बिहार में ‘एनडीए’ की प्रचण्ड जीत लगभग पूर्वनिर्धारित नतीजा थी, क्योंकि राज्य ने बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के लिए सरकारी…
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भाषायी आतंक : हिन्दी बोलने के ‘गुनाह’ पर इतना मारा कि उसने आत्महत्या कर ली!
यह आतंक का एक ऐसा प्रतिरूप है, जो पूरी दुनिया में सिर्फ और सिर्फ हिन्दुस्तान में ही देखने को मिलता है। यह है, ‘भाषायी आतंक’।…
View More भाषायी आतंक : हिन्दी बोलने के ‘गुनाह’ पर इतना मारा कि उसने आत्महत्या कर ली!वैश्विक अर्थव्यवस्था के दुष्चक्र में फँसा भारत इससे बाहर कैसे निकल सकता है?
अमेरिका आज भ्रमित है। वहीं जोहरान ममदानी (अमेरिका के विपक्षी दल- डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और वहाँ के प्रमुख शहर न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित भारतवंशी महापौर)…
View More वैश्विक अर्थव्यवस्था के दुष्चक्र में फँसा भारत इससे बाहर कैसे निकल सकता है?“पाकिस्तान हमें मौका दे तो…” दे तो दिया उसने, हम अब उसे सबक कब सिखाएँगे?
इसी साल के जून महीने की बात है यह। पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ के जरिए निर्णायक कार्रवाई के बाद भारत के…
View More “पाकिस्तान हमें मौका दे तो…” दे तो दिया उसने, हम अब उसे सबक कब सिखाएँगे?भारत-दक्षिण अफ्रीका पहला टेस्ट : जिसे ‘बौना’ कहा, उसी ने ‘बड़े घमंडियों’ को बौना किया!
महज दो दिन पहले की बात है। विश्व क्रिकेट के ‘बड़े घमंडियों’ (अपने आप को ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की तरह बनाने पर तुले भारतीय क्रिकेटर) ने…
View More भारत-दक्षिण अफ्रीका पहला टेस्ट : जिसे ‘बौना’ कहा, उसी ने ‘बड़े घमंडियों’ को बौना किया!हफ्ते में तीन-चार दिन भी ‘बाल दिवस’ मना लें तो ‘मधुमेह दिवस’ की नौबत नहीं आएगी!
सप्ताह में तीन-चार दिन भी अगर ‘बाल दिवस’ मना लिया जाए, तो जीवन में कभी ‘मधुमेह दिवस’ यानि ‘डाइबिटीज डे’ मनाने की नौबत नहीं आएगी।…
View More हफ्ते में तीन-चार दिन भी ‘बाल दिवस’ मना लें तो ‘मधुमेह दिवस’ की नौबत नहीं आएगी!ऑस्ट्रेलिया में एक और क्रिकेटर की मौत, क्या इस खेल में अधिक सुरक्षा जरूरी नहीं?
ऑस्ट्रेलिया में एक और क्रिकेटर की जान चली गई। छोटा ही था वह। महज 17 साल का। बेन ऑस्टिन नाम था। अपने क्लब में नेट…
View More ऑस्ट्रेलिया में एक और क्रिकेटर की मौत, क्या इस खेल में अधिक सुरक्षा जरूरी नहीं?कविता : अन्दर का अँधेरा
बहुत हुआ,फ्लैश,झिलमिल,स्मॉग लाइट से ,जगमग जग,आओ!मिटाएँ अँधेरा अन्दर का। लो एक मार्जक,खुरदरा,खुरचो!वहाँ,जहाँ होने थे,रंग – सरल,न बिखरे शब्द ,भले विरल। वे शब्द जो,जताते हैं,अभिजात और…
View More कविता : अन्दर का अँधेराभारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई सेवानिवृत्त हो रहे हैं, मगर सवाल छोड़ जा रहे हैं
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी जगह नए मुख्य न्यायाधीश को चुने जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगले…
View More भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई सेवानिवृत्त हो रहे हैं, मगर सवाल छोड़ जा रहे हैंकविता : जब सालभर में भी दीवाली पर बच्चे घर नहीं आते..!!
घर में जब अकेले रह जाते हैं त्यौहारों पर बुजुर्ग।तब दादा-दादी की आँखों में उजियारा नहीं होता।बूढ़ी आँखें तरस जाती हैं-अपनों का साथ पाने को।जब…
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