महाराज ने औरंगजेब के खिलाफ युद्ध छेड़ने का फैसला किया। राजधानी के सामने सिर्फ छह कोस की दूरी पर था कोंढाणा उर्फ सिंहगढ़। सबसे पहले…
View More शिवाजी ‘महाराज’ : तान्हाजीराव मालुसरे बोल उठे, “महाराज, कोंढाणा किले को में जीत लूँगा”Category: चुनिन्दा पन्ने
शिवाजी ‘महाराज’ : औरंगजेब की जुल्म-जबर्दस्ती खबरें आ रही थीं, महाराज बैचैन थे
समूचे मुगल राजवंश में औरंगजेब-सा गुणी आदमी दूसरा कोई नहीं था। बाबर, अकबर, शाहजहान और दाराशिकोह वगैरा से उसका व्यक्तित्त्व कई मायनों में अधिक समृद्ध…
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महाराज आगरा से छूटकर आए और उन्होंने स्वराज्य की शासन-प्रणाली अधिक बलशाली, शास्त्रशुद्ध बनाई। जमीन के लगान की पद्धति, पैदल फौज तथा घुड़दल की संरचना…
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महाराज के साथ आगरा गए सब लोग स्वराज्य में लौट आए। कवीन्द्र परमानन्द भी दौसा तक आ गए लेकिन वहाँ पर वे पकड़े गए। उन्हें…
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अपमानों की परिसीमा हुई और महाराज ऐन दरबार में भड़क उठे। यही जसवन्त सिंह मराठा सैनिकों से मात खाकर, उन्हें पीठ दिखाकर भाग खड़ा हुआ…
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पुरन्दरगढ़ को जीतने की खातिर दिलेर खान ने लगातार दो महीने अथक मेहनत की। लेकिन बारूद के अजस्त्र भंडार, लक्षावधि रुपए और हजारों सैनिकों के…
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मिर्जा राजा जयसिंह। राजस्थान के आमेर के महाराजा थे। बहुत बहादुर। बड़े कूटनीतिज्ञ भी। आठ साल की उमर में वह मुगल सम्राट जहाँगीर के सरदार…
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महाराज ने एक नौदलीय मुहिम की योजना बनाई। कारवार किनारे के बसनूर शहर पर हमला करना था। मालवन बन्दरगाह से जहाजों का काफिला लेकर महाराज…
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कोंकण के कुडाल में खवास खान डेरा डाले बैठा था। वह बाजी घोरपड़े का इंतजार कर रहा था। इतने में दलबल सहित महाराज ही वहाँ…
View More शिवाजी महाराज : जब शिवाजी ने अपनी आऊसाहब को स्वर्ण से तौल दिया‘गौवंश आधारित जीवन शैली और अर्थव्यवस्था’ पर ऑनलाइन संगोष्ठी 26 मार्च को
हम ‘गौवंश आधारित जीवन शैली और अर्थव्यवस्था’ की संकल्पना किस तरह कर सकते हैं? इसकी अहमियत को कैसे समझ सकते हैं? इस बात को विशेषज्ञों…
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