“In a world that’s rapidly evolving, India is taking giant strides towards a future that’s cashless, contactless, and convenient. Today, I’ll delve into the transformative…
View More Dream of Digital India : A cashless India is the first step towardsCategory: चुनिन्दा पन्ने
सनातन धर्म क्या है?
(लेखक विषय की गम्भीरता और अपने ज्ञानाभास की सीमा से अनभिज्ञ नहीं है। वह न तो वैदिक या शास्त्रीय परम्परा का अभ्यासी है और न…
View More सनातन धर्म क्या है?‘मायावी अम्बा और शैतान’: मैं उसे ऐसे छोड़कर नहीं जा सकता, वह मुझसे प्यार करता था!
अंबा को यूँ सामने देखकर तनु बाकर के होश उड़ गए। अंबा जिस तरह से उसे घूर रही थी, उससे साफ था कि उसे गहरा…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: मैं उसे ऐसे छोड़कर नहीं जा सकता, वह मुझसे प्यार करता था!देखिए ‘जानवरख़ोर इंसान’ ने हाथियों को भी ‘आदमख़ोर’ बना दिया!
शीर्षक पढ़कर चौंक सकते हैं, क्योंकि हाथी तो शाकाहारी होते हैं। माँसाहार में उनकी रुचि नहीं। यह उनका भोजन नहीं। और इंसान के तो वे…
View More देखिए ‘जानवरख़ोर इंसान’ ने हाथियों को भी ‘आदमख़ोर’ बना दिया!सम्पदायों के भीड़तंत्र में आख़िर सनातन कहाँ है?
‘सनातन’ शब्द आजकल के बोलचाल में काफी ज्यादा प्रचलित हो गया है। यह इतना व्यापक हो गया है कि जो व्यक्ति अब्राहिमी यानी इस्लामिक, यहूदी,…
View More सम्पदायों के भीड़तंत्र में आख़िर सनातन कहाँ है?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उस वासना को तुम प्यार कहते हो? मुझे भी जानवर बना दिया तुमने!
खुद को सँभालने के लिए अंबा ने अपनी दोनों बाँहें शरीर के इर्द-गिर्द लपेट लीं। उसे उम्मीद नहीं थी कि कभी इस तरह भी कोई…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उस वासना को तुम प्यार कहते हो? मुझे भी जानवर बना दिया तुमने!‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उस घिनौने रहस्य से परदा हटते ही उसकी आँखें फटी रह गईं
तभी अचानक किसी पेड़ की शाख के चटकने की आवाज से वह चौंक गई। वह ठिठकी और उसका दायाँ हाथ कमर के बेल्ट से बँधी…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उस घिनौने रहस्य से परदा हटते ही उसकी आँखें फटी रह गईं‘न्याय की देवी’ की अब आँखें खोलकर न्याय करेगी…, क्या सच?
हिन्दुस्तान में ‘न्याय की देवी’ ने अपना स्वरूप बदल लिया है।
View More ‘न्याय की देवी’ की अब आँखें खोलकर न्याय करेगी…, क्या सच?मीडिया बताए, इस देश में सम्प्रदाय क्या एक ही ‘विशेष’ है और बाकी सब भीड़ हैं?
मेरी पुरानी आदत में थोड़ा परिवर्तन आ गया है। अब सुबह-सुबह अखबार से खबर नहीं पढ़ता। ख़बरिया वेबसाइटों पर ख़बरें देखने लगता हूँ। इससे पूरे…
View More मीडिया बताए, इस देश में सम्प्रदाय क्या एक ही ‘विशेष’ है और बाकी सब भीड़ हैं?‘फोर्टिफाइड राइस’ नहीं है ‘नाइस’, तो हम इसे मंज़ूरी दे ही क्यों रहे हैं?
न्यूनतम उद्यम और बड़े जुमले और क्रियान्वयन के लिए बड़ा अमला बनाना किसी भी सरकारी योजना की खास शर्त है। इसमें कई रोजगार और अवसर…
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