कल अचानक वह शख़्स चल बसा, जो हाड़तोड़ मजदूरी करता था। एक जगह सुबह खाते-बही लिखता। फिर दिन भर किसी बन्द पड़ी फेक्ट्री में किसी…
View More एकांत कीअकुलाहट : ऐसा न हो कहीं कि मेरी वजह से…Tag: अपना पन्ना
स्वास्थ्य सेवाओं के मामले हमारा देश सच में, अमेरिका से बेहतर ही है
इसी साल के मई महीने की बात है। मुझे मेरी बेटी की ग्रेजुएशन सेरेमनी के लिए न्यू यॉर्क जाना था। यात्रा से 24 घंटे पहले…
View More स्वास्थ्य सेवाओं के मामले हमारा देश सच में, अमेरिका से बेहतर ही हैA writer worth your time, who unfolded ‘The Mysterious World’
Young minds make up dreams like no other, they weave stories so new, and fascinating that you cannot help but stop and listen, this cannot…
View More A writer worth your time, who unfolded ‘The Mysterious World’कृतज्ञता हमें वास्तव में मानवीय बना देती है
पिता जी के जब पैर छूता हूँ, तो वे कहते हैं ‘खुश रहो’। वैसे कभी नहीं पूछा कि ‘आप ‘खुश रहो’ क्यों कहते हो? ‘आयुष्मान…
View More कृतज्ञता हमें वास्तव में मानवीय बना देती है“अगर मैं एक शब्द में श्रीनिवास रामानुजन को समाना चाहूँ तो कहूँगा, ‘भारतीयता’।”
यह बड़ी अजीब सी बात है कि साहित्यिक होते हुए भी मैं किसी कवि या लेखक की जीवनगाथा पढ़कर उतना द्रवित कभी न हो सका,…
View More “अगर मैं एक शब्द में श्रीनिवास रामानुजन को समाना चाहूँ तो कहूँगा, ‘भारतीयता’।”सुनिए…आप उनको “सुन-भर” लेंगे, तो वे “जी-भर जी” लेंगे
“सर क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं?” ऐसा सुनने के बाद मेरे लिए “हाँ” कहना बड़ा ही कठिन होता। फिर भी बहुत आत्मविश्वास से…
View More सुनिए…आप उनको “सुन-भर” लेंगे, तो वे “जी-भर जी” लेंगेप्रकृति मतान्धता का भार ही भारी मन से उठा रही है
आजकल यदि किसी प्रकार कोई परंपरा में निष्ठावान् व्यक्ति हम जैसे ज्ञानलवदुर्विदग्ध के सम्मुखी हो जाए तो क्या मज़ाल कि हम उस व्यक्ति को सुनेंगे।…
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एक ख़ूबसूरत कविता। एक उतनी ही सुकून भरी आवाज़। इन दो कलाकारों में लिखने वाले एक हैं, आशीष मोहन ठाकुर। ये मध्य प्रदेश पुलिस में…
View More परोपकार : फिर भी छपी नहीं किसी अख़बार में अब तक ये ख़बरें…!ख़ुदकुशी के ज्यादातर मामलों में लोग मरना नहीं चाहते… वे बस चाहते हैं कि उनका दर्द मर जाए
अभी 10 सितम्बर को ‘वर्ल्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे’ था। यानी ‘विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस’। ऐसे मौकों पर अक्सर चर्चा आत्महत्या के बारे में ही होती…
View More ख़ुदकुशी के ज्यादातर मामलों में लोग मरना नहीं चाहते… वे बस चाहते हैं कि उनका दर्द मर जाएमाँगिए तो कृष्ण को ही माँग लीजिए, सब कुछ जीत लेंगे
बड़ा सरल है ‘चोर’ कहना। कहें भी क्यों न, आखिर ‘चोर’ कहने से कुछ-कुछ अपना सा लगता है। किसी को अपने जैसा पाते हैं तो…
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