आज बरसों बाद एकचक्रा नगरी के रहवासियों ने राहत की साँस ली थी। अज्ञातवास के दौरान पांडवों को शरण देने वाले ब्राह्मण परिवार की सुरक्षा…
View More बकासुर से जीते पांडव, एकचक्रा के ‘लोकतंत्र’ से हारेTag: रोचक-सोचक
‘संस्कृत की संस्कृति’ : पंडित जी पूजा कराते वक़्त ‘यजामि’ या ‘यजते’ कहें, तो क्या मतलब?
पूर्व में हमने संस्कृत की विविध विशेषताओं को देखा। अब आगे बढ़ते हुए, कुछ प्रयोग देखेंगे। इन प्रयोगों से हम संस्कृत भाषा के प्रयोग के…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : पंडित जी पूजा कराते वक़्त ‘यजामि’ या ‘यजते’ कहें, तो क्या मतलब?अनुभवी व्यक्ति अपने आप में एक सम्पूर्ण पुस्तक होता है
साल 2017 में कुछ प्राथमिक विद्यालयों का चयन अँग्रेजी माध्यम के लिए किया गया l लिखित परीक्षा के उपरांत जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान में इंटरव्यू…
View More अनुभवी व्यक्ति अपने आप में एक सम्पूर्ण पुस्तक होता है‘संस्कृत की संस्कृति’ : संस्कृत व्याकरण की धुरी किसे माना जाता है?
पाणिनीय व्याकरण के प्रसंग में हमने बहुत से प्राचीन और अर्वाचीन आचार्यों विद्वानों के मत देखे। इस सन्दर्भ में हमें आज संस्कृत व्याकरण के नाम…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : संस्कृत व्याकरण की धुरी किसे माना जाता है?‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘पाणिनि व्याकरण’ के बारे में विदेशी विशेषज्ञों ने क्या कहा, पढ़िएगा!
आचार्य पाणिनि के बृहद् कार्य पर दृष्टि डालने के क्रम में पुन: भगवान पतंजलि की उक्ति का उल्लेख समीचीन होगा। पतंजलि आचार्य पाणिनि के लिए…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘पाणिनि व्याकरण’ के बारे में विदेशी विशेषज्ञों ने क्या कहा, पढ़िएगा!काम को संज़ीदगी से नहीं किया, तो समझो पत्ता साफ़?
कुछ लोगों की आदत होती है कि वे अपने ही काम के प्रति बहुत संज़ीदा नहीं होते। उसे चलताऊ तरीक़े से किया करते हैं। इसलिए…
View More काम को संज़ीदगी से नहीं किया, तो समझो पत्ता साफ़?एक-दूसरे के साथ हमारी संगत या संगति कैसी हो, इस मिसाल से समझिए!
जिसे भी देखिए, वो अपने आप में ग़ुम है। ज़ुबाँ मिली है, मगर हमज़ुबाँ नहीं मिलता।। यह मशहूर शेर हम में अधिकांश लोगों की ज़िन्दगी की…
View More एक-दूसरे के साथ हमारी संगत या संगति कैसी हो, इस मिसाल से समझिए!ज़िन्दगी में ‘मूड’ नहीं, बल्कि हमारा ‘मूव’ मायने रखता है
हम अक्सर मूड को अपने ऊपर हावी पाते हैं। यानी जब मूड हुआ तो कोई काम करेंगे, और नहीं हुआ तो नहीं करेंगे। इससे हमेशा…
View More ज़िन्दगी में ‘मूड’ नहीं, बल्कि हमारा ‘मूव’ मायने रखता है,एक कविता….. ‘क़ातिल ऐशगाह!’
देर रात भूखे कुत्तों को पैकबंद फूड लिए घूमते हैं शफ़ीक़। वह बेक़सूर जानवरों के मुर्दा ज़िस्मों से बना होता है।।नेकी-पुण्य कमाने के लिए जो…
View More ,एक कविता….. ‘क़ातिल ऐशगाह!’यक़ीन दिलाता है तुम्हारा सजदा, कि…..!
यक़ीन दिलाता है तुम्हारा सजदा,कि जीत लिया तुमको मैंने, हरदम के लिए। अब नहीं रोक सकता मुझे कोई,मुक्ति की अपनी राह, ख़ुद चुनने के लिए।…
View More यक़ीन दिलाता है तुम्हारा सजदा, कि…..!