हैडफोन ने अल्का याग्निक से सुनने की ताक़त छीन ली, क्या अब भी हम सचेत न होंगे?

टीम डायरी

हिन्दी फिल्मों की मशहूर गायिका अल्का याग्निक को सुनाई देना बन्द हो गया है। उन्होंने ख़ुद अभी दो दिन पहले इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी पोस्ट में लिखा,

“कुछ हफ़्तों पहले की बात है। एक दिन हवाई जहाज से उतरने के बाद अचानक मुझे लगा कि मैं कुछ सुन नहीं पा रही हूँ। इतने सप्ताह की चुप्पी के बाद मैं अब अपने प्रशंसकों, शुभचिन्तकों को इस बारे में बताने की हिम्मत जुटा सकी हूँ। इस हादसे के कारण ही मैं कई दिनों से सार्वजनिक गतिविधियों से दूर भी थी। मेरे चिकित्सकों ने बताया है कि यह दुर्लभ क़िस्म का वायरल अटैक है। इस अचानक लगे सदमे से मैं अब तक उबर नहीं पाई हूँ। मेरे लिए दुआ कीजिएगा। और हाँ, मैं अपने प्रशंसकों और युवा साथियों के लिए एक बात और जोड़ देना चाहती हूँ कि बहुत तेज संगीत न सुनें। साथ ही, हैडफोन का भी अधिक इस्तेमाल न करें।”

किसी जानी-मानी शख़्सियत के साथ भारत में हुई सम्भवत: यह पहली घटना है। हालाँकि सामान्य लोगों के साथ ऐसा होता रहता है। और ऐसा हमारा नहीं, बल्कि विशेषज्ञों का कहना है। 

इसे भी पढ़ लीजिए, काम आएगा :

सावधान…ये जो कान में अपन इयरफोन ठूँस लेते हैं न, यह हमें बहरा बना रहे हैं!

अभी मार्च के महीने में ही #अपनीडिजिटलडायरी ने एक लेख (ऊपर उसके शीर्षक के साथ लिंक दी गई है) में बताया था कि जो लोग रोज 80 मिनट (यानि डेढ़ घंटे से भी कम) इयरफोन, इयरबड्स, हैडफोन, आदि का इस्तेमाल करते हैं, वे बहुत जल्द 22.6% तक बहरे हो सकते हैं। यही नहीं, जो लोग 80 मिनट से अधिक समय तक रोज़ इनमें से किसी  का भी उपयोग करते हैं, उनके बहरे होने का ख़तरा इससे भी चार-पाँच गुणा ज़्यादा होता है। 

और अब तो अल्का याग्निक जैसी मशहूर हस्ती के रूप में इसका ‘चर्चित प्रमाण’ भी सामने है।

तो क्या अब भी हम सचेत नहीं होंगे? अल्का जी ने ख़ुद हैडफोन, इयरबड्स, इयरफोन, आदि का अधिक इस्तेमाल न करने की अपील की है। कम से कम उनके अनुभव से निकली इस गुहार पर ही ग़ौर कर लें!! 

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