Shree Ram Mandir

राम-धाम में लूट, जन्मभूमि-मन्दिर पर राजनीति, लेकिन लोग शान्त हैं, क्यों? सुनिए जवाब…!

टीम डायरी

अयोध्या के श्री रामजन्मभूमि मन्दिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे की लूट हो गई। इस चोरी-लूट के आठ आरोपी अब तक गिरफ्तार किया गए हैं। उनके पास से करीब 80 लाख रुपए बरामद हुए हैं। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के दो वरिष्ठ अधिकारियों- महासचिव चम्पत राय और न्यासी अनिल मिश्र ने इस्तीफा दिया है। इस छह जुलाई को न्यास की आपातकालीन बैठक के दौरान इनके इस्तीफे स्वीकार भी कर लिए गए हैं।

आगे मामले की विस्तृत जाँच जाारी है। साथ ही भरपूर राजनीति भी। उत्तर प्रदेश में अगले साल के शुरू में चुनाव जो हैं। लिहाजा, इस मामले में अपने बचाव का रास्ता तलाशती भारतीय जनता पार्टी (क्योंकि श्रीराम मन्दिर का मुद्दा इस पार्टी के राजनैतिक प्राथमिकता वाला रहा है) ने दिशा मोड़ने की कोशिश की है। कहा जा रहा है कि चढ़ावा चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया एक प्रमुख आरोपी टिन्नू यादव समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ पहले से सम्पर्क में बना हुआ था। वहीं, अखिलेश ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ऐसे ही विश्व हिन्दू परिषद ने प्रियंका वाड्रा पर निशाना साधा है।

और तो और, महाराष्ट्र के उद्धव ठाकरे जैसे नेता, जो कुछेक साल पहले तक सत्ता में बने रहने की गरज से श्रीराम और उनके मन्दिर से लगातार परहेज कर रहे थे, दूरी बनाए हुए थे, अब वह भी ‘राममय’ हो रहे हैं। विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कह रहे हैं, हिन्दू मूर्ख नहीं है। यकीनन सही कहा उन्होंने। हिन्दू समुदाय समझता है कि चाहे सत्ता पक्ष के नेता हों या अखिलेश, उद्धव, राहुल, केजरीवाल, आदि जैसे विपक्षी। हम्माम के भीतर सब निर्वस्त्र ही हैं। इन सबको सिर्फ राजनीति चमकाने से मतलब है। किसी भी तरह से सत्ता तक पहुँचने से मतलब है बस। भगवान श्रीराम से जुड़ी आस्था, उनकी मर्यादा से किसी का कोई लेना-देना नहीं है।

अलबत्ता, फिर यह सवाल भी उठता है कि अगर हिन्दू मूर्ख नहीं है, सब समझता है, तो इतना सब होने और होते जाने के बाजवूद वह अब तक शान्त क्यों है? इसका जवाब संस्कृत भाषा के जाने-माने विद्वान नित्यानंद मिश्र जी अपनी इस एक कविता के माध्यम से दे रहे हैं। नीचे उनका वीडियो है, सुनिए उन्हीं से।

हाँ, एक सूचना और। इस पूरे प्रसंग में बीते कुछ दिनों से यह समाचार भी फैलाए जा रहे थे कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को मन्दिर की न्यौछावर के रूप में दान की गई कुछ बहुमूल्य वस्तुएँ भी शायद चोरी हो गई हैं। जैसे- सोने का पानी चढ़ी हुई श्री रामचरित मानस, श्री कागभुसुण्डि जी की चाँदी की मूर्ति, आदि। लिहाजा, न्यास की ओर से इन तमाम चीजों को सार्वजनिक रूप से पेश करते हुए श्रद्धालुओं से आग्रह किया गया है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें। न्यास ने अब तक दान में आई रकम और हुए खर्चों का ब्यौरा भी सार्वजनिक किया है। साथ ही, न्यास में एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का नया पद बनाने और अन्य जरूरी इंतजामात को भी सुधारने, सख्त करने की बात कही है। क्यों? ताकि श्रद्धालुओं का भरोसा बना रहे। काश! ऐसा ही हो!!

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