वह मानो किसी सपने से उठी हो। रात के सपने से, भयावह रात के सपने से बाहर आकर सीधे तनकर खड़ी हो गई हो। उसकी…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वहाँ रोजी मैडबुल का अब कहीं नामो-निशान नहीं था!Category: चुनिन्दा पन्ने
सांस्कृतिक पुनर्जागरण कैसे होगा? और उसका मार्गदर्शन कौन करेगा?
हमारे सांस्कृतिक पुनर्जागरण में सनातन श्रौत यज्ञ परम्परा के महत्व का अन्तिम भाग दो सप्ताह पहले पूरा किया। एक बोझिल, अरुचिकर और पुरातनपन्थी विषय पर…
View More सांस्कृतिक पुनर्जागरण कैसे होगा? और उसका मार्गदर्शन कौन करेगा?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह पटाला थी, पटाला का भूत सामने मुस्कुरा रहा था!
दुनिया एकाएक आदिमयुगीन अराजकता में पहुँच गई। बेलगाम नफरत और क्रोध की जहरीली हवा अंबा के फेंफड़ों में भर गई थी। वह अपने आप में…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह पटाला थी, पटाला का भूत सामने मुस्कुरा रहा था!“घर में पत्नी का चेहरा पति कितनी देर देखेगा”, ऐसा भाव रखने वाला व्यक्ति प्रतिष्ठित कैसे?
भारतीय संस्कृति कर्म प्रधान है। वैदिक ऋषि ने व्यक्ति के लक्ष्यों की अवधारणा प्रस्तुत की, तब उसने धर्म के बाद अर्थ की अवधारणा को दूसरे…
View More “घर में पत्नी का चेहरा पति कितनी देर देखेगा”, ऐसा भाव रखने वाला व्यक्ति प्रतिष्ठित कैसे?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : डायन को जला दो! उसकी आँखें निकाल लो!
“गए, गायब हो गए! सब गायब हो गए!” एक आदमी खाली जगह की ओर इशारा करते हुए बेवकूफों की तरह बड़बड़ाने लगा। एक क्षण पहले…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : डायन को जला दो! उसकी आँखें निकाल लो!अधर्मसापेक्षता आत्मघाती है, रक्षा वैदिक यज्ञ संस्कृति से होगी
शृंखला के पूर्व भागों में हमने सनातन के नाम पर प्रचलित भ्रांतियों को देखा। इन भ्रांतियों के प्रचलित और प्रभावशाली होने के कारण यानी वैदिक…
View More अधर्मसापेक्षता आत्मघाती है, रक्षा वैदिक यज्ञ संस्कृति से होगी‘मायावी अम्बा और शैतान’ : डायन का अभिशाप है ये, हे भगवान हमें बचाओ!
बर्फीली ओस ने उसके चेहरे को जो ठंडक दी, वह किसी नए आतंक की आमद का ऐलान भी था। इसलिए कि इससे पहले किसी को…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : डायन का अभिशाप है ये, हे भगवान हमें बचाओ!हमारे राष्ट्रगान में जिस ‘अधिनायक’ का ज़िक्र है, क्या वह ‘भारत की नियति’ ही है?
भारत के राष्ट्रगान ‘जन गण मन…’ से जुड़ी अहम तारीख़ है, 27 दिसम्बर। सन् 1911 में इसी तारीख़ को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता (कोलकाता…
View More हमारे राष्ट्रगान में जिस ‘अधिनायक’ का ज़िक्र है, क्या वह ‘भारत की नियति’ ही है?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : किसी लड़ाई का फैसला एक पल में नहीं होता
वह रोध था, दुख के कारण आधा पगलाया हुआ सा। अभी जो भी उसके पास आने की कोशिश करता, वह उसे बंदूक लहराकर डराने की…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : किसी लड़ाई का फैसला एक पल में नहीं होताजंगल कम, पेड़ ज्यादा हो गए… मतलब? जंगली जानवरों के घर में इंसान ने घुसपैठ कर ली!
अभी बीते शनिवार, 21 दिसम्बर को केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की। ‘भारत के वनों की स्थिति रिपोर्ट (आईएसएफआर)- 2023’ इसका नाम है।…
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