वाल्मीकीय रामायण के मूल स्वरूप के निर्धारण में प्रक्षिप्त की पहचान के लिए सामान्यत: संस्कृत के ऐसे प्रकाण्ड विद्वान की ज़रूरत होनी चाहिए जो भाषाविज्ञान…
View More क्या वाल्मीकीय रामायण में बालकाण्ड और उत्तरकाण्ड बाद में कभी जोड़े गए?Tag: अपना पन्ना
तुलसी पर ब्राह्मणवादी होने का आरोप क्यों निराधार है?
तुलसी के रामचरितमानस की सामान्यजन और अभिजन दोनों में अपूर्व लोकप्रियता का रहस्य सम्भवत: लोक-जीवन, लोक-मन और लोक-संवेदना में तुलसी की गहरी पैठ है। उन्होंने…
View More तुलसी पर ब्राह्मणवादी होने का आरोप क्यों निराधार है?क्या तुलसी ने वर्णाश्रम की पुन:प्रतिष्ठा के लिए षड्यंत्र किया?
सन्दर्भ : मुक्तिबोध का आलेख—‘मध्ययुगीन भक्ति-आन्दोलन का एक पहलू’ (जन विकल्प, सितम्बर-2007) अन्धभक्ति किसी के प्रति हो, त्याज्य है। मुक्तिबोध जैसों ने स्वयं अन्धभक्ति का…
View More क्या तुलसी ने वर्णाश्रम की पुन:प्रतिष्ठा के लिए षड्यंत्र किया?प्लास्टिक के इस्तेमाल से प्लास्टिक का इस्तेमाल रोकने की शिक्षा!
ज़बर्दस्त विरोधाभास है। भारत सरकार ‘स्वच्छतापखवाड़ा’ मना रही है। इस दौरान प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें #SayNoToPlastic जैसी हिदायतें दी जा रही हैं। हर साल…
View More प्लास्टिक के इस्तेमाल से प्लास्टिक का इस्तेमाल रोकने की शिक्षा!अग्नि परीक्षा प्रसंग : किस तरह तुलसी ने सीता जी को ‘वाल्मीकीय सीता’ की त्रासदी मुक्त किया!
भिन्न-भिन्न काल में, भिन्न-भिन्न वैचारिक समूहों का प्रतिनिधित्त्व करनेवाली कई रामायणें लिखी गईं। किन्तु देश की मुख्य धारा में वाल्मीकीय रामायण को इतनी प्रतिष्ठा मिली…
View More अग्नि परीक्षा प्रसंग : किस तरह तुलसी ने सीता जी को ‘वाल्मीकीय सीता’ की त्रासदी मुक्त किया!‘राम इक दिन चंग उड़ाई’…..बालकांड तो क्या, पूरे रामचरित मानस में ये चौपाई है कहाँ?
आज मकर संक्रान्ति हो गई। देश के कई इलाक़ों में इस रोज़ पतंग उड़ाए जाने की परम्परा है। उसका भी पालन हुआ। इसके साथ ही…
View More ‘राम इक दिन चंग उड़ाई’…..बालकांड तो क्या, पूरे रामचरित मानस में ये चौपाई है कहाँ?अधूरी सीख : सदियों में कभी पहाड़ सुबकते हैं, तो संभलते नहीं….
खुद हुए आबाद और शोहरत के लिए हमने पहाड़ बर्बाद कर दिए, बहुत रश्क और भरोसा था नोटों के चंद टुकडों पर, हमने कच्ची जमीं…
View More अधूरी सीख : सदियों में कभी पहाड़ सुबकते हैं, तो संभलते नहीं….एकांत कीअकुलाहट : ऐसा न हो कहीं कि मेरी वजह से…
कल अचानक वह शख़्स चल बसा, जो हाड़तोड़ मजदूरी करता था। एक जगह सुबह खाते-बही लिखता। फिर दिन भर किसी बन्द पड़ी फेक्ट्री में किसी…
View More एकांत कीअकुलाहट : ऐसा न हो कहीं कि मेरी वजह से…स्वास्थ्य सेवाओं के मामले हमारा देश सच में, अमेरिका से बेहतर ही है
इसी साल के मई महीने की बात है। मुझे मेरी बेटी की ग्रेजुएशन सेरेमनी के लिए न्यू यॉर्क जाना था। यात्रा से 24 घंटे पहले…
View More स्वास्थ्य सेवाओं के मामले हमारा देश सच में, अमेरिका से बेहतर ही हैA writer worth your time, who unfolded ‘The Mysterious World’
Young minds make up dreams like no other, they weave stories so new, and fascinating that you cannot help but stop and listen, this cannot…
View More A writer worth your time, who unfolded ‘The Mysterious World’