हमारी युवा पीढ़ी, हमारे किशोर कहाँ जा रहे हैं, कैसे गुमराह हो रहे हैं, इसकी मिसाल इन दो-तीन समाचारों में मिलती है। पहला समाचार उदयपुर,…
View More ये समाचार पढ़िए और सोचिए कि हमारी युवा पीढ़ी ऐसे भटकाव की शिकार क्यूँ है?Tag: सरोकार
जो जान बचाने आए, वे अपनी जान बचाते रहे, और वह जान से हाथ धो बैठा!
गोस्वामी तुलसीदास जी श्रीरामचरित मानस में लिख गए हैं, “का वर्षा जब कृषि सुखाने, समय चुके पुनि का पछताने।” मतलब ऐसी बारिश किस काम की…
View More जो जान बचाने आए, वे अपनी जान बचाते रहे, और वह जान से हाथ धो बैठा!बिना इंजन वाला भारतीय जहाज ‘कौण्डिन्य’ मस्कट पहुँच गया, तो इससे क्या हासिल हुआ?
इतिहास दोबारा लिख दिया गया। आइएनएसवी कौण्डिन्य मस्कट पहुँच गया! सवाल हो सकता है कि आखिर इसमें ऐसी क्या खास बात है? तो जवाब है…
View More बिना इंजन वाला भारतीय जहाज ‘कौण्डिन्य’ मस्कट पहुँच गया, तो इससे क्या हासिल हुआ?नोबेल की लूट है, लूटत बने तो लूट…, और डोनाल्ड ट्रम्प नोबेल लूट ले गए!
कबीर दास जी कह गए थे, “राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट। पाछे फिर पछताएगा, प्राण जाहि जब छूट।।” लगता है अमेरिकी…
View More नोबेल की लूट है, लूटत बने तो लूट…, और डोनाल्ड ट्रम्प नोबेल लूट ले गए!लत व्यायाम की भी बुरी, शरीर की उम्र दोगुनी तक बढ़ सकती है, जैसे इनकी बढ़ी!
लत कोई भी हो, बुरी ही होती है। भले वह व्यायाम की ही क्यों न हो। अधिक व्यायाम की लत से भी लोगों को कई…
View More लत व्यायाम की भी बुरी, शरीर की उम्र दोगुनी तक बढ़ सकती है, जैसे इनकी बढ़ी!तलाक चाहिए, क्योंकि सब-इंस्पेक्टर पत्नी को पुरोहित पति के साथ खड़े होने में शर्म आती है
यह मामला जितना ‘रोचक-सोचक’ है, उतना ही ‘सरोकार’ जुड़ा हुआ भी। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की परिवार अदालत में तलाक का एक मामला चल…
View More तलाक चाहिए, क्योंकि सब-इंस्पेक्टर पत्नी को पुरोहित पति के साथ खड़े होने में शर्म आती है‘हिजाब वाली प्रधानमंत्री’ और हजारों फिदायीन जिहादी, क्या भारत इनके लिए तैयार है?
सुर्खियाँ अलग-अलग जगह से बनी हैं। लेकिन भारत के भविष्य से जुड़ी हैं। सभी की पृष्ठभूमि में सवाल एक ही गूँज रहा है कि क्या…
View More ‘हिजाब वाली प्रधानमंत्री’ और हजारों फिदायीन जिहादी, क्या भारत इनके लिए तैयार है?विश्व हिन्दी दिवस मना लिया, अब जरा इससे जुड़े आँकड़े भी देख लीजिए!
आज, 10 जनवरी को ‘विश्व हिन्दी दिवस’ मना लिया गया। क्यों? क्योंकि इसी तारीख को नागपुर में पहला ‘विश्व हिन्दी सम्मेलन’ आयोजित किया गया था,…
View More विश्व हिन्दी दिवस मना लिया, अब जरा इससे जुड़े आँकड़े भी देख लीजिए!हम अपने राज्य में अपनी भाषा को प्राथमिकता देते हैं, तो दूसरे राज्य में इसी का विरोध क्यों?
लगता है दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भाषा विवाद संकुचितता की हद तक पहुँचता जा रहा है। मामला केरल का है। वहाँ राज्य सरकार…
View More हम अपने राज्य में अपनी भाषा को प्राथमिकता देते हैं, तो दूसरे राज्य में इसी का विरोध क्यों?कविता : मैं मरते ही ‘शब्द’ हो जाऊँगा, और गाँव की हर किताब के पन्नों पर मिलूँगा…!
मुझे जहान की गर्द में मत ढूँढना प्यारे।मैं जब नहीं रहूँगा, तो गाँव की उसी ‘सुनहरी-भस्म’ के साथ उड़ता मिलूँगा, जिसे तुम धूल कहते हो।…
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