जिस विषय में बहुत लिखा गया हो, उसके बारे में लिखना कठिन होता है। जिस सम्बन्ध में सबको खूब ज्ञान हो, उस बारे कुछ समझाना…
View More क्यों आज हमें एक समतामूलक समाज की बड़ी ज़रूरत है?Tag: अपना पन्ना
गुलामी का सुख…‘पाश’ से बँधा, सो पशु!
अख़बारी दफ़्तर में शनिवार-इतवार को अमूमन काम कुछ कम ही हुआ करता है। विशेष तौर पर अगर कोई घटना-दुर्घटना न हो ताे। लिहाज़ा, इसी शनीचर की रात…
View More गुलामी का सुख…‘पाश’ से बँधा, सो पशु!राज्यसभा टीवी : सूचना, मनोरंजन और ज्ञान का गुलदस्ता ; क्यों हमें इसके बन्द होने पर चिन्ता होनी चाहिए?
सवेरे-सवेरे दफ्तर के लिए घर से निकला। रास्ते में फेसबुक खोला तो इरफ़ान सर की पोस्ट देखी। वहीं से पता चला कि राज्यसभा टीवी बन्द…
View More राज्यसभा टीवी : सूचना, मनोरंजन और ज्ञान का गुलदस्ता ; क्यों हमें इसके बन्द होने पर चिन्ता होनी चाहिए?सोचना ज़रूरी है कि दिशा रवि मामले में आधी-अधूरी रिपोर्टिंग क्यों हुई?
पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि मामले में फैसला आए तीन दिन बीत गए हैं। मैंने इसे अभी-अभी तीन दिन किया है। पहले यहाँ दो दिन लिखा था।…
View More सोचना ज़रूरी है कि दिशा रवि मामले में आधी-अधूरी रिपोर्टिंग क्यों हुई?वो बूढ़ी औरत… नाम उसका ‘गरीबी’
पिछले दिनों एक साक्षात्कार के सिलसिले में लोकसभा जाना हुआ। इसकी आरम्भ सीमा के पास ही एक बूढ़ी औरत बैठी रो रही थी। उन्हें देखकर…
View More वो बूढ़ी औरत… नाम उसका ‘गरीबी’‘कमाल की पाकीज़ा’ का 50वाँ साल
कमाल यूँ ही नहीं होते। सालों-साल लगते हैं, उनके होने में। गढ़ने में, बढ़ने में। लेकिन जब होते हैं, तो यक़ीनी तौर पर सालों-साल ही…
View More ‘कमाल की पाकीज़ा’ का 50वाँ सालश्रीराम मंदिर के धन संग्रह अभियान पर सवाल क्यों हैं?
लेखक नरेश मेहता ने अपनी ‘उत्तर कथा’ में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस के गर्म और नर्म दल की नीति का विश्लेषण किया है। उसमें…
View More श्रीराम मंदिर के धन संग्रह अभियान पर सवाल क्यों हैं?क्रिकेट मैच ही नहीं, जीवन-संघर्ष में टिके रहने के गुर सिखाता है ‘ब्लॉकेथॉन’
क्रिकेट से तो हम में से तमाम लोग वाकिफ़ हैं, लेकिन क्या ‘ब्लॉकेथॉन’ (Blockathon) को जानते-समझते हैं? सम्भव है, क्रिकेट से ताल्लुक रखने वाले कई…
View More क्रिकेट मैच ही नहीं, जीवन-संघर्ष में टिके रहने के गुर सिखाता है ‘ब्लॉकेथॉन’धार्मिक समाज को इतने अत्याचार क्यों सहना पड़ रहा है?
परसों शाम अस्पताल से लौटते वक्त मन कुछ अंतर्मुखी हो रहा था। जीवन की सभी परिक्षाओं को लेकर मन में उहापोह हो रही थी और दो…
View More धार्मिक समाज को इतने अत्याचार क्यों सहना पड़ रहा है?A portrait of MissC
This story was narrated to me by my uncle from the maternal side when I visited him in 2004. After retirement, he chose to stay…
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