अब सड़कों पर यातायात नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं। मतलब दोपहिया वाहन में हैलमेट लगाए बिना, या कार में सीट बैल्ट बाँधे बिना चले,…
View More अब यातायात नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं, ‘मशीनी बुद्धि’ वाला हैलमेट आ गया हैTag: सरोकार
इन्दौर : आपने हमें विफल कर दिया, साफ शहर में गन्दे पानी से मौतें, शर्मनाक!
इन्दौर, आपने हमें विफल कर दिया! शर्म की बात है कि देश का सबसे साफ शहर अपने लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक…
View More इन्दौर : आपने हमें विफल कर दिया, साफ शहर में गन्दे पानी से मौतें, शर्मनाक!लीजिए, अब केरल के सबरीमला मन्दिर से भ्रष्ट राजनैतिक तंत्र ने सोना भी चुरा लिया!
धर्मस्थलों, खासकर हिन्दुओं के धार्मिक स्थानों में राजनैतिक तंत्र की दखलंदाजी से होने वाले ‘प्रदूषण’ की यह एक और बानगी है। केरल के
View More लीजिए, अब केरल के सबरीमला मन्दिर से भ्रष्ट राजनैतिक तंत्र ने सोना भी चुरा लिया!लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच की ‘दीवार’ का नाम- ‘संवेदनहीन नौकरशाही’
एक छोटी-सी समस्या के समाधान के लिए व्यक्ति फ़ाइलों के जंगल में भटकता है। फोन उठाने से लेकर जवाब देने तक हर कदम पर दीवार…
View More लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच की ‘दीवार’ का नाम- ‘संवेदनहीन नौकरशाही’ध्यान रखिए, भविष्य में दुनिया अगर बचेगी तो भारत के यथार्थ ज्ञानतंत्र से ही!
जब हमारा नजरिया संकीर्ण होता है, तो हम सामने हाजिर मजमून को ही बेजा अहमियत दे देते हैं। यह भूल स्वाभाविक है। हाल के दिनों…
View More ध्यान रखिए, भविष्य में दुनिया अगर बचेगी तो भारत के यथार्थ ज्ञानतंत्र से ही!अरावली बंजर भूमि नहीं जीवित अवसंरचना है, इसे सिर्फ ऊँचाई से मत नापिए
अरावली पर्वतमाला विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है। यह पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी के रूप में सदियों से…
View More अरावली बंजर भूमि नहीं जीवित अवसंरचना है, इसे सिर्फ ऊँचाई से मत नापिए350 करोड़ साल पुरानी अरावली पर ‘100 मीटर का ग्रहण’! तो क्या गोवर्धन पर्वत पर भी…?
अरावली, भारत की प्राचीनतम पर्वत श्रृंखलाओं में से एक। करीब 350 करोड़ साल की उम्र बताई जाती है इसकी। गुजरात के पालनपुर से शुरू होकर…
View More 350 करोड़ साल पुरानी अरावली पर ‘100 मीटर का ग्रहण’! तो क्या गोवर्धन पर्वत पर भी…?ये कैसे प्रबन्धक हैं, जो पैसे और पैसेवालों के लिए भगवान को भी कष्ट देने से नहीं चूकते?
सनातन संस्कृति में भगवान के विग्रहों को चैतन्य अर्थात् जीवन्त माना गया है। इसलिए कि हम उन्हें अपनी तरह समझें, अपना मानें और उनके साथ…
View More ये कैसे प्रबन्धक हैं, जो पैसे और पैसेवालों के लिए भगवान को भी कष्ट देने से नहीं चूकते?आर. श्रीलेखा को जानिए, ये केरल में नया राजनैतिक इतिहास लिख सकती हैं!
केरल से शनिवार, 13 दिसम्बर को एक महिला राजनेता का नाम देशभर की सुर्खियों में आया। इनका नाम है आर. श्रीलेखा। इनके बारे में कहा…
View More आर. श्रीलेखा को जानिए, ये केरल में नया राजनैतिक इतिहास लिख सकती हैं!‘श्रमेव जयते’-अशुद्ध! ‘भारत की भाषा’ का ध्यान भारत सरकार नहीं रखेगी तो कौन रखेगा?
‘श्रमेव जयते’ अशुद्ध, ‘श्रमेव जयते’ कष्टकर, ‘श्रमेव जयते’ चिन्ताजनक, ‘श्रमेव जयते’ हास्यास्पद। भारत सरकार की ओर से दिए गए नारे पर यह टिप्पणियाँ देश के…
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