राजकोट गुजरात में बच्चों के लिए बनाए गए एक गेम जोन में आग लग गई। इस हादसे में 28 लोग मारे गए। इनमें 12 बच्चे…
View More गुजरात-दिल्ली की आग हमारे सीनों में क्यों नहीं झुलसती?Tag: सरोकार
बेहतर है कि इनकी स्थिति में सुधार लाया जाए, एक कदम इनके लिए भी बढ़ाया जाए
स्कूल से घर लौटते वक्त अक्सर मानसरोवर पार्क के पास की झुग्गियों पर नज़र पड़ जाया करती है। इनके बारे में इतना कभी नहीं सोचा।…
View More बेहतर है कि इनकी स्थिति में सुधार लाया जाए, एक कदम इनके लिए भी बढ़ाया जाए‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह खुद अपना अंत देख सकेगी… और मैं भी!
तहखाने में जंगली पौधे बोल्डो की अजीब सी गंध भरी थी। उसमें अम्लीय नमक और रात भर खौलते सरसों के तेल में डुबोई गईं बादाम…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह खुद अपना अंत देख सकेगी… और मैं भी!पूरा ‘अस्पताल’ आसमान से ज़मीन पर गिरा दिया और कुछ भी टूटा-फूटा नहीं!!
ये बदलते भारत की कुछ और जीवन्त तस्वीरें हैं। लेकिन जैसा कि अमूमन होता है, इनमें कोई मसाला नहीं है इसलिए ये सुर्ख़ियाँ भी तुलनात्मक…
View More पूरा ‘अस्पताल’ आसमान से ज़मीन पर गिरा दिया और कुछ भी टूटा-फूटा नहीं!!‘जल पुरुष’ राजेन्द्र सिंह जैसे लोगों ने राह दिखाई, फिर भी जल-संकट से क्यूँ जूझते हम?
गर्मियों के मौसम देश के किसी न किसी हिस्से में ‘पानी की कमी’ की ख़बरें अक्सर पढ़ती हूँ। मिसाल के तौर पर बेंगलुरू में पानी…
View More ‘जल पुरुष’ राजेन्द्र सिंह जैसे लोगों ने राह दिखाई, फिर भी जल-संकट से क्यूँ जूझते हम?‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘परिवार दिवस’- क्या हम ‘परिवार’ की भारतीय अवधारणा समझते हैं?
नए दौर के चलन के मुताबिक, आज 15 मई, बुधवार को ‘परिवार दिवस’ मना लिया गया। हालाँकि कोई भी दिवस मनाना मेरे लिए बस इतना…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : ‘परिवार दिवस’- क्या हम ‘परिवार’ की भारतीय अवधारणा समझते हैं?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उसने बंदरों के लिए खासी रकम दी थी, सबसे ज्यादा
कैंडी के नजदीक आते ही मथेरा उसकी उम्र का अंदाज लगाने लगा। वह अधेड़ महिला थी, लेकिन उसे देखकर उसकी उम्र का सटीक अनुमान लगाना…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उसने बंदरों के लिए खासी रकम दी थी, सबसे ज्यादाहमारा समाज ‘मदर केयर’ की बात करता है, ‘मदर की कदर’ नहीं करता…, करनी चाहिए
अभी कुछ दिन पहले की बात है। दिल्ली के बड़े अस्पताल में किसी मित्र के साथ जाना हुआ। वहाँ डॉक्टर के इंतिज़ार में एक माँ…
View More हमारा समाज ‘मदर केयर’ की बात करता है, ‘मदर की कदर’ नहीं करता…, करनी चाहिए‘मायावी अम्बा और शैतान’ : हाय हैंडसम, सुना है तू मुझे ढूँढ रहा था!
डेविल स्पिट ऐसी जगह थी, जहाँ तमाम अनैतिक धंधे होते थे। नशेबाजी, वैश्यावृत्ति, जुआखोरी, सट्टेबाजी, सब। ऐसा शायद ही कोई गैरकानूनी काम हो, जो वहाँ…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : हाय हैंडसम, सुना है तू मुझे ढूँढ रहा था!‘प्लवक’ हमें साँसें देते हैं, उनकी साँसों को ख़तरे में डालकर हमने अपने गले में फ़न्दा डाला!
कक्षा 12वीं की अंग्रेजी की किताब का एक चैप्टर है, ‘द एंड ऑफ द अर्थ’। यह हमें बताता है कि किस प्रकार मनुष्य की गतिविधियाँ…
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