‘डॉटर्स डे’ पर एक बेटी का सरोकार बेटियों के लिए, कविता के जरिए!

अपूर्वा पाठक, दिल्ली से, 27/ 9/2020

समाजसेवी डॉक्टर भरत और नन्दिता पाठक की बड़ी बेटी अपूर्वा की परवरिश इस तरह की हुई है कि वे सामाजिक सरोकारों से अपने आप को दूर नहीं रख पातीं। उनका बचपन ‘भारत रत्न’ नानाजी देशमुख के सान्निध्य में बीता है। उन्होंने छुटपन से ही अपने पिता-माता को भी समाज की सेवा में जीवन खपाते हुए देखा है। देख रही हैं। इसीलिए उनकी यह प्रकृति और प्रवृत्ति स्वाभाविक ही है। इसी प्रवृत्ति और प्रकृति की प्रेरणा है कि रविवार, 27 सितम्बर को जब दुनिया ने पश्चिमी संस्कृति वाला ‘डॉटर्स डे’ (Daughters’ Day) मनाया तो अपूर्वा के मनोभाव देश की बेटियों, बेटी से माँ बनती और माँ से दादी-नानी बनती महिलाओं के लिए फूट पड़े। उनकी अपनी लिखी हुई कविता के जरिए। यह कविता सुनने लायक तो है ही, हमें सोचने के लिए भी मजबूर करती है। इस कविता ने अपूर्वा ने जिन मुद्दों को उठाया है, उन तमाम मुद्दों से चूँकि #अपनीडिजिटलडायरी का भी ‘सरोकार’ है। इसीलिए अपूर्वा का यह वीडियो, उनकी यह कविता #अपनीडिजिटलडायरी के पन्ने पर है। 

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अपूर्वा ने यह वीडियो #अपनीडिजिटलडायरी को फेसबुक मैसेन्जर के जरिए भेजा है।

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