menstural

महिलाओं को मासिक धर्म के समय सवैतनिक छुट्‌टी अच्छी है, मगर माह में एक दिन क्यों?

कर्नाटक सरकार ने एक गौर करने लायक पहल की है। उसने राज्य में कार्यरत सभी महिला कर्मचारियों को उनके मासिक धर्म के दौरान सालभर में…

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Karwa-Chauth

करवा चौथ को न तो केवल रूढ़िवादिता समझें और न इसे सिर्फ दिखावे का त्योहार बनाएँ!

भारतीय संस्कृति का एक लोकप्रिय पर्व है करवा चौथ। इसकी परम्परा प्रेम और समर्पण से जुड़ी है, लेकिन आधुनिक समाज में यह त्योहार समानता और…

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Chanakya

करीब 2,500 साल पुरानी चाणक्य की सोच और सबक आज भी प्रासंगिक कैसे है?

क्या कभी किसी ने हमें-आपको बताया कि सिकन्दर को भारत की सीमा के भीतर अपने आधिपत्य का विस्तार करने से वास्तव में चाणक्य ने रोका…

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Medha-Kulkarni

सांसद मेधाताई कुलकर्णी, जिनके पास सच कहने का साहस है और सलीका भी!

राजनेताओं को मैं आमतौर पर बहुत पसन्द नहीं करता, लेकिन आज मैं यहाँ एक ‘छोटी’ राजनेता की प्रशंसा में लिख रहा हूँ। पिछले 75 वर्षों…

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Bundelkhand

जहाँ के पत्थर भी ‘हीरा’, वह बुन्देलखण्ड अपनी अलग पहचान कब पाएगा और कैसे?

‘हीरे’ का आशय सिर्फ हीरे से मत निकालिए, बल्कि उन बहुमूल्य खनिजों से इसका अर्थ जोड़िए जो हर कहीं उपलब्ध नहीं होते। हालाँकि बुन्देलखण्ड के…

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Dushehara

पुतलों का दहन नहीं, मन और समाज की बुराइयों का संहार दशहरे का असली सन्देश!

दशहरा सच्चे अर्थ में विजयादशमी तब बनेगा, जब हम अपने भीतर के अहंकार, वासना और लोभ को परास्त करेंगे। जब हम यह समझेंगे कि पुतलों…

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garba

गरबा-डांडिया रात के समय और फिल्मी धुनों पर ही क्यों, जबकि…?

दिल्ली, मुम्बई, भोपाल, इन्दौर जैसे शहरों और गुजरात जैसे राज्यों में आजकल ‘डांडिया-नाइट’ और ‘गरबा-नाइट’ का चलन जोरों पर है। इस तरह के कार्यक्रमों में…

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Dipak

भांजी के नाम पत्र : जीवन की निर्ममता से पार पाने के लिए अपनी हँसी को बनाए रखना होगा

प्रिय गुल्लू मैं तुम्हें यह पत्र तब लिख रहा हूँ, जब तुम समय के रथ पर सवार होकर जीवन के 21 वर्ष पूरे कर चुकी…

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White Headlight

वाहनों की सफेद हैडलाइटें सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही हैं, इन्हें हटाइए!

भारत में यह समस्या अब गम्भीर रूप ले चुकी है। दुनिया के कई विकसित देशों ने इस समस्या को पहले ही समझ लिया था। यूरोप,…

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samvaad

‘अपनों’ से बात कीजिए, संवादहीनता परिवार और समाज के लिए चुनौती बन रही है

भारतीय समाज में परिवार की भूमिका जीवन के हर पड़ाव पर महत्त्वपूर्ण होती है। लेकिन आज के व्यस्त और डिजिटल जीवन में संवादहीनता परिवार, समाज…

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