अपनी जड़ों से कटा समाज असंगत और अविकसित होता है। भारतीय समाज इसी तरह का उदाहरण है। उसके पास अपना इतिहास है, लेकिन उससे सीखने…
View More महिला दिवस : ये ‘दिवस’ मनाने की परम्परा क्यों अविकसित मानसिकता की परिचायक है?Tag: अपना पन्ना
विश्व वन्यजीव दिवस : शिकारियों के ‘सक्रिय’ दल, मध्य प्रदेश की जंगल-फौज ‘पैदल’!
“घने जंगलों में निगरानी के लिहाज़ से ‘पैदल’ गश्त सबसे अच्छी होती है। इसलिए मध्य प्रदेश में हम सुनिश्चित करते हैं कि हमारी जंगल-फ़ौज के…
View More विश्व वन्यजीव दिवस : शिकारियों के ‘सक्रिय’ दल, मध्य प्रदेश की जंगल-फौज ‘पैदल’!जाल में जेलेंस्की, मगर ज़िम्मेदार कौन? और अब अगला कौन?
विश्व के सबसे शक्तिशाली और समृद्ध देश अमेरिका के राष्ट्रपति भवन से इसी 28 फरवरी, शुक्रवार को पूरी दुनिया ने एक विचित्र नज़ारा देखा। वहाँ…
View More जाल में जेलेंस्की, मगर ज़िम्मेदार कौन? और अब अगला कौन?यू्क्रेन-रूस युद्ध का पटाक्षेप कैसे विश्व इतिहास का अप्रत्याशित मोड़ बनने वाला है?
अभी हम जिस सन्धिकाल से गुजर रहे हैं, वह कुछ इतना अलग है कि उसको समझने के लिए हमारे पास उचित शब्द, युक्तियाँ और वैचारिक…
View More यू्क्रेन-रूस युद्ध का पटाक्षेप कैसे विश्व इतिहास का अप्रत्याशित मोड़ बनने वाला है?अमेरिका में कितने वेतन की उम्मीद करते हैं? 14,000 रुपए! हम गलतियों से ऐसे ही सीखते हैं!
अभी एक दिन पहले की ही बात है। अपने दोस्त के साथ मैंने अपना एक पुराना मज़ेदार क़िस्सा साझा किया और फिर हम दोनों ख़ूब…
View More अमेरिका में कितने वेतन की उम्मीद करते हैं? 14,000 रुपए! हम गलतियों से ऐसे ही सीखते हैं!क्या! पॉलीथिन नहीं लेनी, इन्दौर से आए हाे क्या? देखें, यूँ बनती है शहर की पहचान आपसे!
अभी कुछ दिनों पहले की बात है। मैं घर के पास एक किराना दुकान पर गया था। दो-तीन चीजें लेनी थीं। तो वहाँ सामान लेने…
View More क्या! पॉलीथिन नहीं लेनी, इन्दौर से आए हाे क्या? देखें, यूँ बनती है शहर की पहचान आपसे!साल 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य क्या वाकई असम्भव है? या फिर कैसे सम्भव है?
किसी महात्वाकांक्षी लक्ष्य को पटरी उतारने या हतोत्साहित करने का सबसे बढ़िया है, उस पर सवाल खड़ा कर दिया जाए। जैसे…. 1 – “इसे प्राप्त…
View More साल 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य क्या वाकई असम्भव है? या फिर कैसे सम्भव है?इंसान इतना कमज़ोर कैसे हो रहा है कि इस आसानी से अपनी ज़िन्दगी ख़त्म कर ले?
अगर हमसे कोई सवाल करे कि हमारी ज़िन्दगी की कीमत क्या है? तो शायद ही इसका कोई ज़वाब हमारा पास होगा। क्योंकि जीवन एक वरदान…
View More इंसान इतना कमज़ोर कैसे हो रहा है कि इस आसानी से अपनी ज़िन्दगी ख़त्म कर ले?भारत को भी अब शिद्दत से ‘अपना भारतीय एलन मस्क’ चाहिए, है कोई?
अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन ने जिस तेजी से ‘डीप स्टेट’ (जनतांत्रिक नीतियों में हेरफेर करने वाला संस्थागत परिवेश में कार्यरत सेवानिवृत्त नौकरशाह-सेनाधिकारी, गुप्तचर संगठन के…
View More भारत को भी अब शिद्दत से ‘अपना भारतीय एलन मस्क’ चाहिए, है कोई?जयन्ती : गुरु गोलवलकर मानते थे- केवल हिन्दू ही पन्थनिरपेक्ष हो सकता है!
बात साल 1973 की है, राँची की। कार्यकर्ताओं के मध्य बैठक में अपने भाषण में श्री गुरुजी अर्थात् मा. गोलवलकर जी ने अपने भाषण में…
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