सांकेतिक तस्वीर
टीम डायरी
अक्सर हम जानवरों, पक्षियों, आदि को बेज़ुबान कह देते हैं। यह मान लेते हैं कि उनमें बुद्धि नहीं होती। समझ नहीं होती। भावनाएँ और संवेदनाएँ नहीं होतीं। जबकि ये झूठी धारणाएँ हैं। सच्चाई यह है कि उनकी ज़ुबान होती है। उनकी अपनी भाषा होती है। उनमें बुद्धि और समझ होती है। उनमें भावनाएँ, संवेदनाएँ भी होती हैं।
यक़ीन न हो तो नीचे दिया गया वीडियो देख लीजिए।
वीडियो में दिख रहा तोते की प्रजाति का पक्षी अपनी मालकिन से बिछड़ गया था। शायद चोरी हो गया था। लेकिन फिर किन्हीं भले लोगों को मिल भी गया। उन्होंने जानकारी जुटाकर उस पक्षी को उसकी मालकिन से मिलवा दिया। और देखिए, दोबारा मिलने के बाद दोनों ही किस तरह अपनी ख़ुशी व्यक्त कर रहे हैं।
है न, दिलचस्प और प्रचलित धारणाएँ बदलने वाला?
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