Pronounciation

‘संस्कृत की संस्कृति’ : मिलते-जुलते शब्दों का अर्थ महज उच्चारण भेद से कैसे बदलता है!

उच्चारण के महत्त्व को दर्शाता उदाहरण हमने पिछली कड़ी में देखा था कि एक अच्छे पाठक, वक्ता को उसी तरह शब्दों का उच्चारण करना चाहिए…

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ये ‘झल्लाहट और चिड़चिड़ाहट’ हमारे भीतर के रावण हैं, इन्हें मारिए!

‘झल्लाहट और चिड़चिड़ाहट’ से आज हर दूसरा इंसान त्रस्त मिलेगा। ये हमारे शरीर के भीतर बैठे रावण की तरह हैं। क्योंकि इनके भी 10-10 सिर…

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क़रीब 250-300 करोड़ की कम्पनी के पास ‘अपने राइटर्स’ को देने के लिए 28-40 पैसे, बस!

“अरे सर, राइटर्स तो हमारे नगीने हैं, नगीने। उनमें से कुछेक की लिखी हुई ऑडियो-सीरीज़ तो करोड़ों की तादाद में लोग सुन रहे हैं”, मोबाइल…

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‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘अच्छा पाठक’ और ‘अधम पाठक’ किसे कहा गया है और क्यों?

पूर्व में हमने देखा कि वर्ण उत्पत्ति की समस्त प्रक्रिया में बुद्धि क्रमश: विकसित होती हुई वाणी के रूप में परिणत होती है। इससे वक्ता…

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इजराइल-अरब संकट का चीन, यूरोप, रूस और अमेरिका पर क्या है असर?

हम देख रहे हैं कि किस तेजी से हमास-इजराइल लड़ाई अब ईसाई-इस्लाम संघर्ष की ओर बढ़ चली है। अराजकता के संक्रमण काल का संकेत पिछले…

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Gaza

इस्लाम और ईसाई जगत क्या एक-दूसरे के खिलाफ निर्णायक युद्ध की ओर बढ़ रहा है?

इजरायल में हमास के घातक नरसंहार से दुनिया स्तब्ध है। यहूदियों के त्यौहार ‘सुक्कोत’ के दिन हमला। एक संगीत कार्यक्रम के दौरान बेगुनाह, अनजान लोगों…

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Equality

भाई ‘समानतावादी’…, कैसा है आपका, ये ‘खुला खेल फ़रुक्ख़ाबादी’?

बड़के भाई ‘समानतावादी’…, पाँय लागी। कैसा है आपका, ये ‘खुला खेल फ़रुक्ख़ाबादी’?? नहीं प्रकृति, कहीं भी समानतावादी। कहीं मैदान, पठार, चोटी तो कहीं वादी।। मिट्‌टी,…

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origin of alphabets

संस्कृत की संस्कृति : वर्ण यानी अक्षर आखिर पैदा कैसे होते हैं, कभी सोचा है? ज़वाब पढ़िए!

संस्कृत अध्येताओं द्वारा वर्णों के शुद्ध उच्चारण के महत्त्व पर दिए उदाहरणों को मैंने कई बार देखा। इस प्रक्रिया के दौरान मन में प्रश्न उत्पन्न…

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Yaksh-Dharm

देखिए, अगर ‘यक्ष’ आज के सन्दर्भ में ‘धर्म’ से प्रश्न पूछें तो वे और उनके उत्तर कैसे होंगे?

हर समय कोई यक्ष अपने प्रश्न लिए उपस्थित रहता है, जहाँ कर्तव्य-अकर्तव्य, कर्म-अकर्म, धर्म-अधर्म के झंझावत में मनुष्य का सम्पूर्ण अस्तित्त्व दाँव पर लगा होता…

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