर्थ थीं, हैं और रहेंगी भी। क्योंकि उनमें तमाम विपरीतताओं के बावज़ूद उस सामर्थ्य को हासिल कर लेने का इरादा…

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खोल दो बन्धन इनके, हर मंज़िल पा जाएँगी!

माँ अब बदल रही है। पर कितनी, कहाँ। और कहाँ नहीं। वक़्त के साथ उसका बदलना कितना ज़रूरी है। इस कविता में ऐसे कुछ पहलू…

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क्यों आज हमें एक समतामूलक समाज की बड़ी ज़रूरत है?

जिस विषय में बहुत लिखा गया हो, उसके बारे में लिखना कठिन होता है। जिस सम्बन्ध में सबको खूब ज्ञान हो, उस बारे कुछ समझाना…

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कोई दिवस – महिला दिवस नहीं – हर दिन तुम्हारा है…

सुबह उठो, अपने आपको च्यूँटी काटो जागो, अपने उन दो पाँवों को निहारो जो आगे बढ़ते हैं सदैव इन्हीं पाँवों पर तन – मन और आत्मा…

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…पर उल्टा भी है- वृक्ष जब फलों से लद जाता है तो झुकता है!

#अपनीडिजिटलडायरी पर पढ़ा… “झुकन झुकन से जानिए, झुकन झुकन पहचान। तीन जनें जादा (ज़्यादा) झुकें, चीता चाेर कमान।” बढ़िया लिखा है… और जो लिखा गया है,…

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गुलामी का सुख…‘पाश’ से बँधा, सो पशु!

अख़बारी दफ़्तर में शनिवार-इतवार को अमूमन काम कुछ कम ही हुआ करता है। विशेष तौर पर अगर कोई घटना-दुर्घटना न हो ताे। लिहाज़ा, इसी शनीचर की रात…

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झुकन झुकन से जानिए, झुकन झुकन पहचान!

बड़े बुज़ुर्ग पहले जो बातें कहावतों में कह जाया करते थे, उनकी मार दूर तक होती थी। सटीक निशाने पर लगती थी। शायद इसीलिए किसी ने…

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राज्यसभा टीवी : सूचना, मनोरंजन और ज्ञान का गुलदस्ता ; क्यों हमें इसके बन्द होने पर चिन्ता होनी चाहिए?

सवेरे-सवेरे दफ्तर के लिए घर से निकला। रास्ते में फेसबुक खोला तो इरफ़ान सर की पोस्ट देखी। वहीं से पता चला कि राज्यसभा टीवी बन्द…

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सोचना ज़रूरी है कि दिशा रवि मामले में आधी-अधूरी रिपोर्टिंग क्यों हुई?

पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि मामले में फैसला आए तीन दिन बीत गए हैं। मैंने इसे अभी-अभी तीन दिन किया है। पहले यहाँ दो दिन लिखा था।…

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