दोहरे चरित्र वाले लोग लोकतांत्रिक प्रणाली और अभिव्यक्ति की आज़ादी जैसी सुविधाओं को किस तरह अपने पक्ष में भुनाते रहते हैं, यह ताज़ा मसला इसका…
View More ये कैसा साम्प्रदायिक सद्भाव कि कोई जानकर गाय की तस्वीर डाले, बकरीद की बधाई दे?Tag: सरोकार
आरसीबी हादसा : उनकी नज़र में हम सिर्फ़ ‘कीड़े-मकोड़े’, तो हमारे लिए वे ‘भगवान’ क्यों?
एक कामकाजी दिन में किसी जगह तीन लाख लोग कैसे इकट्ठे हो गए? इसका मतलब तो यही हुआ कि या तो हमारे पास कोई ढंग…
View More आरसीबी हादसा : उनकी नज़र में हम सिर्फ़ ‘कीड़े-मकोड़े’, तो हमारे लिए वे ‘भगवान’ क्यों?आरसीबी के जश्न में 10 लोगों की मौत- ये कैसा उत्साह कि लोगों के मरने की भी परवा न रहे?
क्रिकेट की इण्डियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के फाइनल मुक़ाबले में मंगलवार, 3 जून को रॉयल चैलेन्जर्स बेंगलुरू की टीम ने अहमदाबाद में पंजाब किंग्स को…
View More आरसीबी के जश्न में 10 लोगों की मौत- ये कैसा उत्साह कि लोगों के मरने की भी परवा न रहे?‘आज्ञा सम न सुसाहिब सेवा’ यानि बड़ों की आज्ञा मानना ही उनकी सबसे बड़ी सेवा है!
एक वैष्णव अथवा तो साधक की साधना का अनुशीलन -आरम्भ आनुगत्य से होता है, परिणति सर्वभावेन शरणागति अर्थात् पूरी तरह शरण में जाने से होती…
View More ‘आज्ञा सम न सुसाहिब सेवा’ यानि बड़ों की आज्ञा मानना ही उनकी सबसे बड़ी सेवा है!फिल्मों में अक़्सर सेना और पुलिस के अफ़सर सिगरेट क्यों पीते रहते हैं?
अभी 31 मई को ‘विश्व तम्बाकू निषेध दिवस’ मनाया गया। हर साल मनाया जाता है। इस साल भी रस्म निभा ली गई। हाँ, रस्म ही…
View More फिल्मों में अक़्सर सेना और पुलिस के अफ़सर सिगरेट क्यों पीते रहते हैं?मेरे जीवन का उद्देश्य क्या? मैंने सोचा तो मुझे मिला!
मैने खुद से सवाल किया कि मेरे जीवन का उद्देश्य क्या है? मैं अपने जीवन में हासिल क्या करना चाहती हूँ? मेरे मुताबिक, ये ऐसे…
View More मेरे जीवन का उद्देश्य क्या? मैंने सोचा तो मुझे मिला!क्यों भारत को अब अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लाना ही होगा?
उम्मीद करता हूँ कि भारत को जल्दी ही यह एहसास हो जाए कि हमें अब अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की ज़रूरत है? ख़ासकर इस तथ्य…
View More क्यों भारत को अब अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लाना ही होगा?मेरे प्यारे गाँव! मैं अपनी चिता भस्म से तुम्हारी बूढ़ी काया का श्रृंगार करूँगा
मेरे प्यारे गाँव तुम्हारी सौंधी मिट्टी की सुगन्ध से गुँथा हुआ तुम्हारा पत्र मिला। तुम्हारा हर शब्द मेरी आत्मा के चिथड़ जाने का गवाह है।…
View More मेरे प्यारे गाँव! मैं अपनी चिता भस्म से तुम्हारी बूढ़ी काया का श्रृंगार करूँगागाँव की दूसरी चिठ्ठी : रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ…!!
मेरे प्यारे बाशिन्दे, मैं तुम्हें यह पत्र लिखते हुए थोड़ा सा भी खुश नहीं हो पा रहा हूँ कि इस बार मेरी अमराई (आम का…
View More गाँव की दूसरी चिठ्ठी : रंजिश ही सही, दिल ही दुखाने के लिए आ…!!ईमानदारी से व्यापार नहीं किया जा सकता, इस बात में कितनी सच्चाई है?
अगर आप ईमानदार हैं, तो आप कुछ बेच नहीं सकते। क़रीब 20 साल पहले जब मैं अमेरिका में था, तब मेरे एक दोस्त ने मुझसे यह…
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