धार्मिक समाज को इतने अत्याचार क्यों सहना पड़ रहा है?

परसों शाम अस्पताल से लौटते वक्त मन कुछ अंतर्मुखी हो रहा था। जीवन की सभी परिक्षाओं को लेकर मन में उहापोह हो रही थी और दो…

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परलोक और पुनर्जन्म को विज्ञान माने या न माने, ज्ञान साक्षात् दिखा देता है

परलोक और पुनर्जन्म- दो ऐसी बातें हैं, जिनके बिना धर्म की गहनता को समझना सम्भव नहीं है। विज्ञान या तर्क से इसे न तो साबित कर…

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आरबीआई के 10 लाख फॉलोअर्स होना ख़बर तो है, पर सबको ये ख़बर क्यों नहीं है?

अभी तीन रोज पहले सवेरे से ही फेसबुक के ज़रिए मिली एक ख़बर ने बड़ा बेचैन कर रखा था। आजकल ख़बरें अख़बार से बाद में,…

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हम खुद मजबूत होंगे, तब ही किसी की मदद कर सकेंगे

अल-सुबह सबसे पहले उठना। देर रात सबसे बाद में सोना। परिवार के एक-एक सदस्य की छोटी से बड़ी, हर चीज का ख्याल रखना। घर के…

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‘ग्रामोदय से भारत उदय’ की अवधारणा नानाजी देशमुख की थी, हम उसी से फूटे अंकुर हैं!

मैं प्रमोद पांडे। वर्तमान में अमेरिका के कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय में व्याख्याता (Professor) हूँ। हालाँकि मैं मूल रूप से मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट से…

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इस वीडियो से वह वज़ह जानते हैं कि नानाजी देशमुख शरदोत्सव के लिए तैयार क्यों हुए?

नानाजी देशमुख ने अगर अपने सहयोगी डॉक्टर भरत पाठक जी को शरदोत्सव के तौर पर अपनी जयन्ती मनाने की सहमति दी तो वह यूँ ही…

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नानाजी देशमुख शरदोत्सव के रूप में अपना जन्मदिन मनाने को तैयार कैसे हुए?

महाराष्ट्र के कडोली गाँव (हिंगोली जिला) में 11 अक्टूबर 1916 को जब नानाजी देशमुख का जन्म हुआ, उस दिन शरद पूर्णिमा थी। कहा जाता है, शरद पूर्णिमा…

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क्यों हमें ‘कुमारी’ अबू बाकेर और इस्लामिक कीर्तन परम्परा के बारे में जानना चाहिए?

अभी कुछ रोज पहले तक कर्नाटक (दक्षिण भारतीय) संगीत के एक बड़े गायक हुआ करते थे। नाम था, ‘कुमारी’ अबुबाकेर। जैसा नाम दिलचस्प, वैसा ही…

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नानाजी देशमुख, जिनका ‘ग्राम-स्वराज’ आज के ‘आत्मनिर्भर भारत’ की राह दिखाता है

भारत में छह लाख से अधिक गाँव हैं। देश की अधिकांश जनसंख्या इन्हीं गाँवों में रहती है। हालाँकि वर्तमान दौर में गाँवों की बड़ी आबादी रोजगार के लिए…

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