मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले आकाश कनौजिया की उम्र अभी 31 साल है। महज चन्द दिनों पहले तक उनके पास मुम्बई में नौकरी…
View More उसकी छवि ख़राब हुई, नौकरी गई, शादी भी टूटी…, इसकी भरपाई पुलिस करेगी क्या?Tag: सरोकार
अमेरिकी कहलाने के लिए ‘अधपके बच्चे’ पैदा करेंगे!…, ऐसे लोग ‘भारतीय गणतंत्र पर कलंक’!!
भारतीय गणतंत्र के 75 साल पूरे होने के अवसर पर देश के सामने दो विरोधाभासी तस्वीरें उभरकर आईं। पहली- 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान…
View More अमेरिकी कहलाने के लिए ‘अधपके बच्चे’ पैदा करेंगे!…, ऐसे लोग ‘भारतीय गणतंत्र पर कलंक’!!‘एक देश, एक त्योहार-तिथि’, यह सुनिश्चित करने की पहल ख़ुद शंकराचार्य क्यों नहीं करते?
‘एक देश-एक पंचांग’ या दूसरे शब्दों में ‘एक देश-एक त्योहार तिथि’, कुछ भी कह लीजिए। इस सन्दर्भ में निश्चित स्थिति तय किए जाने की आवश्यकता…
View More ‘एक देश, एक त्योहार-तिथि’, यह सुनिश्चित करने की पहल ख़ुद शंकराचार्य क्यों नहीं करते?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वहाँ रोजी मैडबुल का अब कहीं नामो-निशान नहीं था!
वह मानो किसी सपने से उठी हो। रात के सपने से, भयावह रात के सपने से बाहर आकर सीधे तनकर खड़ी हो गई हो। उसकी…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वहाँ रोजी मैडबुल का अब कहीं नामो-निशान नहीं था!सीता-अपहरण के लिए रावण सोने का हिरण बनकर आया! ये कहने वाले इस देश के ‘नेता’ हैं!!
श्रीराम और श्रीकृष्ण की कहानी इस देश का बच्चा-बच्चा जानता है। घर-घर में रामायण, रामचरित मानस, गीता और महाभारत की कहानियाँ पढ़ी-सुनी जाती हैं। पर…
View More सीता-अपहरण के लिए रावण सोने का हिरण बनकर आया! ये कहने वाले इस देश के ‘नेता’ हैं!!‘बिकाऊ बाज़ारू माल’ को व्यापारी ‘ख़राब’ कहता है क्या, फिर गूगल-फेसबुक क्यों कहेंगे?
ज़्यादा हलचल तो नहीं हुई, लेकिन कुछ छोटी-मोटी सुर्ख़ियाँ बनी थीं। अभी चार-पाँच दिन पहले की बात है। ख़बर आई कि गूगल ने यूरोपीय संघ…
View More ‘बिकाऊ बाज़ारू माल’ को व्यापारी ‘ख़राब’ कहता है क्या, फिर गूगल-फेसबुक क्यों कहेंगे?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह पटाला थी, पटाला का भूत सामने मुस्कुरा रहा था!
दुनिया एकाएक आदिमयुगीन अराजकता में पहुँच गई। बेलगाम नफरत और क्रोध की जहरीली हवा अंबा के फेंफड़ों में भर गई थी। वह अपने आप में…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह पटाला थी, पटाला का भूत सामने मुस्कुरा रहा था!मध्य प्रदेश में इन्दौर के बराबर जंगल घटे, कुम्भ में अपनाई मियावॉकी तकनीक समाधान है!
मध्य प्रदेश के बारे में प्रचारित यह किया जाता है कि राज्य में सर्वाधिक जंगल हैं। एक अर्थ में यह सही भी हो सकता है।क्योंकि…
View More मध्य प्रदेश में इन्दौर के बराबर जंगल घटे, कुम्भ में अपनाई मियावॉकी तकनीक समाधान है!संक्रान्ति : 56 भाेग तो ठीक, पर बेटी-दामाद को परोसे 130 या 465 भोग का क्या माजरा है?
परम्पराएँ हैं, मज़ाक नहीं हैं। हिन्दुस्तान में हर परम्परा अपने आप में गहरा अर्थ समेटे होती है। भले उनमें आधुनिकता की थोड़ी सी छोंक लग…
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अभी 70 या 90 घंटों की बात तो भूल जाइए। मैंने हफ़्ते में 100 घंटे भी काम किया है। वह भी लगाताार 6 महीने तक।…
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