कुछ देर में उस विशालकाय भैंस के होंठ हिले और उसने अजीब सी आवाज निकाली। थोड़ी सीटी और कुछ गाने जैसी। उसमें चेतावनी थी और…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : अब वह खुद भैंस बन गई थीTag: सरोकार
देखिए, भक्त कैसे अपने गोविन्ददेव जी को साथ में पतंग उड़ाने के लिए बुला रहे हैं
ये जयपुर के राधागोविन्द देव जी मन्दिर का मनमोहक दृश्य है। हर साल मकर संक्रान्ति पर भक्त यहाँ ऐसे ही अपने आराध्य गोविन्द देव से…
View More देखिए, भक्त कैसे अपने गोविन्ददेव जी को साथ में पतंग उड़ाने के लिए बुला रहे हैं‘सरकार’ हिन्दी के लिए ऐसे कैसे जगेगा स्वाभिमान, जब आप ही…!
नीचे दी गईं ये तस्वीरें केन्द्र सरकार के ‘नागर विमानन मंत्रालय’ से ताल्लुक रखती हैं। उसकी ओर से सोशल मीडिया पर नियमित रूप से साझा…
View More ‘सरकार’ हिन्दी के लिए ऐसे कैसे जगेगा स्वाभिमान, जब आप ही…!‘12वीं फेल’ की चमक-दमक के बीच एक ‘छोटी सी बड़ी’ फिल्म यह भी देखिए, ‘प्लूटो’
अभी हर तरफ़ एक बेहद सफल फिल्म ‘12वीं फेल’ के चर्चे हैं। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी श्री मनोज शर्मा के जीवन की सच्ची…
View More ‘12वीं फेल’ की चमक-दमक के बीच एक ‘छोटी सी बड़ी’ फिल्म यह भी देखिए, ‘प्लूटो’‘संस्कृत की संस्कृति’ : बच्चे का नाम कैसा हो- सुन्दर और सार्थक या नया और निरर्थक?
हमने पिछली बार यादृच्छिक शब्दों के प्रयोग पर और धातु से उत्पन्न शब्दों के बारे में चर्चा की थी। यादृच्छिक शब्दों के प्रयोग से एक…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : बच्चे का नाम कैसा हो- सुन्दर और सार्थक या नया और निरर्थक?आज विश्व हिन्दी दिवस है… और ये विश्व ‘विधालय’ अनुदान आयोग है!
आज ‘विश्व हिन्दी दिवस’ है। दुनिया भर के हिन्दी विशेषज्ञ, मीडिया और सोशल मीडिया वग़ैरा के मंचों पर भर-भर के ज्ञान दिया जा रहा है।…
View More आज विश्व हिन्दी दिवस है… और ये विश्व ‘विधालय’ अनुदान आयोग है!‘मायावी अम्बा और शैतान’ : खून और आस्था को कुरबानी चाहिए होती है
अंबा के खाली पेट में गुड़गुड़ाहट हो रही थी। भूख के कारण बहुत कमजोरी लग रही थी। लिहाजा, वह पास में ही बह रही नदी…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : खून और आस्था को कुरबानी चाहिए होती हैजानवरों के भी हुक़ूक हैं, उनका ख़्याल रखिए
आज ज़्यादातर लोग नौकरी या किसी और सिलसिले में अपने घर और अपनों से दूर दूसरे शहरों में रहते हैं। इसी कारण अकेलेपन से पीछा…
View More जानवरों के भी हुक़ूक हैं, उनका ख़्याल रखिए‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मृतकों की आत्माएँ उनके आस-पास मँडराती रहती हैं
धुंध में घिरा जोतसोमा जल्दी ही जमीन के नीचे से बाहर निकल आए जीव-जंतुओं के लिए जानलेवा खेल का मैदान बन गया था। सूरज ढलने…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मृतकों की आत्माएँ उनके आस-पास मँडराती रहती हैं‘संस्कृत की संस्कृति’ : पंडित जी पूजा कराते वक़्त ‘यजामि’ या ‘यजते’ कहें, तो क्या मतलब?
पूर्व में हमने संस्कृत की विविध विशेषताओं को देखा। अब आगे बढ़ते हुए, कुछ प्रयोग देखेंगे। इन प्रयोगों से हम संस्कृत भाषा के प्रयोग के…
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