दुनियाभर में ऐसे लोगों की कमी नहीं, जो अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कम्पनी ‘गूगल’ को ‘भगवान’ का दर्ज़ा देते हैं। उसकी तकनीकी सेवाओं पर आँख बन्द कर…
View More ‘गूगल भगवान’ की अन्धभक्ति बन्द कीजिए, इन्हें ‘भक्तों’ की जान की भी परवा नहीं!Tag: सरोकार
काम के कारण अधिक तनाव में हैं, तो घर बैठिए… निजी कम्पनियों का यह स्पष्ट सन्देश!
भारत का निजी क्षेत्र दुनिया के साथ क़दम मिला रहा है। अभी तक हम अधिकांशत: पश्चिमी देशों की बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के बारे में सुनते थे…
View More काम के कारण अधिक तनाव में हैं, तो घर बैठिए… निजी कम्पनियों का यह स्पष्ट सन्देश!नास्तिक मत आखिर कितने सनातनी?
पिछले भाग में हमने देखा सनातन वैदिक संस्कृति को बाँधने वाली शक्ति यज्ञ है। कुछ वैदिक यज्ञों में पशुवध भी होता रहा है, उसका वास्तविक…
View More नास्तिक मत आखिर कितने सनातनी?बदमाश को बना दिया ‘अठन्नी छाप’ समाज-कंटकों का वास्तव में यही इलाज़ है!
समाचार दो-तीन दिन पुराना है। मगर इससे जुड़ा प्रयोग देश में ही नहीं सम्भवत: दुनियाभर में नया है। और इसके असर की बात करें, तो…
View More बदमाश को बना दिया ‘अठन्नी छाप’ समाज-कंटकों का वास्तव में यही इलाज़ है!‘मायावी अम्बा और शैतान’: नकुल मर चुका है, वह मर चुका है अंबा!
भड़ाक्………… एक कर्णभेदी धमाका हुआ। उस आवाज ने उसकी सुनने, सोचने, समझने की ताकत को थोड़ी देर के लिए कुंद कर दिया। कराहने की आवाजें…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: नकुल मर चुका है, वह मर चुका है अंबा!‘मायावी अम्बा और शैतान’: डर गुस्से की तरह नहीं होता, यह अलग-अलग चरणों में आता है!
डर गुस्से की तरह नहीं होता। यह अलग-अलग चरणों में आता है, जिन्हें गिना नहीं जा सकता। डर को सन्दूक में बन्द नहीं कर सकते।…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: डर गुस्से की तरह नहीं होता, यह अलग-अलग चरणों में आता है!वैदिक यज्ञ परम्परा में पशु यज्ञ का वास्तविक स्वरूप कैसा है?
श्रृंखला की पिछली कड़ी और कड़ियों में हमने देखा कि सनातन वैदिक धर्म में श्रौत परम्परा अपरिहार्य क्यो (पिछली कड़ियों के शीर्षक उनकी लिंक्स के…
View More वैदिक यज्ञ परम्परा में पशु यज्ञ का वास्तविक स्वरूप कैसा है?‘मायावी अम्बा और शैतान’: आखिरी अंजाम तक, क्या मतलब है तुम्हारा?
सामने से हो रही गोलीबारी का जवाब देने के लिए जैसे ही अंबा ने अपनी बंदूक का घोड़ा दबाया उसके कंधे में जोर का झटका…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: आखिरी अंजाम तक, क्या मतलब है तुम्हारा?भारत सिर्फ़ अंग्रेजी ही नहीं बोलता!
भारत सिर्फ़ अंग्रेजी ही नहीं बोलता! किसी के भी पास सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में संवाद और संचार की एक ही भाषा होती है- अंग्रेजी।…
View More भारत सिर्फ़ अंग्रेजी ही नहीं बोलता!चन्द पैसों के अपनों का खून… क्या ये शर्म से डूब मरने की बात नहीं है?
ज़िन्दगी को बेहतर बनाने के लिए यक़ीनन पैसा ज़रूरी है, लेकिन सिर्फ़ और सिर्फ़ पैसा ही ज़रूरी नहीं है। इंसान को जीने के लिए समाज,…
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