कलि युग में भक्ति मार्ग पाखण्ड से घिरा रहता है, इसलिए भगवान के भजन-पूजन, नाम जप, आदि की सुविधा उसके सरलतम रूप में होने पर…
View More ‘सरल भक्तमाल’- 11..: तर्क कोई कितने भी दे, वैष्णव भक्ति के मूल सम्प्रदाय तो चार ही हैं!Tag: सरोकार
फिल्म ‘थ्री इडियट’ के फुनसुक वाँगड़ू नहीं हैं सोनम वाँगचुक, फिर भी ऐसा प्रचार क्यों?
शिक्षा प्रणाली में मूलभूत सुधार और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग के साथ लद्दाख के सामाजिक, शैक्षिक और पर्यवारण कार्यकर्ता सोनम…
View More फिल्म ‘थ्री इडियट’ के फुनसुक वाँगड़ू नहीं हैं सोनम वाँगचुक, फिर भी ऐसा प्रचार क्यों?केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने अंग्रेजी को ‘विदेशी भाषा’ कह दिया, तो हाय-तौबा क्यों?
भाषा को लेकर बेवजह की हाय-तौबा मची हुई इन दिनों। वजह वही, पीढ़ियों से भारतीय जनमानस में अंग्रेजों की थोपी हुई मानसिकता। दरअसल, केन्द्रीय माध्यमिक…
View More केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने अंग्रेजी को ‘विदेशी भाषा’ कह दिया, तो हाय-तौबा क्यों?जिन्हें सच्ची खुशी की तलाश, वे आईआईटी प्रवेश परीक्षा में जानबूझकर फेल भी हो जाते हैं!
जिन्दगी अपनी है, चुनाव भी अपने ही होते हैं। ऐसा अक्सर कहा जाता है। लेकिन सही मायने में ऐसा होता नहीं है। ज्यादातर मामलों में…
View More जिन्हें सच्ची खुशी की तलाश, वे आईआईटी प्रवेश परीक्षा में जानबूझकर फेल भी हो जाते हैं!देखिए, अपने घर आ रहे दूध में कहीं डिटर्जेंट पाउडर तो नहीं मिला, महाराष्ट्र में पकड़ा गया है!
महाराष्ट्र से एक चिन्ताजनक सूचना सामने आई है। यह सिर्फ उस राज्य ही नहीं, देश के हर घर के लिए चिन्ता का विषय हो सकती…
View More देखिए, अपने घर आ रहे दूध में कहीं डिटर्जेंट पाउडर तो नहीं मिला, महाराष्ट्र में पकड़ा गया है!भारतीय रेल में स्वागत है : सुहागरात मनाइए, पूजा-पाठ करिए, चादर-तकिया चुरा ले जाइए!!
भारतीय रेल बदल रही है। काफी हद तक बदल चुकी है। बदलाव का पहला पहलू- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अभी 12 जुलाई, रविवार को…
View More भारतीय रेल में स्वागत है : सुहागरात मनाइए, पूजा-पाठ करिए, चादर-तकिया चुरा ले जाइए!!‘सरल भक्तमाल’- 10..: अब हम सीधे कलियुग में हुए भगवान के भक्तों के चरित्र क्यों कहेंगे?
‘श्री भक्तमाल’ के करीब-करीब सभी संस्करणों में कथा का क्रम सत युग में हुए भगवान के भक्तों जीवन प्रसंगों से शुरू होता है। फिर त्रेता…
View More ‘सरल भक्तमाल’- 10..: अब हम सीधे कलियुग में हुए भगवान के भक्तों के चरित्र क्यों कहेंगे?कैसे शिक्षक हैं ये, जो छोटे बच्चों को भावनात्मक चोट पहुँचा रहे, जान देने पर मजबूर कर रहे हैं?
अभी दो दिन में सामने आई तीन सूचनाओं ने एक नई बहस को जन्म दिया है। इसमें प्रश्न यह है कि बच्चों के जीवन में…
View More कैसे शिक्षक हैं ये, जो छोटे बच्चों को भावनात्मक चोट पहुँचा रहे, जान देने पर मजबूर कर रहे हैं?सच्ची कहानी जो बताती है कि जीवन कठिन है और वास्तविकता का सामना करना कठिनतम!
सोशल मीडिया के मंच ‘लिंक्डइन’ पर एक उद्यमी किरण वर्मा ने मार्मिक कहानी साझा की है। सच्ची कहानी, जो एक ऐसे व्यक्ति की है, जिन्होंने…
View More सच्ची कहानी जो बताती है कि जीवन कठिन है और वास्तविकता का सामना करना कठिनतम!राम-धाम में लूट, जन्मभूमि-मन्दिर पर राजनीति, लेकिन लोग शान्त हैं, क्यों? सुनिए जवाब…!
अयोध्या के श्री रामजन्मभूमि मन्दिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की लूट हो गई। इस चोरी-लूट के आठ आरोपी अब तक गिरफ्तार किया गए…
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