न्यूनतम उद्यम और बड़े जुमले और क्रियान्वयन के लिए बड़ा अमला बनाना किसी भी सरकारी योजना की खास शर्त है। इसमें कई रोजगार और अवसर…
View More ‘फोर्टिफाइड राइस’ नहीं है ‘नाइस’, तो हम इसे मंज़ूरी दे ही क्यों रहे हैं?Tag: अपना पन्ना
किसी की क्षमताओं को कम आँकना हमेशा ग़लत ही होता है!
दो भारतीय कम्पनियों की छोटी-छोटी कहानियाँ हैं। लेकिन दोनों कहानियों का निष्कर्ष एक, ‘किसी की क्षमताओं को कम आँकना हमेशा ग़लत ही होता है।” पहली…
View More किसी की क्षमताओं को कम आँकना हमेशा ग़लत ही होता है!इकोसिस्टम तब बनता है, जब एक सफल इकाई दूसरी को सफल बनाने में लग जाए!
एक इकोसिस्टम यानि पारिस्थितिकी तब बनती है, जब एक सफल इकाई अपने जैसी ही दूसरी इकाई को सफल बनाने में लग जाए। उसकी सफलता में…
View More इकोसिस्टम तब बनता है, जब एक सफल इकाई दूसरी को सफल बनाने में लग जाए!इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यूँ है? क्याेंकि उसका काम उसके दिल पर बोझ है!
साल 1978 में फिल्म आई थी ‘गमन’। उसमें मशहूर गायक सुरेश वाडकर की आवाज़ में ‘शहरयार’ साहब की लिखी हुई ग़ज़ल थी। बोल थे, “सीने…
View More इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यूँ है? क्याेंकि उसका काम उसके दिल पर बोझ है!‘सनातन धर्म रक्षा मंडल’ अगर बना तो वह करेगा क्या, और कैसे?
आंध्रप्रदेश के युवा नेता और वहाँ के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने ‘सनातन धर्म रक्षण मंडल’ की स्थापना का प्रस्ताव सामने रखा है। इस तरह उन्होंने…
View More ‘सनातन धर्म रक्षा मंडल’ अगर बना तो वह करेगा क्या, और कैसे?हम बच्चों को पढ़ाते हैं डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए, और वे बन जाते हैं ‘भूत’!
हाँ, यही सच है। कड़वी है, लेकिन सच्चाई है। हम अपने बच्चों को पढ़ाते-लिखाते हैं। ताकि वे डॉक्टर, इंजीनियर बनें। लेकिन वे बन क्या रहे…
View More हम बच्चों को पढ़ाते हैं डॉक्टर-इंजीनियर बनने के लिए, और वे बन जाते हैं ‘भूत’!पराधीनता की बेड़ियों में जकड़े हिन्दू धर्मस्थलों की स्वतंत्रता के लिए आन्दोलन होना चाहिए!
मन्दिरों, मठों और गुरुकुलों के स्वरूप को समझना होगा। पूर्वकाल में गुरुकुल, मन्दिर, मठ भारत में केवल धार्मिक, आध्यात्मिक और शिक्षा केन्द्र नहीं होते थे।…
View More पराधीनता की बेड़ियों में जकड़े हिन्दू धर्मस्थलों की स्वतंत्रता के लिए आन्दोलन होना चाहिए!ये कहना झूठ है कि जहाँ लड़ाई हो रही है, काम वहीं हो रहा है!
‘जिस जगह काम का माहौल बहुत तनावपूर्ण या कहें कि जहरीला होता है, अस्ल में काम वहीं हो रहा होता है।’ ऐसी मान्यता कुछ ‘महान्…
View More ये कहना झूठ है कि जहाँ लड़ाई हो रही है, काम वहीं हो रहा है!हे राम… अब नैवेद्य और प्रसाद भी दूषित!
भला हो कि तिरुपति देवस्थानम् ट्रस्ट का। यदि इस देवस्थान के लब्धप्रतिष्ठित लड्डु प्रसाद में मत्स्य, गौ और शूकर की वसा की पुष्टि न हुई…
View More हे राम… अब नैवेद्य और प्रसाद भी दूषित!तिरुपति बालाजी के लड्डू ‘प्रसाद में माँसाहार’, बात सच हो या नहीं चिन्ताजनक बहुत है!
यह जानकारी गुरुवार, 19 सितम्बर को आरोप की शक़्ल में सामने आई कि तिरुपति बालाजी मन्दिर के लड्डू प्रसाद में ‘माँसाहार की मिलावट’ हुई है।…
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