वृन्दावन को यदि हम निखालिस भौतिकता की दृष्टि से देखें तो वह उतना ही पाँचभौतिक है, जितना कोई और वन, गाँव, कस्बा या नगर। वही…
View More मेरो मन, मेरो वृन्दावन : सियाराममय सब जग जानीं…Category: चुनिन्दा पन्ने
‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह तब तक दौड़ती रही, जब तक उसका सिर…
अंबा के लिए बैकाल जेल से दूर निकल जाना बहुत जरूरी था। कोई और रास्ता नहीं था, सिवाय इसके कि वह सामने दिख रहे अँधेरे,…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह तब तक दौड़ती रही, जब तक उसका सिर…महायुद्ध पूर्व की लड़ाइयाँ जहाँ होती हैं, वहाँ क्यों इनका आभास भी नहीं होता?
विश्व एक संरचनात्मक बदलाव की स्थिति में प्रवेश कर चुका है। दरक रही निवर्तमान विश्व-व्यवस्था के लक्षणों पर कहीं कोई आवाज़ नहीं हो रही है।…
View More महायुद्ध पूर्व की लड़ाइयाँ जहाँ होती हैं, वहाँ क्यों इनका आभास भी नहीं होता?काम को संज़ीदगी से नहीं किया, तो समझो पत्ता साफ़?
कुछ लोगों की आदत होती है कि वे अपने ही काम के प्रति बहुत संज़ीदा नहीं होते। उसे चलताऊ तरीक़े से किया करते हैं। इसलिए…
View More काम को संज़ीदगी से नहीं किया, तो समझो पत्ता साफ़?ज़िन्दगी में ‘मूड’ नहीं, बल्कि हमारा ‘मूव’ मायने रखता है
हम अक्सर मूड को अपने ऊपर हावी पाते हैं। यानी जब मूड हुआ तो कोई काम करेंगे, और नहीं हुआ तो नहीं करेंगे। इससे हमेशा…
View More ज़िन्दगी में ‘मूड’ नहीं, बल्कि हमारा ‘मूव’ मायने रखता है,एक कविता….. ‘क़ातिल ऐशगाह!’
देर रात भूखे कुत्तों को पैकबंद फूड लिए घूमते हैं शफ़ीक़। वह बेक़सूर जानवरों के मुर्दा ज़िस्मों से बना होता है।।नेकी-पुण्य कमाने के लिए जो…
View More ,एक कविता….. ‘क़ातिल ऐशगाह!’संस्कृत की संस्कृति : पतंजलि ने क्यों कहा कि पाणिनि का शास्त्र महान् और सुविचारित है
हम आचार्य पाणिनि के व्याकरण की चर्चा कर रहे थे। वास्तव में आचार्य केवल व्याकरण का ग्रन्थ नहीं लिख रहे थे। अपितु वह भारतीय समाज…
View More संस्कृत की संस्कृति : पतंजलि ने क्यों कहा कि पाणिनि का शास्त्र महान् और सुविचारित हैअपने मुल्क के तौर-तरीक़ों और पहनावे से लगाव रखना भी देशभक्ति है
अंग्रेजी की कहावत है, “फर्स्ट इमप्रेशन इज़ द लास्ट इम्प्रेशन।” अक्सर हम सुनते रहते हैंl और इस कहावत का मतलब अक्सर किसी के कपड़ों से…
View More अपने मुल्क के तौर-तरीक़ों और पहनावे से लगाव रखना भी देशभक्ति हैओरछा : उद्दंड आधुनिकता से ‘मूल हुआ निर्मूल’, कैसे? देखिए इस वीडियो में!
यह वीडियाे देवांशु झा ने बनाया है। देवांशु झारखंड के देवघर से ताल्लुक़ रखते हैं। दिल्ली में लगभग 20 वर्ष तक टीवी पत्रकारिता कर चुके…
View More ओरछा : उद्दंड आधुनिकता से ‘मूल हुआ निर्मूल’, कैसे? देखिए इस वीडियो में!क्या रेस्टोरेंट्स और होटल भी अब ‘हनी ट्रैप’ के जरिए ग्राहक फँसाने लगे हैं?
हमारा समाज ऐसा है, जिसमें हर कोई ख़ुद को सम्पूर्ण ज्ञानी मानता है। और अपनी या अपने फैसले की तुलना में दूसरे को कमतर या…
View More क्या रेस्टोरेंट्स और होटल भी अब ‘हनी ट्रैप’ के जरिए ग्राहक फँसाने लगे हैं?