Shivaji-War

शिवाजी महाराज : लड़ाइयाँ ऐसे ही निष्ठावान् सरदारों, सिपाहियों के बलबूते पर जीती जाती हैं

खान जब बीजापुर से चला था तो विदाई से पहले बादशाह अली आदिल शाह और बड़ी बेगम ने साफ शब्दों में कह दिया था, “उस…

View More शिवाजी महाराज : लड़ाइयाँ ऐसे ही निष्ठावान् सरदारों, सिपाहियों के बलबूते पर जीती जाती हैं
Shivaji-Afzal Khan

शिवाजी महाराज : शिवाजी राजे ने जब अफजल खान के खून से होली खेली!

शिवाजी राजे ने अफजल खान से लोहा लेने की ठान ली। इसी अफजल खान ने बेड़ियाँ डालकर उनके पिता की बारात निकाली थी। इसी ने…

View More शिवाजी महाराज : शिवाजी राजे ने जब अफजल खान के खून से होली खेली!
Afzal Khan

शिवाजी महाराज : शाही तख्त के सामने बीड़ा रखा था, दरबार चित्र की भाँति निस्तब्ध था

कोंकण में शिवाजी राजे ने तहलका मचा दिया था। बीजापुर दरबार में लगातार वही खबरें आ रही थीं। शाही दौलत को जबर्दस्त खतरा पैदा हो…

View More शिवाजी महाराज : शाही तख्त के सामने बीड़ा रखा था, दरबार चित्र की भाँति निस्तब्ध था
Nirgun-Holi

निर्गुण की होरी : गगन मंडल अरूझाई, नित फाग मची है…

होली मतलब रंग। रंग है तो रंगने वाला होगा ही। फिर अगर कोई आए और सीधे रंगकर चला जाए तो भला होली कैसी? बिना चुहल…

View More निर्गुण की होरी : गगन मंडल अरूझाई, नित फाग मची है…
Samarth Ramdas-Shivaji

शिवाजी महाराज : कमजोर को कोई नहीं पूछता, सो उठो! शक्ति की उपासना करो

पुरन्दर गढ़ के किलेदार नीलकण्ठराव सरनाईक का देहान्त हुआ (सन् 1654 का तीसरा हफ्ता)। पाँच महीने बाद शिवाजी ने पुरन्दर पर कब्जा कर लिया। नेताजी…

View More शिवाजी महाराज : कमजोर को कोई नहीं पूछता, सो उठो! शक्ति की उपासना करो
Shivaji-Battle

शिवाजी महाराज : बोलो “क्या चाहिए तुम्हें? तुम्हारा सुहाग या स्वराज्य?

शहाजी राजे को छल से कैद किया गया। चोर-डाकुओं की तरह बेड़ियाँ डालकर बीजापुर भेजा गया। लिवा ले जाने का काम अफजल खान के हिस्से…

View More शिवाजी महाराज : बोलो “क्या चाहिए तुम्हें? तुम्हारा सुहाग या स्वराज्य?
Shiv-Holi

भूत, पिशाच, बटोरी…. दिगम्बर खेलें मसाने में होरी

होलिका दहन को अभी चार दिन शेष थे। किन्तु फागुन की फागुआहट ने सबको सराबोर कर लिया था। काशी तो कुछ ज्यादा ही उत्सवी लहक…

View More भूत, पिशाच, बटोरी…. दिगम्बर खेलें मसाने में होरी
Pyre

एकान्त की अकुलाहट : मौत के तांडव में मुस्कान के मोती ढूँढने का नाम है जीवन

दुख बहुत आहिस्ते से आता है और लम्बे समय तक जीवन की झोली में पड़ाव डालता है। अपना दायरा बड़ा करता है। और एक दिन…

View More एकान्त की अकुलाहट : मौत के तांडव में मुस्कान के मोती ढूँढने का नाम है जीवन
Self Promotion

लगा लगा लगा रे… सेल्फ़ प्रमोशन का रोग

आज बहुत दिन बाद फ़ेसबुक पर जाना हुआ। स्क्रॉल करना शुरू किया। ज़्यादातर पोस्ट तस्वीरों की। अपनी तस्वीरें। चूँकि जिस अकाउंट से फ़ेसबुक खोला था,…

View More लगा लगा लगा रे… सेल्फ़ प्रमोशन का रोग
Kasba Ganpati

शिवाजी ‘महाराज’ : आदिलशाही फौज ने पुणे को रौंद डाला था, पर अब भाग्य ने करवट ली थी

शिवाजी राजे शुक्ल पक्ष की चन्द्रलेखा की तरह बढ़ रहे थे। रामायण, महाभारत, शास्त्र-पुराण वह एकतानता से सुन रहे थे। महारुद्र हनुमानजी की शक्ति और…

View More शिवाजी ‘महाराज’ : आदिलशाही फौज ने पुणे को रौंद डाला था, पर अब भाग्य ने करवट ली थी