यूँ तो मौत, मौत ही होती है, लेकिन परिवार, समाज और राष्ट्र पर उसका असर मुख़्तलिफ़ होता है। कभी कोई एक ही मौत पूरी क़ौम…
View More जो मीडिया आपके मुद्दे नहीं उठाता, वह सिर्फ़ आपकी ग़फ़लत को बेचकर खीसे भर रहा है!Category: चुनिन्दा पन्ने
क्या हम पारसियों और उनके नए साल के बारे में जानते हैं? जान लीजिए, न जानते हों तो!
आज पारसियों की एक कहानी याद करते हैं। ये लोग पहले ईरान में रहा करते थे। फिर जब 1300 साल पहले ईरान पर अरब मुसलमानों…
View More क्या हम पारसियों और उनके नए साल के बारे में जानते हैं? जान लीजिए, न जानते हों तो!‘मायावी अंबा और शैतान’ : मैडबुल को ‘सामाजिक कार्यकर्ताओं’ से सख्त नफरत थी!
वैसे, कुछ लोग कहा करते थे कि बैकाल जेल वास्तव में पूरी जेल-व्यवस्था का नियंत्रण तंत्र है। यहाँ दूसरी जगहों से भी तमाम खतरनाक कैदी…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : मैडबुल को ‘सामाजिक कार्यकर्ताओं’ से सख्त नफरत थी!चारित्रिक रूप से हर किस्म का उपनिवेशवाद भड़िहाई ही है!
‘भड़िहाई’ शब्द बड़ा गहन अर्थ समेटे हुए है। सीधे-सीधे इसका तात्पर्य छोटी-मोटी चोरी-चकारी से लिया जाता है। लेकिन इस छोटी-मोटी समझी जाने वाली चोरी-चकारी में…
View More चारित्रिक रूप से हर किस्म का उपनिवेशवाद भड़िहाई ही है!इस भ्रम से निकलने का प्रयास करें कि भारत और भारत के लोग आक्रमण नहीं करते
भारत अपनी समृद्धि और वैभव के कारण हमेशा भारतेत्तर भूभाग के निवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। इस आकर्षण के कारण भारत ने…
View More इस भ्रम से निकलने का प्रयास करें कि भारत और भारत के लोग आक्रमण नहीं करतेकाए खाँ दोष लगा रए मो खाँ….किनकी बातन में अब आए, लाला हरदौल, भाभी के परम पयारे!
बुन्देलखंड का मशहूर पर्यटन स्थल खजुराहो। वहाँ की गलियों में रोज़ की तरह एक फ़क़ीर इकतारा लेकर गा रहा है, “भाभी के परम पयारे। लाला…
View More काए खाँ दोष लगा रए मो खाँ….किनकी बातन में अब आए, लाला हरदौल, भाभी के परम पयारे!‘मायावी अंबा और शैतान’ : तुझे पता है वे लोग पीठ पीछे मुझे क्या कहते हैं…..‘मौत’
भाड़े के अपने रंगरूटों के सामने उसने अपना भारी-भरकम हाथ बर्फ से भरी बाल्टी में डाल दिया। गले से लेकर पीठ तक उसकी खाल मानो…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : तुझे पता है वे लोग पीठ पीछे मुझे क्या कहते हैं…..‘मौत’त्यौहार सिर्फ़ अमीरों का ही नहीं, बल्कि हर गरीब का भी होता है, लोगों के बारे में साेचिए
महँगाई और ग़रीबी सिर्फ़ भारत की नहीं, बल्कि पूरे विश्व की बड़ी समस्या है। लेकिन आज मैं इन दोनों में से किसी भी विषय में…
View More त्यौहार सिर्फ़ अमीरों का ही नहीं, बल्कि हर गरीब का भी होता है, लोगों के बारे में साेचिए‘मायावी अंबा और शैतान’ : मुझे अपना ख्याल रखने के लिए किसी ‘डायन’ की जरूरत नहीं!
“हाँ! तुम्हारी बहन ने मुझे यह भेंट दी थीं,” फिर कुछ ठहर कर बोली, “और ये चाँदी की पायल भी। मुझे हमेशा पता होता है…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : मुझे अपना ख्याल रखने के लिए किसी ‘डायन’ की जरूरत नहीं!‘मायावी अंबा और शैतान’ : वह उस दिशा में बढ़ रहा है, जहाँ मौत निश्चित है!
नकुल जानता था कि वह बागियों के दल में सक्रिय सदस्य के तौर पर शामिल होने के लिए कभी पूरी तरह तैयार नहीं था। अभी…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : वह उस दिशा में बढ़ रहा है, जहाँ मौत निश्चित है!