Vrindavan

मेरो मन, मेरो वृन्दावन : सियाराममय सब जग जानीं…

वृन्दावन को यदि हम निखालिस भौतिकता की दृष्टि से देखें तो वह उतना ही पाँचभौतिक है, जितना कोई और वन, गाँव, कस्बा या नगर। वही…

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Mayavi Amba-27

‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह तब तक दौड़ती रही, जब तक उसका सिर…

अंबा के लिए बैकाल जेल से दूर निकल जाना बहुत जरूरी था। कोई और रास्ता नहीं था, सिवाय इसके कि वह सामने दिख रहे अँधेरे,…

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War

महायुद्ध पूर्व की लड़ाइयाँ जहाँ होती हैं, वहाँ क्यों इनका आभास भी नहीं होता?

विश्व एक संरचनात्मक बदलाव की स्थिति में प्रवेश कर चुका है। दरक रही निवर्तमान विश्व-व्यवस्था के लक्षणों पर कहीं कोई आवाज़ नहीं हो रही है।…

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DiaryWani-4

काम को संज़ीदगी से नहीं किया, तो समझो पत्ता साफ़?

कुछ लोगों की आदत होती है कि वे अपने ही काम के प्रति बहुत संज़ीदा नहीं होते। उसे चलताऊ तरीक़े से किया करते हैं। इसलिए…

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ज़िन्दगी में ‘मूड’ नहीं, बल्कि हमारा ‘मूव’ मायने रखता है

हम अक्सर मूड को अपने ऊपर हावी पाते हैं। यानी जब मूड हुआ तो कोई काम करेंगे, और नहीं हुआ तो नहीं करेंगे। इससे हमेशा…

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Do Chehare

,एक कविता….. ‘क़ातिल ऐशगाह!’

देर रात भूखे कुत्तों को पैकबंद फूड लिए घूमते हैं शफ़ीक़। वह बेक़सूर जानवरों के मुर्दा ज़िस्मों से बना होता है।।नेकी-पुण्य कमाने के लिए जो…

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Panini

संस्कृत की संस्कृति : पतंजलि ने क्यों कहा कि पाणिनि का शास्त्र महान् और सुविचारित है

हम आचार्य पाणिनि के व्याकरण की चर्चा कर रहे थे। वास्तव में आचार्य केवल व्याकरण का ग्रन्थ नहीं लिख रहे थे। अपितु वह भारतीय समाज…

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Indian Dress

अपने मुल्क के तौर-तरीक़ों और पहनावे से लगाव रखना भी देशभक्ति है

अंग्रेजी की कहावत है, “फर्स्ट इमप्रेशन इज़ द लास्ट इम्प्रेशन।” अक्सर हम सुनते रहते हैंl और इस कहावत का मतलब अक्सर किसी के कपड़ों से…

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Orchha

ओरछा : उद्दंड आधुनिकता से ‘मूल हुआ निर्मूल’, कैसे? देखिए इस वीडियो में!

यह वीडियाे देवांशु झा ने बनाया है। देवांशु झारखंड के देवघर से ताल्लुक़ रखते हैं। दिल्ली में लगभग 20 वर्ष तक टीवी पत्रकारिता कर चुके…

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Fraud-Restraunt

क्या रेस्टोरेंट्स और होटल भी अब ‘हनी ट्रैप’ के जरिए ग्राहक फँसाने लगे हैं?

हमारा समाज ऐसा है, जिसमें हर कोई ख़ुद को सम्पूर्ण ज्ञानी मानता है। और अपनी या अपने फैसले की तुलना में दूसरे को कमतर या…

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