Bengaluru-water crisis

बेंगलुरू में साल के छह महीने पानी बरसता है, फिर भी जल संकट क्यों?

मैं बेंगलुरू में रहता हूँ और मेरे स्नानघर में अब भी पर्याप्त पानी है। तो क्या बेंगलुरू में पानी के संकट से जुड़ी ख़बरें झूठी…

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No-Smoking

धूम्रपान निषेध दिवस : अपने लिए खुशी या अपनों के लिए आँसू, फ़ैसला हमारा!

‘धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है’, ये वाक्य हमें हर गली-चौराहे और नशीली चीज़ों पर अक्सर लिखा हुआ दिखता है। हम सब जानते हैं, मानते…

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kachnar

यात्रा, मित्रता और ज्ञानवर्धन : कुछ मामलों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाकई अच्छा है

सुबह विद्यालय के लिए निकलती हूँ और सड़क पार करते ही एक पेड़ दिखता है…फूलों से लदा हुआ l बस आती नहीं दिखी तो मैं…

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Mayavi Amba-38

मायावी अम्बा और शैतान : वे तो मारने ही आए थे, बात करने नहीं

गोलियों और संगीनों के साथ जब वे पहली बार उनके पीछे लगे, तभी से वह लोग भाग रहे थे। रुके नहीं थे। हालाँकि गोलियाँ उनकी…

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English Language

अंग्रेजी से हमारा मोह : हम अब भी ग़ुलाम मानसिकता से बाहर नहीं आए हैं!

मैं जब ‘याहू’ में काम करता था, तो दक्षिण कोरिया में चार सदस्यों की मेरी टीम थी। उन चार सदस्यों में से‘ सिर्फ एक को…

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Social Media Trap

सोशल मीडिया कंटेंट : उठना है, जागना है, छुरे की धार पर आगे बढ़ना है!

कुछ दिन पहले ही यूट्यूब चैनल पर किसी महाराज की शिष्या द्वारा समाधि लेने की ख़बर दिखी, जो नियत समय में समाधि से लौटी ही…

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Mahila, Women

महिला दिवस जैसे मौकों पर होने वाले स्त्री-विमर्श में भाषा को नपुंसक क्यों करना?

आजकल भाषा में स्त्री- विमर्श जोर पकड़ रहा है। ऐसा नहीं कि यह कोई नया विषय है। भाषा में लैंगिक भेद सम्भवत: प्रायोजित नहीं अपितु…

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Mayavi Amba-37

‘मायावी अम्बा और शैतान’ : तुम्हारे लोग मारे जाते हैं, तो उसके जिम्मेदार तुम होगे

“यह तो कोरा झूठ है। धोखा है ये! अब मैं समझी – वे तुम्हारे आदमी थे, जो झूठ बोलकर हमारे गाँव में आए। और किसलिए?…

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earphone

सावधान…ये जो कान में अपन इयरफोन ठूँस लेते हैं न, यह हमें बहरा बना रहे हैं!

इस मार्च महीने की तीन तारीख़ को दुनियाभर में

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