Sanskrit Grammer

संस्कृत की संस्कृति : “संस्कृत व्याकरण मानव मस्तिष्क की प्रतिभा का आश्चर्यतम नमूना!”

तो भगवान पाणिनि का बनाया हुआ ‘व्याकरण’ आधार के रूप में स्थापित होता चला गया। इसका कारण मात्र यह नहीं था कि व्याकरण के नियमों…

View More संस्कृत की संस्कृति : “संस्कृत व्याकरण मानव मस्तिष्क की प्रतिभा का आश्चर्यतम नमूना!”
Shivraj-Kamalnath

मध्य प्रदेश चुनाव का नतीजा साफ, यहाँ जानता हार रही है!

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए इसी 17 नवंबर को मतदान हो चुका है। आने वाली तीन दिसंबर को औपचारिक नतीज़ा भी आ जाएगा। लेकिन…

View More मध्य प्रदेश चुनाव का नतीजा साफ, यहाँ जानता हार रही है!
Panini

‘संस्कृत की संस्कृति’ : आज की संस्कृत पाणिनि तक कैसे पहुँची?

पिछली कड़ी में हमने व्याकरण के आचार्यों का उल्लेख किया। संस्कृत वांग्मय में सभी विषयों का आदि अर्थात् सबसे पहले उपदेश करने वाले ब्रह्मा हैं।…

View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : आज की संस्कृत पाणिनि तक कैसे पहुँची?
RBI-Lapka

लुटियंस की दिल्ली में 2,000 का नोट बदलवाने वाले ‘लपकों की मौज़’

नई दिल्ली में मेट्रो की ‘यलो लाइन’ के पटेल चौक स्टेशन पर दोपहर को जैसे ही मैं उतरकर स्टेशन से बाहर निकला कि सामने से…

View More लुटियंस की दिल्ली में 2,000 का नोट बदलवाने वाले ‘लपकों की मौज़’
Swami Oma

जिसे प्रेम आता है, वह किसी का नहीं होता…. क्यूँ और कैसे? स्वामी ओमा से सुनिए!

ये हैं स्वामी ओमा द ‘अक्क’। ये श्रीराम पर बात करते हैं। श्रीकृष्ण पर बात करते हैं। तुलसी पर बात करते हैं। वेदव्यास पर बात…

View More जिसे प्रेम आता है, वह किसी का नहीं होता…. क्यूँ और कैसे? स्वामी ओमा से सुनिए!
narayan murthi

हम ‘काम’ और ‘नौकरी’ में फ़र्क नहीं जानते और नारायण मूर्ति जी की निन्दा करते हैं!

अभी 26 अक्टूबर को सूचना-प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी भारतीय कम्पनी ‘इन्फोसिस’ के संस्थापक नारायण मूर्ति जी का बयान आया। इसमें उन्होंने कहा, “अगर भारत को…

View More हम ‘काम’ और ‘नौकरी’ में फ़र्क नहीं जानते और नारायण मूर्ति जी की निन्दा करते हैं!
Dropadi

चीरहरण के कुअवसर पर द्रौपदी का कोप : पूरी और सच्ची कविता यहाँ सुनिए

सोशल मीडिया और मीडिया किस तरह किसी की सामग्री के साथ व्यवहार करता है, यह लोकप्रिय कविता इसका ताज़ा उदाहरण है। चीरहरण के कुअवसर पर…

View More चीरहरण के कुअवसर पर द्रौपदी का कोप : पूरी और सच्ची कविता यहाँ सुनिए
Pronounciation

‘संस्कृत की संस्कृति’ : मिलते-जुलते शब्दों का अर्थ महज उच्चारण भेद से कैसे बदलता है!

उच्चारण के महत्त्व को दर्शाता उदाहरण हमने पिछली कड़ी में देखा था कि एक अच्छे पाठक, वक्ता को उसी तरह शब्दों का उच्चारण करना चाहिए…

View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : मिलते-जुलते शब्दों का अर्थ महज उच्चारण भेद से कैसे बदलता है!
APP-FM

क़रीब 250-300 करोड़ की कम्पनी के पास ‘अपने राइटर्स’ को देने के लिए 28-40 पैसे, बस!

“अरे सर, राइटर्स तो हमारे नगीने हैं, नगीने। उनमें से कुछेक की लिखी हुई ऑडियो-सीरीज़ तो करोड़ों की तादाद में लोग सुन रहे हैं”, मोबाइल…

View More क़रीब 250-300 करोड़ की कम्पनी के पास ‘अपने राइटर्स’ को देने के लिए 28-40 पैसे, बस!
mantra-uccharan

‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘अच्छा पाठक’ और ‘अधम पाठक’ किसे कहा गया है और क्यों?

पूर्व में हमने देखा कि वर्ण उत्पत्ति की समस्त प्रक्रिया में बुद्धि क्रमश: विकसित होती हुई वाणी के रूप में परिणत होती है। इससे वक्ता…

View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘अच्छा पाठक’ और ‘अधम पाठक’ किसे कहा गया है और क्यों?