जानते सब हैं। मानते कुछ लोग हैं। और पालन कम लोग ही करते हैं। अच्छी बातों के लिए यह एक सर्वमान्य सा तथ्य है। शायद…
View More हँसी-खुशी का मनोविज्ञान हर मन समझता है, पेड़-पौधों का मन भी और…!Tag: रोचक-सोचक
सक्षम होने पर समाज को कुछ लौटाने के लिए स्कूल-अस्पताल बनवाकर देना बेहतर विचार है
राजस्थान का मामला है। अभी आठ मई को देशभर की सुर्खियों में आया। अपनी संस्कृति, परम्पराओं, महलों, किलों, और दूर तक फैले रेगिस्तान के लिए…
View More सक्षम होने पर समाज को कुछ लौटाने के लिए स्कूल-अस्पताल बनवाकर देना बेहतर विचार हैतर्क से कुछ भी प्रतिष्ठित नहीं, उत्तम ज्ञान सारे तर्क समाप्त हो जाने पर मिलता है
पहले तीन दिन पुराने दो उदाहरणों का उल्लेख करना बेहतर रहेगा। फिर इस शीर्षक के बारे में बात, जो भारतीय महाकाव्य ‘महाभारत’ के सन्दर्भों से…
View More तर्क से कुछ भी प्रतिष्ठित नहीं, उत्तम ज्ञान सारे तर्क समाप्त हो जाने पर मिलता हैएआई…, मोबाइल से भी बड़ा ख़तरा बनकर आई… देखिए, पढ़िए कैसे!
मोबाइल के बारे में अभी कुछ समय पहले ही जाने-माने अभिनेता अनुपम खेर जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया है। इसमें वे बता…
View More एआई…, मोबाइल से भी बड़ा ख़तरा बनकर आई… देखिए, पढ़िए कैसे!देखिएगा, ज़िन्दगी कहीं ‘चेरापूँजी’ तो नहीं हो गई है!
ये जो शीर्षक है, मज़ाकिया नहीं है। गम्भीरता से पूछा गया सवाल है। दरअस्ल, आज 28 अप्रैल को एक अहम ख़बर पढ़ी। मेघालय के चेरापूँजी…
View More देखिएगा, ज़िन्दगी कहीं ‘चेरापूँजी’ तो नहीं हो गई है!कई राज्यों के स्कूलों में पानी पीने के लिए घंटियाँ क्यों बज रही हैं?
अभी तीन-चार दिन पहले की ही
View More कई राज्यों के स्कूलों में पानी पीने के लिए घंटियाँ क्यों बज रही हैं?भगवान का दिया हुआ सब कुछ है, दौलत है, शोहरत है, इज्जत है, बस… ख़ुशी नहीं है! क्यों?
साल 2007 की फिल्म है, ‘वैलकम’। हास्य फिल्म है। इसमें नाना पाटेकर एक डायलॉग बोलते हैं, “भगवान का दिया हुआ सब कुछ है। दौलत है,…
View More भगवान का दिया हुआ सब कुछ है, दौलत है, शोहरत है, इज्जत है, बस… ख़ुशी नहीं है! क्यों?‘दिल माँगे मोर’…. इसीलिए ‘भेजा करे शोर’!
साल 1978 में फारुख़ शेख और स्मिता पाटिल की एक शानदार पिक्चर आई थी, ‘गमन’। उसकी एक ग़ज़ल आज तक लोग गुनगुनाया करते हैं। फिल्म…
View More ‘दिल माँगे मोर’…. इसीलिए ‘भेजा करे शोर’!ध्यान दीजिएगा… मध्य प्रदेश में गधे कम हो गए हैं और ये तथ्य ख़ारिज़ करने लायक नहीं है!
मामला ‘रोचक-सोचक’ है। देश के एक बड़े अख़बार ने आज 19 अप्रैल को ही ये ख़बर दी है कि मध्य प्रदेश में गधे कम हो…
View More ध्यान दीजिएगा… मध्य प्रदेश में गधे कम हो गए हैं और ये तथ्य ख़ारिज़ करने लायक नहीं है!विश्व स्वास्थ्य दिवस : दो-तीन पैग सेहत के लिए फायदेमन्द हैं….. ये ग़लत है!
आज विश्व स्वास्थ्य दिवस है। दुनियाभर में सेहत सम्बन्धी बातें हो रही हैं। सो, ख्याल आया कि डायरी पर भी इस मसले पर बात कर…
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